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Moradabad News: सड़कें हो रही रक्तरंजित, खत्म हो रही जिंदगी, फिर भी ब्लैक स्पॉट ज्यों के त्यों
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मुरादाबाद। इसे लापरवाही कहें या फिर असंवेदनशीलता लेकिन इतना तो सच है कि जिले में अधिकतर ब्लैक स्पॉट पर व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गई है, जिसका परिणाम ये है कि हादसों में सड़कें रक्तरंजित हो रही हैं। हाईवे और राज्य की सड़कों पर निर्दोष जिंदगियां दम तोड़ रहीं हैं। अधिकारियों के स्पष्ट निर्देश के बावजूद दीर्घकालिक योजना के तहत तो अभी कार्य शुरू भी नहीं हो पाया है।
हाईवे के दलपतपुर जीरो प्वाइंट स्थित ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात रहती है। एनएचएआई ने यहां जेब्रा क्राॅसिंग बनाने के साथ साइनबोर्ड भी लगाए हैं, लेकिन फिर भी यहां हादसे नहीं रुक रहे हैं। विभाग का दावा है कि ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं, हालांकि ये दावा भी हकीकत से काफी दूर है। मंडल स्तर पर हुई बैठक के दौरान दलपतपुर, छपरा मोड़, चंदौसी कट, मनकरा मोड़, सिहोराबाजे, भदासना कट पर फ्लाईओवर बनाने की चर्चा हुई थी। इस मामले में एनएचएआई को प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए गए थे लेकिन अभी तक धरातल पर कोई काम नहीं हो सका। जिले के अधिकारी सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में निर्देश देते हैं लेकिन दीर्घकालिक योजना पर काम नहीं करा सके। शासन से ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त करने के लिए धन मिला था लेकिन इसका सदुपयोग नहीं किया गया। इसी वजह से ब्लैक स्पॉट में कोई स्थायी सुधार नहीं हो सका।
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नौ ब्लैक स्पॉटों पर कोई व्यवस्था नहीं
शहर में कटघर थाना क्षेत्र में रामगंगा पुल, कोहिनूर तिराहा, मैनाठेर थाना क्षेत्र के जटपुरा, ताहरपुर, डींगरपुर, महमूदपुर माफी, भगतपुर थाना क्षेत्र के डूंगरपुर में ब्लैक स्पाॅट चिह्नित हैं। यह पीडब्ल्यूडी के क्षेत्र में आते हैं। धरातल पर स्थिति यह है कि जटपुरा और जलालपुर में सड़कें टूटी हुई हैं। सड़क पर बजरी पसरी हुई है। कोई इंतजाम नहीं है। कोहिनूर तिराहे पर अभी कार्य प्रस्तावित है। डूंगरपुर में पुलिया चौड़ी हुई और ब्रेकर लगाने की जरूरत है।
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एनएचएआई के ब्लैक स्पॉट जस के तस
प्रकार बिलारी थाना क्षेत्र के हाथीपुर, ओल्ड टोल प्लॉजा चंदौसी कट थाना मैनाठेर, नानपुर कुंदरकी, जलालपुर और डिलारी थाने के जटपुरा में भी ब्लैक स्पाॅट चिह्नित हैं। इनकी जिम्मेदारी एनएचएआई की है, लेकिन इन्हें खत्म करने को लेकर कोई कार्य नहीं किया गया। नानपुर में सड़क संकरी है। यहां सिर्फ संकेतक लगाए गए हैं। पुलिया संकरी है। यहां कुंदरकी बाईपास और हाथीपुर में दुर्घटनाएं होती रही हैं लेकिन कोई सरकारी स्तर पर प्रयास नहीं किए गए हैं।
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हाईवे पर ओवर स्पीड की वजह से हो रहे हादसे
हाईवे पर ओवर स्पीड और ओवर टेकिंग की वजह से हादसे हो रहे हैं। गनेशघाट के लोगों का कहना है कि यहां बने कट पर ओवरटेक करने में अधिकतर हादसे होते हैं। अक्का डिलारी निवासी बृजेश कुमार ने बताया कि छपर्रा कट पर ओवरस्पीड हादसे का कारण बनते हैं। सहेरिया निवासी खेमपाल सिंह का कहना है कि सिहोराबाजे कट पर भी ओवरस्पीड के कारण ही हादसे होते हैं। मनकरा मोड़ से 30 गांवों के लोगों की आवाजाही होती है। हाईवे से गुजरते तेज रफ्तार वाहन हादसों का कारण बनते हैं।
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पाकबड़ा क्षेत्र में नए ब्लैक स्पॉट पर भी कोई कार्य नहीं
जिला पुलिस ने पाकबड़ा जीरो प्वाइंट, चौधरपुर, सीएनजी पेट्रोल पंप के पास, टीएमयू के पास, किला तिराहा कांठ रोड, कैच की पुलिया, मझोला थाने के सामने नए ब्लैक स्पॉट घोषित किए। थाने के सामने रस्सी बांधकर छोड़ दिया गया लेकिन अन्य स्थानों पर कोई व्यवस्था नहीं की गई। इस दौरान हादसों को रोकने के लिए एनएचएआई या पीडब्ल्यूडी ने धरातल पर कोई कार्य नहीं किया। सिर्फ शासन को प्रस्ताव भेजकर अधिकारी शांत हो गए।
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हाईवे के दलपतपुर जीरो प्वाइंट स्थित ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात रहती है। एनएचएआई ने यहां जेब्रा क्राॅसिंग बनाने के साथ साइनबोर्ड भी लगाए हैं, लेकिन फिर भी यहां हादसे नहीं रुक रहे हैं। विभाग का दावा है कि ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं, हालांकि ये दावा भी हकीकत से काफी दूर है। मंडल स्तर पर हुई बैठक के दौरान दलपतपुर, छपरा मोड़, चंदौसी कट, मनकरा मोड़, सिहोराबाजे, भदासना कट पर फ्लाईओवर बनाने की चर्चा हुई थी। इस मामले में एनएचएआई को प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए गए थे लेकिन अभी तक धरातल पर कोई काम नहीं हो सका। जिले के अधिकारी सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में निर्देश देते हैं लेकिन दीर्घकालिक योजना पर काम नहीं करा सके। शासन से ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त करने के लिए धन मिला था लेकिन इसका सदुपयोग नहीं किया गया। इसी वजह से ब्लैक स्पॉट में कोई स्थायी सुधार नहीं हो सका।
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नौ ब्लैक स्पॉटों पर कोई व्यवस्था नहीं
शहर में कटघर थाना क्षेत्र में रामगंगा पुल, कोहिनूर तिराहा, मैनाठेर थाना क्षेत्र के जटपुरा, ताहरपुर, डींगरपुर, महमूदपुर माफी, भगतपुर थाना क्षेत्र के डूंगरपुर में ब्लैक स्पाॅट चिह्नित हैं। यह पीडब्ल्यूडी के क्षेत्र में आते हैं। धरातल पर स्थिति यह है कि जटपुरा और जलालपुर में सड़कें टूटी हुई हैं। सड़क पर बजरी पसरी हुई है। कोई इंतजाम नहीं है। कोहिनूर तिराहे पर अभी कार्य प्रस्तावित है। डूंगरपुर में पुलिया चौड़ी हुई और ब्रेकर लगाने की जरूरत है।
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एनएचएआई के ब्लैक स्पॉट जस के तस
प्रकार बिलारी थाना क्षेत्र के हाथीपुर, ओल्ड टोल प्लॉजा चंदौसी कट थाना मैनाठेर, नानपुर कुंदरकी, जलालपुर और डिलारी थाने के जटपुरा में भी ब्लैक स्पाॅट चिह्नित हैं। इनकी जिम्मेदारी एनएचएआई की है, लेकिन इन्हें खत्म करने को लेकर कोई कार्य नहीं किया गया। नानपुर में सड़क संकरी है। यहां सिर्फ संकेतक लगाए गए हैं। पुलिया संकरी है। यहां कुंदरकी बाईपास और हाथीपुर में दुर्घटनाएं होती रही हैं लेकिन कोई सरकारी स्तर पर प्रयास नहीं किए गए हैं।
हाईवे पर ओवर स्पीड की वजह से हो रहे हादसे
हाईवे पर ओवर स्पीड और ओवर टेकिंग की वजह से हादसे हो रहे हैं। गनेशघाट के लोगों का कहना है कि यहां बने कट पर ओवरटेक करने में अधिकतर हादसे होते हैं। अक्का डिलारी निवासी बृजेश कुमार ने बताया कि छपर्रा कट पर ओवरस्पीड हादसे का कारण बनते हैं। सहेरिया निवासी खेमपाल सिंह का कहना है कि सिहोराबाजे कट पर भी ओवरस्पीड के कारण ही हादसे होते हैं। मनकरा मोड़ से 30 गांवों के लोगों की आवाजाही होती है। हाईवे से गुजरते तेज रफ्तार वाहन हादसों का कारण बनते हैं।
पाकबड़ा क्षेत्र में नए ब्लैक स्पॉट पर भी कोई कार्य नहीं
जिला पुलिस ने पाकबड़ा जीरो प्वाइंट, चौधरपुर, सीएनजी पेट्रोल पंप के पास, टीएमयू के पास, किला तिराहा कांठ रोड, कैच की पुलिया, मझोला थाने के सामने नए ब्लैक स्पॉट घोषित किए। थाने के सामने रस्सी बांधकर छोड़ दिया गया लेकिन अन्य स्थानों पर कोई व्यवस्था नहीं की गई। इस दौरान हादसों को रोकने के लिए एनएचएआई या पीडब्ल्यूडी ने धरातल पर कोई कार्य नहीं किया। सिर्फ शासन को प्रस्ताव भेजकर अधिकारी शांत हो गए।