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विज्ञान दिवस
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मुरादाबाद। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर वर्ष 2022 की थीम सतत भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एकीकृत दृष्टिकोण रखी गई है। इस उद्देश्य को महाविद्यालयों में पूर्ण करने के प्रयास किए जा रहे हैं। महाविद्यालयों में पारंपरिक रूप से विज्ञान संकाय में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को अब तकनीकी शिक्षा पढ़ने को मिलेगी। नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद बीएससी करने वाले विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक कोर्स अनिवार्य कर दिया है। इसकी वजह से प्राचार्य तकनीकी शिक्षा दिलाने पर मंथन कर रहे हैं। प्राचार्यों का कहना है कि इस संबंध में बैठक की गई है। अब विश्वविद्यालय से निर्देश लिए जाएंगे।
मुरादाबाद जनपद में करीब साढ़े पांच हजार सीट बीएससी बायोलॉजी की हैं, जिसमें लगभग 2350 सीटों पर विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। वहीं करीब दो हजार विद्यार्थी गणित संकाय में भी अध्ययनरत हैं। हिंदू कालेज के प्रवेश प्रभारी डॉ. जेके पाठक का कहना है कि बॉयोलॉजी में सभी 560 सीटें फुल हैं, जबकि गणित संकाय में भी 940 सीटों की अपेक्षा लगभग 650 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। उन्होंने कहा कि गणित में प्रवेश कम होने के पीछे एक वजह है कि गणित के विद्यार्थियों के पास विकल्प ज्यादा होते हैं। पारंपरिक के बजाय वह व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश लेते हैं, लेकिन इस वर्ष से महाविद्यालयों में नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद बीएससी के विद्यार्थियों को व्यावसायिक कोर्स अनिवार्य कर दिया है। अभी वह यूजीसी की वेबसाइट पर दिए गए प्रोग्राम्स को पढ़कर उसकी परीक्षा दे रहे हैं। भविष्य में शहर के महाविद्यालय व्यवसायिक इंस्टीट्यूट से एमओयू भी कर सकते हैं।
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मुरादाबाद जनपद में करीब साढ़े पांच हजार सीट बीएससी बायोलॉजी की हैं, जिसमें लगभग 2350 सीटों पर विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। वहीं करीब दो हजार विद्यार्थी गणित संकाय में भी अध्ययनरत हैं। हिंदू कालेज के प्रवेश प्रभारी डॉ. जेके पाठक का कहना है कि बॉयोलॉजी में सभी 560 सीटें फुल हैं, जबकि गणित संकाय में भी 940 सीटों की अपेक्षा लगभग 650 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। उन्होंने कहा कि गणित में प्रवेश कम होने के पीछे एक वजह है कि गणित के विद्यार्थियों के पास विकल्प ज्यादा होते हैं। पारंपरिक के बजाय वह व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश लेते हैं, लेकिन इस वर्ष से महाविद्यालयों में नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद बीएससी के विद्यार्थियों को व्यावसायिक कोर्स अनिवार्य कर दिया है। अभी वह यूजीसी की वेबसाइट पर दिए गए प्रोग्राम्स को पढ़कर उसकी परीक्षा दे रहे हैं। भविष्य में शहर के महाविद्यालय व्यवसायिक इंस्टीट्यूट से एमओयू भी कर सकते हैं।
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