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Cold Storage Building Collapse: घर से निकलने से पहले बोला था रोहताश, आज काम खत्म हो जाएगा, कल से यहीं रहूंगा..
Fri, 17 Mar 2023 01:19 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 17 Mar 2023 01:19 PM IST
सार
Sambhal Cold Storage Building Collapse News: संभल के चंदौसी स्थित कोल्ड स्टोर के दबे मलबे में लोगों को बाहर निकालने का प्रयास जारी है। शीतगृह के मलबे में जान गंवाने वाला 22 वर्षीय रोहताश पिछले पंद्रह दिन से यहां काम कर रहा था। बृहस्पतिवार सुबह घर से निकलने से पहले उसने अपने बड़े भाई अजय पाल से कहा था कि आज काम खत्म हो जाएगा। कल से घर में रहूंगा।
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कोल्ड स्टोर की छत गिरी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संभल के चंदौसी में शीतगृह के मलबे में जान गंवाने वाला 22 वर्षीय रोहताश पिछले पंद्रह दिन से यहां काम कर रहा था। बृहस्पतिवार सुबह घर से निकलने से पहले उसने अपने बड़े भाई अजय पाल से कहा था कि आज काम खत्म हो जाएगा। कल से घर में रहूंगा। कुछ दिन बाद ही दूसरे काम की तलाश की जाएगी। रोहताश के इन अंतिम शब्दों को परिजन बार बार याद कर रो रहे हैं।
चंदौसी के एतोल गांव निवासी रोहताश के पिता भूरे किसान हैं। परिवार में इनके अलावा बड़ा भाई अजय पाल फैक्टरी में नौकरी करता है जबकि छोटा भाई हरेंद्र पढ़ाई कर रहा है। मां रामा देवी है। अजय पाल ने बताया कि रोहताश पंद्रह दिन से शीतगृह में बोरियों में आलू भरने का काम रहा था। बोरियों के हिसाब से ही उसे भुगतान मिलता था।
अजय ने बताया कि सुबह आठ बजे घर में तीनों भाई, मां और पिता मौजूद थे। इसी दौरान रोहताश काम पर जाने की तैयारी कर रहा था। तब रोहताश ने कहा था कि शीतगृह में आज काम खत्म हो जाएगा। कल से घर में रहूंगा। कुछ दिन आराम करने के बाद ही अगले काम की तलाश की जाएगी। इसी दौरान गांव के अन्य मजदूर आ गए और वह उनके साथ चला गया था।
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चार घंटे में निकाला गया रोहताश, तब तक थम चुकी थीं सांसें
अजय पाल ने बताया कि हादसा सुबह ग्यारह बजे हुआ था। कुछ ही देर बाद इसकी जानकारी मिल गई थी। इसके बाद गांव के अन्य लोगों के साथ हम भी मौके पर पहुंच गए थे। तब तक पुलिस भी पहुंच चुकी थी लेकिन भाई को ढूंढने में चार घंटे लग गए। दोपहर बाद करीब तीन बजे रोहताश को मलबे से बाहर निकाला गया। तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। फिर भी जिंदगी की आस में हम उसे अस्पताल ले गए लेकिन डॉक्टर ने भी जवाब दे दिया।
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चंदौसी के एतोल गांव निवासी रोहताश के पिता भूरे किसान हैं। परिवार में इनके अलावा बड़ा भाई अजय पाल फैक्टरी में नौकरी करता है जबकि छोटा भाई हरेंद्र पढ़ाई कर रहा है। मां रामा देवी है। अजय पाल ने बताया कि रोहताश पंद्रह दिन से शीतगृह में बोरियों में आलू भरने का काम रहा था। बोरियों के हिसाब से ही उसे भुगतान मिलता था।
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अजय ने बताया कि सुबह आठ बजे घर में तीनों भाई, मां और पिता मौजूद थे। इसी दौरान रोहताश काम पर जाने की तैयारी कर रहा था। तब रोहताश ने कहा था कि शीतगृह में आज काम खत्म हो जाएगा। कल से घर में रहूंगा। कुछ दिन आराम करने के बाद ही अगले काम की तलाश की जाएगी। इसी दौरान गांव के अन्य मजदूर आ गए और वह उनके साथ चला गया था।
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चार घंटे में निकाला गया रोहताश, तब तक थम चुकी थीं सांसें
अजय पाल ने बताया कि हादसा सुबह ग्यारह बजे हुआ था। कुछ ही देर बाद इसकी जानकारी मिल गई थी। इसके बाद गांव के अन्य लोगों के साथ हम भी मौके पर पहुंच गए थे। तब तक पुलिस भी पहुंच चुकी थी लेकिन भाई को ढूंढने में चार घंटे लग गए। दोपहर बाद करीब तीन बजे रोहताश को मलबे से बाहर निकाला गया। तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। फिर भी जिंदगी की आस में हम उसे अस्पताल ले गए लेकिन डॉक्टर ने भी जवाब दे दिया।
मलबे में अपनों की तलाश, सुबकते रहे परिवार
संभल के चंदौसी स्थित कोल्ड स्टोर के दबे मलबे में लोगों को बाहर निकालने का प्रयास जारी है। कोई महिला अपने बेटे के लिए भटक रही है तो कोई अपने पति को जिंदा होने की दुआ कर रही है। मासूम बच्चों की निगाहें भी अपने पिता को खोज रही हैं। एसडीआरएफ के अलावा पुलिस और पीएसी के जवान मलबे से किसी घायल को बाहर निकालते हैं तो वहां भीड़ जुट जाती है। उन्हें लगाता है कि उनका अपना बाहर आ गया है।
अचानक कोल्ड स्टोर की दीवारें भरभराकर गिरीं
बृहस्पतिवार सुबह कोल्ड स्टोर में चंदौसी के अलावा के गांवों के मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक कोल्ड स्टोर की दीवारें भरभराकर गिर गईं। जिसमें मजदूर दब गए। इस हादसे की जानकारी मिलने पर संभल के अलावा आस पड़ोस के अधिकारी और फोर्स बुला ली गई। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर बुला ली गई। मजदूरों के परिजन और उनके गांवों से भी सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए।
इसके बाद मलबा हटवाने का कार्य शुरू किया गया। जेसीबी को आने में देर हुई तो लोग अपनों की तलाश में फावड़ा, हथौड़ा लेकर ही जुट गए। जैसे से जैसे अभियान आगे बढ़ रहा था मौके पर लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही थी। जो मजदूर मलबे में दबे हैं, उनके परिवार खुद ही अपनों की तलाश में जुटे थे। किसी तरह पुलिसकर्मी उन्हें समझाकर मौके से हटाते तो जैसे ही टीम किसी को मलबे से बाहर निकलती तो फिर से भीड़ जुट जाती थी।
मुरादाबाद से बुलानी पड़ी पीएसी और एसडीआरएफ और गाजियाबाद से एनडीआरएफ
चंदौसी में कोल्ड स्टोर की दीवारें गिरने की सूचना मिलने पर मुरादाबाद के अफसर भी अलर्ट हो गए थे। मुरादाबाद से 23वीं और नौवीं पीएसी के जवानों की टीम और एसडीआरएफ टीम मौके पर बुला ली गई थी। इसके अलावा गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। अब तक सर्च ऑपरेशन जारी है।
चंदौसी में कोल्ड स्टोर की दीवारें गिरने की सूचना मिलने पर मुरादाबाद के अफसर भी अलर्ट हो गए थे। मुरादाबाद से 23वीं और नौवीं पीएसी के जवानों की टीम और एसडीआरएफ टीम मौके पर बुला ली गई थी। इसके अलावा गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। अब तक सर्च ऑपरेशन जारी है।