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Moradabad News: दवा विक्रेता से ट्रेन में लूट करने वाले बदमाश को सात साल की कैद
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मुरादाबाद।
दिल्ली से बिहार के मोतिहारी जा रहे दवा विक्रेता को नशीली चाय पिलाकर लूटपाट करने वाले दोषी बदमाश को अदालत ने सात साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मुरादाबाद के जीआरपी थाने में 24 फरवरी 2020 को बिहार के चंपारण के राजेपुर निवासी वीरेंद्र कुमार ने केस दर्ज कराया था।
वह दिल्ली में दवा व्यापारी के यहां नौकरी करता है। उसे सूचना मिली थी कि उसकी मां की तबीयत खराब है। वह अपनी मां को देखने के लिए बिहार जा रहा था। वह आनंद विहार स्टेशन से मोतिहारी के लिए ट्रेन में सवार हुआ था। मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर उनके पास बैठे यात्री ने चाय मंगाई थी। वीरेंद्र कुमार ने भी चाय पी थी। जिसे पीकर वह बेहोश हो गया। जब होश आया तो उन्होंने अपने आप को सरकारी अस्पताल मोतिहारी में पाया। जिन्हें जीआरपी मोतिहारी पुलिस ने भर्ती कराया था। होश में आने के बाद पता चला कि उसके पास से दस हजार रुपये, सोने की अंगूठी और डेबिट कार्ड गायब था।
जीआरपी की विवेचना में पता चला कि बिहार के बहादुर गंज निवासी असलम शाह पुत्र निजामुद्दीन शाह ने इस घटना को अंजाम दिया था। जिसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे आठ अरुण कुमार की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता समर्थ शुक्ला ने बताया कि अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर असलम शाह को घटना का दोषी पाते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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दिल्ली से बिहार के मोतिहारी जा रहे दवा विक्रेता को नशीली चाय पिलाकर लूटपाट करने वाले दोषी बदमाश को अदालत ने सात साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मुरादाबाद के जीआरपी थाने में 24 फरवरी 2020 को बिहार के चंपारण के राजेपुर निवासी वीरेंद्र कुमार ने केस दर्ज कराया था।
वह दिल्ली में दवा व्यापारी के यहां नौकरी करता है। उसे सूचना मिली थी कि उसकी मां की तबीयत खराब है। वह अपनी मां को देखने के लिए बिहार जा रहा था। वह आनंद विहार स्टेशन से मोतिहारी के लिए ट्रेन में सवार हुआ था। मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर उनके पास बैठे यात्री ने चाय मंगाई थी। वीरेंद्र कुमार ने भी चाय पी थी। जिसे पीकर वह बेहोश हो गया। जब होश आया तो उन्होंने अपने आप को सरकारी अस्पताल मोतिहारी में पाया। जिन्हें जीआरपी मोतिहारी पुलिस ने भर्ती कराया था। होश में आने के बाद पता चला कि उसके पास से दस हजार रुपये, सोने की अंगूठी और डेबिट कार्ड गायब था।
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जीआरपी की विवेचना में पता चला कि बिहार के बहादुर गंज निवासी असलम शाह पुत्र निजामुद्दीन शाह ने इस घटना को अंजाम दिया था। जिसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे आठ अरुण कुमार की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता समर्थ शुक्ला ने बताया कि अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर असलम शाह को घटना का दोषी पाते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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