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Moradabad News: छेड़खानी से तंग अनुसूचित जाति की छात्रा ने दी थी जान, दोषी को आजीवन कारावास

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 21 Aug 2024 05:37 AM IST
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Scheduled Scheduled Caste student gave life, convict life imprisonment for life
मुरादाबाद। मझोला क्षेत्र में अनुसूचित जाति की नाबालिग छात्रा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले मुलजिम जतिन ठाकुर को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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मझोला क्षेत्र में रहने वाले पीड़ित पिता ने 4 नवंबर 2021 को मझोला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया कि उसकी 16 वर्षीय बेटी दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। स्कूल आते जाते कांशीराम नगर निवासी जतिन ठाकुर उसके साथ छेड़खानी करता था। जिसकी शिकायत आरोपी के घर वालों से भी की गई थी लेकिन जतिन ठाकुर अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। छेड़खानी से तंग आकर छात्रा घर की छत से कूद कर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी जतिन ठाकुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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मुकदमे की विवेचना तत्कालीन सीओ सागर जैन ने की थी और 30 नवंबर को अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या दो शैलेंद्र वर्मा की अदालत में की गई। विशेष लोक अभियोजक मनोज गुप्ता और अकरम खान ने बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश किए गए, जिन्होंने घटना की पुष्टि की। जबकि आरोपी की ओर से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसने किसी प्रकार की कोई घटना छात्रा के साथ नहीं की थी लेकिन आरोपी अपनी बात को अदालत में साबित नहीं कर सका। अदालत ने जतिन को एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ उस पर चालीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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इन धाराओं में हुई सजा
मुरादाबाद। आरोपी जतिन को छात्रा के साथ छेड़खानी और आत्महत्या के लिए मजबूर करने साथ साथ एससी एसटी एक्ट में दोषी करार दिया गया। आईपीसी की 354 में तीन साल का कारावास और पांच हजार रुपए का जुर्माना, धारा 306 पांच साल की सजा और दस हजार रुपये का जुर्माना, पॉक्सो एक्ट में में तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना, एससी-एसटी एक्ट में आजीवन कारावास की सजा और बीस हजार रुपये का जुर्माना।


सजा सुनने के बाद दोषी की मां बहन फूट-फूट कर रोईं
मुरादाबाद। मंगलवार की देर शाम जब विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र वर्मा ने अपना फैसला खुली अदालत में सुनाया तो उस समय दोषी जतिन ठाकुर का परिवार भी अदालत में मौजूद था। अदालत के आदेश को सुनने के बाद दोषी की बहन और मां अदालत में रोने लगीं। उन्होंने कहा कि जतिन निर्दोष है उसे झूठा फंसाया गया था। उसने किसी घटना को अंजाम नहीं दिया।
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