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Moradabad News: ग्रामीण लाइब्रेरीः कहीं ताले, कहीं किताबों के लाले

Wed, 12 Aug 2026 02:19 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद Updated Wed, 12 Aug 2026 02:19 AM IST
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Rural Libraries: Locked Doors and a Scarcity of Books
मुरादाबाद। दावा था कि ग्रामीण इलाकों के नौजवान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी घर के करीब ही कर सकेंगे। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर उन्हें लाइब्रेरी की निशुल्क सुविधा दी जाएगी। वह लाइब्रेरी, जिसमें प्रतियोगी परीक्षाओं में मददगार सामान्य ज्ञान, सामान्य अध्ययन समेत तमाम अच्छी किताबें मिलेंगी। पारंपरिक पढ़ाई करने वालों को एनसीईआरटी की पुस्तकें भी मिल सकेंगी। इन सबके साथ मिलेगी मुफ्त वाईफाई सुविधा, जो आज की पढ़ाई का जरूरी हिस्सा बन चुकी है।
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समय के साथ जगह-जगह लाइब्रेरी खुलीं। वाईफाई की सुविधा भी दी गई लेकिन सब कुछ वैसा नहीं रह सका, जैसी घोषणाएं थीं। हालात यह हैं कि अधिकांश जगह ग्राम सचिवालयों में स्थापित लाइब्रेरी ताले की कैद में हैं। सचिवालय ही नहीं खुलते तो लाइब्रेरी का लाभ कैसे मिले। कुछ लाइब्रेरियों को अब तक किताबों का इंतजार है। इन विसंगतियों के बीच बड़ी समस्या वाईफाई की है। इसका प्रचार तो खूब हुआ लेकिन एक भी लाइब्रेरी को लगातार यह सुविधा नहीं मिल पा रही। रिचार्ज न होने से यह सेवा लंबे समय तक ठप रहती है।
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ब्लॉक क्षेत्र की सभी 99 ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी की स्थापना के निर्देश का सच क्षेत्र के युवा कुछ अलग बयां करते हैं। ग्राम पंचायत तेवर पट्टी उर्फ काजीपुरा के युवा कहते हैं कि पता ही नहीं कि लाइब्रेरी का संचालन कहां हो रहा है। इस क्षेत्र के अरुण कुमार, अमित कुमार, दीक्षा और पूजा ने कहा कि अगर पंचायत सचिवालय में लाइब्रेरी है तो वह कभी-कभार ही खुलता है। इससे कौन लाभ ले सकता है। कहते हैं कि लाइब्रेरी कागजों में ही चल रही हैं।
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उधर, पंचायत सहायक सोफिया खान के त्यागपत्र के बाद से यह पद खाली है। एडीओ पंचायत कुलदीप सिंह फिलहाल पंचायत प्रशासक का प्रभार भी संभाल रहे हैं। वह सचिवालय की मौजूदा लाइब्रेरी की स्थिति बताने के बजाय तेवर पट्टी उर्फ काजीपुरा में जल्द डिजिटल लाइब्रेरी शुरू करने की तैयारी बता रहे हैं। संवाद

सचिवालय बंद, अलमारी खाली

बिलारी। ब्लॉक क्षेत्र के शेरपुर गांव में पंचायत सचिवालय ही अक्सर बंद रहता है तो वहां की लाइब्रेरी कैसे लाभप्रद हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि सचिवालय को ग्राम पंचायत के वर्तमान प्रशासक कुर्बान अली ही खोलते हैं, क्योंकि पंचायत सहायक को इस्तीफा दिए एक माह से अधिक समय हो चुका है। जानकार बताते हैं कि शेरपुर में पंचायत सचिवालय के अंदर किताबें सुरक्षित रखने के लिए दो अलमारी तो रखी गईं लेकिन बिना किताबों के दोनों खाली हैं। कुर्बान अली ने खुद स्वीकार किया कि लाइब्रेरी के लिए कोई किताब मौजूद नहीं है। गांव निवासी शिक्षित युवा रईस, मोबीन,छोटे ने बताया कि पंचायत सचिवालय अक्सर बंद रहने और भीतर किताबें न होने से लाइब्रेरी का लाभ नहीं मिल पा रहा।

शेरपुर के ग्राम पंचायत सचिव भूपेंद्र सिंह कहते हैं कि लाइब्रेरी के लिए आईं किताबें कहां गईं, इसको लेकर तत्कालीन पंचायत सचिव और पंचायत सहायक से जानकारी ली जाएगी। बीडीओ हरिओम सिंह ने कहा कि शेरपुर के पंचायत सहायक के एक माह पहले इस्तीफा देने की जानकारी मिली है। लाइब्रेरी में किताबों की उपलब्धता के बारे में एडीओ और सचिव से जानकारी की जाएगी। संवाद

। ब्लॉक क्षेत्र की आठ ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोली गई हैं। एडीओ पंचायत योगेंद्र सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत दूल्हापुर पट्टी जाट, खेरुलापुर फैजुल्लागंज, मलपुरा लक्ष्मीपुर, शिवनगर, भरतावाला, नन्हूवाला, किशनपुर गांवड़ी की आठों डिजिटल लाइब्रेरियों में अभी तक पढ़ने की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। दूसरी ओर भरतावाला में डिजिटल लाइब्रेरी के भवन की मरम्मत का काम चलने की जानकारी मिली। वहां फर्नीचर की व्यवस्था भी नहीं है। अन्य डिजिटल लाइब्रेरी में भी पुस्तकों और फर्नीचर का अभाव है।

एडीओ पंचायत का दावा है कि सभी डिजिटल लाइब्रेरी में पुस्तक पहुंच चुकी है शीघ्र वहां पर पढ़ने की सुविधा दी जाएगी। रामनगर खागूवाला में प्रधान ने लाइब्रेरी प्राथमिक विद्यालय में संचालित होने की बात कही। रूपपुर में भी प्राथमिक विद्यालय में लाइब्रेरी बनाई है। लाइब्रेरी खुलने का समय सुबह 10:00 से शाम पांच बजे तक का है लेकिन परिषदीय स्कूलों के खुलने का समय बदलता रहता है। लिहाजा स्कूल बंद होते ही लाइब्रेरी भी बंद हो जाती है। संवाद

दलपतपुर पंचायतघर में संचालित लाइब्रेरी में युवा अध्ययनरत तो मिले लेकिन वाईफाई का लाभ न मिलने का दर्द बयां किया। प्रतियोगी परीक्षाओं की की तैयारी कर रहे समदा के अनुज कुमार, दौलरा के फैजान ने बताया कि वाईफाई रिचार्ज के लिए दो महीने इंतजार करना पड़ता है। जबकि अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वाईफाई आवश्यक जरूरत बन चुकी है। उन्होंने लाइब्रेरी में नियमित सफाई न होने, बिजली के तार और स्विच जर्जर होने की समस्या बताई।


ग्राम सचिव स्वाति चौहान ने बताया कि लाइब्रेरी में पांच सौ पुस्तकें उपलब्ध हैं। 15 युवक तथा युवतियां लाइब्रेरी पढ़ने आते हैं। इनमें से पांच लड़कियां प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहीं हैं। दूसरी ओर दौलारी स्थित पंचायत भवन का निर्माण 2020 में हो चुका लेकिन इस क्षेत्र की लाइब्रेरी कंपोजिट विद्यालय से यहां स्थांतरित नहीं की है। क्षेत्र निवासी इमरान और भूरा ने कहा कि स्कूल में लाइब्रेरी का लाभ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों को नहीं मिल पाता। पंचायत सहायक नैपाल सिंह ने बताया कि लाइब्रेरी को पंचायत भवन में शिफ्ट करने के लिए सचिव ने प्रधान से कहा है।
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