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Moradabad News: भारी बारिश से उफान पर नदियां, बाढ़ चाैकियां अलर्ट
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मुरादाबाद। तीन दिन से हो रही भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। रामगंगा और गांगन नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी हैं। बाढ़ की आशंका को देखते हुए डीएम ने जिले की सभी 35 बाढ़ चाैकियों को अलर्ट कर दिया है। इसके अलावा अधिकारियों को नदियों के किनारे बसे गांवों की 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को भी अलर्ट किया गया है। कांठ के खादर क्षेत्र में रामगंगा का पानी शुक्रवार की शाम तमाम किसानों के खेतों में भर गया।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए डीएम अनुज सिंह ने नदियों के किनारे की सड़कों और गांवों पर नजर रखने के लिए एडीएम वित्त सत्यम मिश्रा के साथ ही सभी तहसीलों के एसडीएम को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बाढ़ चाैकियों को अलर्ट करने के साथ ही गंभीर स्थिति में पुलिस को भी मदद करने के निर्देश दिए हैं।
लगातार बारिश के कारण शुक्रवार को रामगंगा और गांगन नदी का जलस्तर बढ़ गया है। रामगंगा नदी का कटघर रेलवे पुल पर जलस्तर 188.82 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 190.60 मीटर पर है। रामगंगा खतरे के निशान से सिर्फ 1.78 मीटर नीचे है। वहीं गांगन नदी का जलस्तर 189.40 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 192.28 मीटर है। गांगन नदी खतरे के निशान से 2.88 मीटर नीचे बह रही है।
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जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एक फ्लड टीम, 20 नावों, 35 बाढ़ चौकियां को अलर्ट करने के साथ ही 29 बाढ़ शरणालय में तैयारियां पूरी करा दी हैं। डीएम ने सभी टीमों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
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नौ गांव अति संवेदनशील घोषित
जिला प्रशासन ने बाढ़ के नजरिये से जिले के नौ गांवों को अति संवेदनशील घोषित किया है। इनमें मूंढापांडे विकास खंड के गांव गर्ईखेड़ा , भैयानंगला, हरपालनगर, रनियाठेर, विकनपुर, ठाकुरद्वारा विकास खंड के गांव राईभूड़, मानपुर दतराम, प्रतापपुर और डिलारी विकासखंड का गांव इलर शामिल हैं। इलर गांव में बाढ़ का पानी गोशाला की ओर बढ़ गया है।
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पांच माह में 24 लोगों की जान गई
जिले में अप्रैल से अगस्त तक प्राकृतिक आपदा से 24 लोगों की जान जा चुकी है। इस दाैरान चार पशुओं की भी माैत हुई है। प्रशासन ने 24 लोगों की माैत के मामले में मुआवजा भी दिया है। इस दाैरान 166 मकान भी क्षतिग्रसत हुए। इसका भी प्रशासन ने मुआवजा दिया है। वहीं मूंढापांडे में दो दिन पहले दीवार गिरने से दो बच्चों की जान चली गई। राजस्व टीम इसका भी आकलन कर रही है।
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एनडीआरएफ की टीम ने अस्थायी पुल का किया निरीक्षण, आवागमन रोकने को बनेगी दीवार
एडीएम और तहसीलदार ने बाढ़ प्रभावित गांवों का किया दौरा
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। एडीएम वित्त एवं राजस्व सत्यम मिश्रा ने शुक्रवार को एनडीआरएफ की टीम के साथ विकनपुर में बने अस्थायी पुल का निरीक्षण किया। एडीएम ने खतरे को देखते हुए आवागमन रोकने के लिए अस्थायी पुल के दोनों ओर दीवार बनाने का आदेश दिया।
एडीएम और तहसीलदार रामवीर सिंह के साथ एनडीआरएफ के निरीक्षक विनोद कुमार ने विकनपुर के अस्याथी पुल का निरीक्षण किया। किसी भी खतरे से निपटने के लिए यहां एनडीआरएफ की एक कंपनी मौजूद है। एडीएम ने तहसीलदार और लेखपाल के साथ रनियाठेर, गदईखेड़ा, हरपालनगर, भीतखेड़ा, मूंढापांडे, मनकरा, लालपुर तितरी गांवों का दौरा किया। लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछताछ की। एडीएम ने लोगों से कहा कि बाढ़ के बारे में तुरंत सूचना दें। तहसीलदार ने कहा कि अभी खेतों में धान और उदड़ की फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा है। फसलें सुरक्षित हैं। स्थिति नियंत्रण में है।
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दहशत में कई गांवों के किसान
कांठ। खादर क्षेत्र में रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से शुक्रवार को पानी तमाम किसानों के खेतों में भर गया। खेतों में भी नदी का पानी भरने से किसान चिंतित हो गए हैं। क्षेत्र के गोपालपुर, बहादरपुर खद्दर, दरियापुर, रफायतपुर, महदूद कलमी, हसनगढ़ी, मिश्रीपुर, बेगमपुर, राजीपुर खद्दर, पाइंदापुर, रामसराय, सलेमपुर, फजलाबाद, भंकरी गांवों के ग्रामीण भी तेजी से बढ़ रहे रामगंगा के जलस्तर को लेकर चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि यदि ऐसे ही बारिश होती रही तो भारी नुकसान हो जाएगा। वहीं छजलैट क्षेत्र में करूला और गांगन नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। संवाद
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बाढ़ की आशंका को देखते हुए डीएम अनुज सिंह ने नदियों के किनारे की सड़कों और गांवों पर नजर रखने के लिए एडीएम वित्त सत्यम मिश्रा के साथ ही सभी तहसीलों के एसडीएम को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बाढ़ चाैकियों को अलर्ट करने के साथ ही गंभीर स्थिति में पुलिस को भी मदद करने के निर्देश दिए हैं।
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लगातार बारिश के कारण शुक्रवार को रामगंगा और गांगन नदी का जलस्तर बढ़ गया है। रामगंगा नदी का कटघर रेलवे पुल पर जलस्तर 188.82 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 190.60 मीटर पर है। रामगंगा खतरे के निशान से सिर्फ 1.78 मीटर नीचे है। वहीं गांगन नदी का जलस्तर 189.40 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 192.28 मीटर है। गांगन नदी खतरे के निशान से 2.88 मीटर नीचे बह रही है।
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जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एक फ्लड टीम, 20 नावों, 35 बाढ़ चौकियां को अलर्ट करने के साथ ही 29 बाढ़ शरणालय में तैयारियां पूरी करा दी हैं। डीएम ने सभी टीमों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
नौ गांव अति संवेदनशील घोषित
जिला प्रशासन ने बाढ़ के नजरिये से जिले के नौ गांवों को अति संवेदनशील घोषित किया है। इनमें मूंढापांडे विकास खंड के गांव गर्ईखेड़ा , भैयानंगला, हरपालनगर, रनियाठेर, विकनपुर, ठाकुरद्वारा विकास खंड के गांव राईभूड़, मानपुर दतराम, प्रतापपुर और डिलारी विकासखंड का गांव इलर शामिल हैं। इलर गांव में बाढ़ का पानी गोशाला की ओर बढ़ गया है।
पांच माह में 24 लोगों की जान गई
जिले में अप्रैल से अगस्त तक प्राकृतिक आपदा से 24 लोगों की जान जा चुकी है। इस दाैरान चार पशुओं की भी माैत हुई है। प्रशासन ने 24 लोगों की माैत के मामले में मुआवजा भी दिया है। इस दाैरान 166 मकान भी क्षतिग्रसत हुए। इसका भी प्रशासन ने मुआवजा दिया है। वहीं मूंढापांडे में दो दिन पहले दीवार गिरने से दो बच्चों की जान चली गई। राजस्व टीम इसका भी आकलन कर रही है।
एनडीआरएफ की टीम ने अस्थायी पुल का किया निरीक्षण, आवागमन रोकने को बनेगी दीवार
एडीएम और तहसीलदार ने बाढ़ प्रभावित गांवों का किया दौरा
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। एडीएम वित्त एवं राजस्व सत्यम मिश्रा ने शुक्रवार को एनडीआरएफ की टीम के साथ विकनपुर में बने अस्थायी पुल का निरीक्षण किया। एडीएम ने खतरे को देखते हुए आवागमन रोकने के लिए अस्थायी पुल के दोनों ओर दीवार बनाने का आदेश दिया।
एडीएम और तहसीलदार रामवीर सिंह के साथ एनडीआरएफ के निरीक्षक विनोद कुमार ने विकनपुर के अस्याथी पुल का निरीक्षण किया। किसी भी खतरे से निपटने के लिए यहां एनडीआरएफ की एक कंपनी मौजूद है। एडीएम ने तहसीलदार और लेखपाल के साथ रनियाठेर, गदईखेड़ा, हरपालनगर, भीतखेड़ा, मूंढापांडे, मनकरा, लालपुर तितरी गांवों का दौरा किया। लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछताछ की। एडीएम ने लोगों से कहा कि बाढ़ के बारे में तुरंत सूचना दें। तहसीलदार ने कहा कि अभी खेतों में धान और उदड़ की फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा है। फसलें सुरक्षित हैं। स्थिति नियंत्रण में है।
दहशत में कई गांवों के किसान
कांठ। खादर क्षेत्र में रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से शुक्रवार को पानी तमाम किसानों के खेतों में भर गया। खेतों में भी नदी का पानी भरने से किसान चिंतित हो गए हैं। क्षेत्र के गोपालपुर, बहादरपुर खद्दर, दरियापुर, रफायतपुर, महदूद कलमी, हसनगढ़ी, मिश्रीपुर, बेगमपुर, राजीपुर खद्दर, पाइंदापुर, रामसराय, सलेमपुर, फजलाबाद, भंकरी गांवों के ग्रामीण भी तेजी से बढ़ रहे रामगंगा के जलस्तर को लेकर चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि यदि ऐसे ही बारिश होती रही तो भारी नुकसान हो जाएगा। वहीं छजलैट क्षेत्र में करूला और गांगन नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। संवाद