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आईटीआई की परीक्षा के लिए नहीं मिल रहे केंद्र
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Dec 2017 12:28 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में जनवरी में होने वाली सेमेस्टर परीक्षा के लिए केंद्रों का संकट हो गया है। जिलेभर के तीन हजार से अधिक छात्रों के लिए परीक्षा देने को केंद्र निर्धारण नहीं हो पा रहा है। डिग्री कालेजों और इंटरमीडिएट कालेजों से इन्कार होने के बाद अब आईटीआई प्राचार्य ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र लिखकर केंद्र निर्धारण में मदद करने को कहा है।
आईटीआई में होने वाली परीक्षाओं के लिए बाहरी संस्थानों कों केंद्र बनाया जाता है। इसके लिए पालीटेक्निक, महाविद्यालय और इंटरमीडिएट के कालेजों का चयन किया जाता है। इस बार परीक्षा में जिले के सभी राजकीय और निजी आईटीआई के तीन हजार से अधिक छात्र हैं। इनकी परीक्षा 19 जनवरी से शुरू हो रही हैं, जो फरवरी मध्य तक चलेंगी। इनके लिए कम से कम दस केंद्र होना अनिवार्य है।
एक डिग्री कालेज राजी
प्राचार्य ने डिग्री कालेजों के प्राचार्यों को पत्र लिखा था। इस बार एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की योजना वार्षिक परीक्षाओं से पहले प्रयोगात्मक परीक्षा कराने की है। प्रस्तावित परीक्षा एक मार्च से हैं तो इस लिहाज से प्रयोगात्मक परीक्षा फरवरी में शुरू हो जाएंगी। सिर्फ एक डिग्री कालेज ने इसके लिए हामी भरी है, जबकि अन्य ने प्रयोगात्मक परीक्षा का हवाला देते हुए परीक्षा कराने में असमर्थता जता दी है।
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यूपी बोर्ड परीक्षा फरवरी में
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की वार्षिक परीक्षाएं फरवरी के पहले सप्ताह में प्रस्तावित हैं। इसके लिए जिलेभर के करीब 126 कालेजों को केंद्र बनाया गया है। यहां पर भी मुश्किल को देखते हुए प्राचार्य ने केंद्र न बनने वाले इंटर कालेजों में परीक्षा कराने का प्रस्ताव भेजा है।
केंद्र को दी जाती है खर्च की धनराशि
आईटीआई के द्वारा केंद्र बनने वाले कालेजों को इसका खर्च दिया जाता है। कक्ष निरीक्षकों के लिए 250 रुपये प्रति पाली और केंद्र अध्यक्ष के लिए तीन सौ रुपये प्रति पाली दिए जाते हैं, जबकि पांच रुपये प्रति छात्र के हिसाब से व्यवस्था खर्च दिया जाता है।
वर्जन...
एक केंद्र पर अधिकतम पांच सौ विद्यार्थी आवंटित होते हैं। इस बार बोर्ड और विवि की प्रयोगात्मक परीक्षा होने की वजह से केंद्र निर्धारण में परेशानी हो रही है। शिक्षक भी बोर्ड परीक्षा में व्यस्त होने के कारण कक्ष निरीक्षक मिलना मुश्किल होगा। इसे देखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र लिखा है। उन्होंने एक-दो दिन में समाधान का आश्वासन दिया है।
सीपी अग्रवाल, प्राचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान।
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आईटीआई में होने वाली परीक्षाओं के लिए बाहरी संस्थानों कों केंद्र बनाया जाता है। इसके लिए पालीटेक्निक, महाविद्यालय और इंटरमीडिएट के कालेजों का चयन किया जाता है। इस बार परीक्षा में जिले के सभी राजकीय और निजी आईटीआई के तीन हजार से अधिक छात्र हैं। इनकी परीक्षा 19 जनवरी से शुरू हो रही हैं, जो फरवरी मध्य तक चलेंगी। इनके लिए कम से कम दस केंद्र होना अनिवार्य है।
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एक डिग्री कालेज राजी
प्राचार्य ने डिग्री कालेजों के प्राचार्यों को पत्र लिखा था। इस बार एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की योजना वार्षिक परीक्षाओं से पहले प्रयोगात्मक परीक्षा कराने की है। प्रस्तावित परीक्षा एक मार्च से हैं तो इस लिहाज से प्रयोगात्मक परीक्षा फरवरी में शुरू हो जाएंगी। सिर्फ एक डिग्री कालेज ने इसके लिए हामी भरी है, जबकि अन्य ने प्रयोगात्मक परीक्षा का हवाला देते हुए परीक्षा कराने में असमर्थता जता दी है।
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यूपी बोर्ड परीक्षा फरवरी में
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की वार्षिक परीक्षाएं फरवरी के पहले सप्ताह में प्रस्तावित हैं। इसके लिए जिलेभर के करीब 126 कालेजों को केंद्र बनाया गया है। यहां पर भी मुश्किल को देखते हुए प्राचार्य ने केंद्र न बनने वाले इंटर कालेजों में परीक्षा कराने का प्रस्ताव भेजा है।
केंद्र को दी जाती है खर्च की धनराशि
आईटीआई के द्वारा केंद्र बनने वाले कालेजों को इसका खर्च दिया जाता है। कक्ष निरीक्षकों के लिए 250 रुपये प्रति पाली और केंद्र अध्यक्ष के लिए तीन सौ रुपये प्रति पाली दिए जाते हैं, जबकि पांच रुपये प्रति छात्र के हिसाब से व्यवस्था खर्च दिया जाता है।
वर्जन...
एक केंद्र पर अधिकतम पांच सौ विद्यार्थी आवंटित होते हैं। इस बार बोर्ड और विवि की प्रयोगात्मक परीक्षा होने की वजह से केंद्र निर्धारण में परेशानी हो रही है। शिक्षक भी बोर्ड परीक्षा में व्यस्त होने के कारण कक्ष निरीक्षक मिलना मुश्किल होगा। इसे देखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र लिखा है। उन्होंने एक-दो दिन में समाधान का आश्वासन दिया है।
सीपी अग्रवाल, प्राचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान।