{"_id":"6aac4a64267013aeac03f221","slug":"secrets-revealed-following-the-fire-incident-firms-and-factories-were-operating-without-fire-nocs-moradabad-news-c-15-1-mbd1027-995513-2026-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: अग्निकांड के बाद खुल रहे राज, बिना फायर एनओसी के चल रहीं थीं फर्म और फैक्टरियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: अग्निकांड के बाद खुल रहे राज, बिना फायर एनओसी के चल रहीं थीं फर्म और फैक्टरियां
विज्ञापन
मुरादाबाद। जनपद में अग्निकांड से फर्म, फैक्टरी और गोदामों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। पिछले छह माह में जिले में फर्म, फैक्टरी और गोदामों में आग लगने की कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। इनमें कई इकाइयों के पास फायर एनओसी तक नहीं थी। हादसे के बाद जांच, नोटिस और कार्रवाई की बात सामने आती है, लेकिन सवाल यह है कि आग लगने से पहले इन इकाइयों की जांच क्यों नहीं हुई।
पिछले छह माह में 294 जगह आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। जिसमें घर, दुकान, फैक्टरी, खेत, गोदाम, फर्म समेत अन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं। आग लगने की बड़ी घटनाएं दस हुई हैं। 30 जुलाई की रात कोतवाली क्षेत्र में बुधबाजार की कृष्णा कॉलोनी में घनी आबादी के बीच मोमबत्ती फैक्टरी और गोदाम में भीषण आग लगी। अग्निशमन विभाग की टीम की जांच में सामने आया था कि फैक्टरी और गोदाम के पास फायर एनओसी नहीं थी। आग ने मालिक के घर के अलावा चार पड़ोसी मकानों को भी चपेट में ले लिया था। 14 सितंबर को कटघर के रामपुर दोराहा स्थित फैक्टरी में भीषण आग लग गई थी। थिनर, पेंट, गैस सिलिंडर और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया था। 31 मार्च की रात फैक्टरी में आग लग गई थी दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू तो पा लिया था लेकिन जांच में सामने आया था कि फैक्टरी बिना एनओसी के चल रही थी। पुराना टोल प्लाजा के पास दो फैक्टरियों में आग लग गई थी। यह फैक्टरियां भी बिना फायर एनओसी के चल रही थीं। हैरानी की बात यह है कि अग्निकांड से पहले इस प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।
-- -
केवल नोटिस तक सीमित कार्रवाई
प्रशासन और अग्निशमन विभाग की कार्रवाई केवल नोटिस जारी करने तक सीमित रही है। अग्निकांड के बाद जांच होती है और दोषी प्रतिष्ठानों को नोटिस भेज दिए जाते हैं। लेकिन इसके बाद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। न तो ऐसी इकाइयों को सील किया जाता है और न ही उन पर भारी जुर्माना लगाया जाता है।
विज्ञापन
-- --
पिछले छह माह में 294 जगह आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। जिसमें आग, दुकान, वाहन और ट्रांसफार्मर, फैक्टरी, गोदाम, फर्म में आग लगी हैं। आग लगने की बड़ी घटनाएं 10 हुई हैं। जिस फैक्टरी व फर्म में आग लगने की घटनाएं हुई थीं। जिसमें ज्यादातर में फायर एनओसी नहीं थीं। इन्हें नोटिस दिए गए हैं।
डॉ. राजीव कुमार पांडेय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
विज्ञापन
पिछले छह माह में 294 जगह आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। जिसमें घर, दुकान, फैक्टरी, खेत, गोदाम, फर्म समेत अन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं। आग लगने की बड़ी घटनाएं दस हुई हैं। 30 जुलाई की रात कोतवाली क्षेत्र में बुधबाजार की कृष्णा कॉलोनी में घनी आबादी के बीच मोमबत्ती फैक्टरी और गोदाम में भीषण आग लगी। अग्निशमन विभाग की टीम की जांच में सामने आया था कि फैक्टरी और गोदाम के पास फायर एनओसी नहीं थी। आग ने मालिक के घर के अलावा चार पड़ोसी मकानों को भी चपेट में ले लिया था। 14 सितंबर को कटघर के रामपुर दोराहा स्थित फैक्टरी में भीषण आग लग गई थी। थिनर, पेंट, गैस सिलिंडर और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया था। 31 मार्च की रात फैक्टरी में आग लग गई थी दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू तो पा लिया था लेकिन जांच में सामने आया था कि फैक्टरी बिना एनओसी के चल रही थी। पुराना टोल प्लाजा के पास दो फैक्टरियों में आग लग गई थी। यह फैक्टरियां भी बिना फायर एनओसी के चल रही थीं। हैरानी की बात यह है कि अग्निकांड से पहले इस प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।
विज्ञापन
केवल नोटिस तक सीमित कार्रवाई
प्रशासन और अग्निशमन विभाग की कार्रवाई केवल नोटिस जारी करने तक सीमित रही है। अग्निकांड के बाद जांच होती है और दोषी प्रतिष्ठानों को नोटिस भेज दिए जाते हैं। लेकिन इसके बाद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। न तो ऐसी इकाइयों को सील किया जाता है और न ही उन पर भारी जुर्माना लगाया जाता है।
विज्ञापन
पिछले छह माह में 294 जगह आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। जिसमें आग, दुकान, वाहन और ट्रांसफार्मर, फैक्टरी, गोदाम, फर्म में आग लगी हैं। आग लगने की बड़ी घटनाएं 10 हुई हैं। जिस फैक्टरी व फर्म में आग लगने की घटनाएं हुई थीं। जिसमें ज्यादातर में फायर एनओसी नहीं थीं। इन्हें नोटिस दिए गए हैं।
डॉ. राजीव कुमार पांडेय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी