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Moradabad News: संशोधित - मौत को करीब से देखा, भगवान ने बचा ली जान
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मुरादाबाद। हमने मौत को करीब से देखा है। भगदड़ में लोग एक दूसरे को कुचलते हुए भागे चले जा रहे थे। ऐसे में खुद को बचाना मुश्किल हो रहा था। किसी तरह वहां से बाहर निकले हैं, भगवान ने हमें नई जिंदगी दी है। यह बयान हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भगदड़ में घायल हुए अनुज का है। वह अपने गांव भोजपुर ठीकरी के 18 लोगों के साथ हरिद्वार गए थे।
वहीं हुई भगदड़ में मुरादाबाद के पांच लोग घायल हैं। इनमें से दो भोजपुर और तीन कांठ रोड स्थित प्रेमनगर के निवासी है। भोजपुर के ठिगरी निवासी 20 वर्षीय अनुज की हालत खराब है। भगदड़ के बीच उन्हें जोरदार करंट लगा था जिससे कुछ जगहों पर उनका शरीर नीला पड़ गया है। बीपी 180 है और घबराहट हो गई है। उसके अलावा भोजपुर के संदीप (25), कांठ रोड प्रेमनगर निवासी काजल(24), मीरा (28) और अर्जुन (25) के चोट लगी है। रविवार रात 11:40 बजे भोजपुर ठिकरी के रहने वाले 18 लोग जिला अस्पताल पहुंचे। सभी अपने पिकअप वाहन में बैठकर हरिद्वार गए थे। इनमें से दो घायल हैं और बाकी सुरक्षित हैं। भगदड़ व करंट के कारण चोटिल हुए अनुज के चाचा मोहित ने बताया कि वह सभी हर साल सावन में हरिद्वार जाते हैं। इस बार मंदिर में बहुत ज्यादा भीड़ थी। किसी तरह ऊपर तक पहुंचे लेकिन हालात ऐसे हो गए कि बाहर निकलना मजबूरी बन गई। बचने के लिए बाहर निकले लेकिन भीड़ हर मिनट बढ़ती जा रही थी और प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम नहीं थे। लोगों ने सड़क के दोनों तरफ दुकानें लगा रखी थीं, जिससे निकलने का रास्ता संकरा हो गया। मंदिर से निकलते समय अचानक सीढ़ियों पर कुछ लोग गिरे और भगदड़ मच गई। इसके बाद किसी ने कुछ नहीं देखा और अपनी जान बचाने के लिए सब नीचे गिरे लोगों को कुचलकर भागने लगे।
भगदड़ के कारण लोगों के मोबाइल को और पर्स भी चोरी हो हए। नीचे गिरने से बचने के लिए किसी ने तिरपाल पकड़ा तो किसी के हाथ में बिजली का तार आ गया। जमीन पर पड़े तार के कारण ही अनुज को करंट लगा और वह अब तक ठीक महसूस नहीं कर रहा है। जबकि संदीप के जांघ पर चोट लगी है। उन्हें चलने में काफी परेशानी हो रही है।
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ऋषिकेश एम्स में हुआ सीटी स्कैन, नहीं दी गई रिपोर्ट
घायल अनुज व संदीप का एक्स-रे और सीटी स्कैन ऋषिकेश एम्स में किया गया। परिजनों का कहना है कि वहां से रिपोर्ट नहीं मिली लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि सब ठीक है। आप मरीज को ले जा सकते हैं। इसके बाद प्रशासन से अपील कर किसी तरह वह हर की पौड़ी पर अपने पिकअप वाहन तक पहुंचे। रास्ते में अनुज की तबीयत खराब होने लगी। उसे घबराहट होने लगी और बीपी बढ़ गया। परिजनों ने जिला अस्पताल आने का फैसला किया। इस बीच उत्तराखंड प्रशासन से फोन पर बातचीत हुई तो उन्होंने मुरादाबाद में सीएमओ से समन्वय कर चिकित्सा सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
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एक साल की बच्ची को बचाने में लगा करंट
अनुज के चाचा मोहित ने बताया कि भगदड़ में एक छोटी से बच्ची गिर गई। बच्ची भीड़ में दब न जाए इसके लिए अनुज ने बच्ची को उठाने की कोशिश की। इसी कोशिश में बिजली के तार पर उनका पैर पड़ा और जोरदार करंट लगा। वहां मौजूद साथी संदीप ने बच्ची और अनुज दोनों को बचाया। भीड़ से निकलकर किसी तरह बाहर पहुंचे और बच्ची को खोया-पाया केंद्र पर सौंपा। वहीं पर एक दंपती अपनी बच्ची को ढूंढ रहे थे, मुरादाबाद के लोगों ने उन्हें फोटो दिखाया तो बच्ची को पहचान लिया। उन्होंने बताया कि बच्ची को करंट लग जाता लेकिन उसे सुरक्षित पुलिस को सौंप दिया है।
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वहीं हुई भगदड़ में मुरादाबाद के पांच लोग घायल हैं। इनमें से दो भोजपुर और तीन कांठ रोड स्थित प्रेमनगर के निवासी है। भोजपुर के ठिगरी निवासी 20 वर्षीय अनुज की हालत खराब है। भगदड़ के बीच उन्हें जोरदार करंट लगा था जिससे कुछ जगहों पर उनका शरीर नीला पड़ गया है। बीपी 180 है और घबराहट हो गई है। उसके अलावा भोजपुर के संदीप (25), कांठ रोड प्रेमनगर निवासी काजल(24), मीरा (28) और अर्जुन (25) के चोट लगी है। रविवार रात 11:40 बजे भोजपुर ठिकरी के रहने वाले 18 लोग जिला अस्पताल पहुंचे। सभी अपने पिकअप वाहन में बैठकर हरिद्वार गए थे। इनमें से दो घायल हैं और बाकी सुरक्षित हैं। भगदड़ व करंट के कारण चोटिल हुए अनुज के चाचा मोहित ने बताया कि वह सभी हर साल सावन में हरिद्वार जाते हैं। इस बार मंदिर में बहुत ज्यादा भीड़ थी। किसी तरह ऊपर तक पहुंचे लेकिन हालात ऐसे हो गए कि बाहर निकलना मजबूरी बन गई। बचने के लिए बाहर निकले लेकिन भीड़ हर मिनट बढ़ती जा रही थी और प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम नहीं थे। लोगों ने सड़क के दोनों तरफ दुकानें लगा रखी थीं, जिससे निकलने का रास्ता संकरा हो गया। मंदिर से निकलते समय अचानक सीढ़ियों पर कुछ लोग गिरे और भगदड़ मच गई। इसके बाद किसी ने कुछ नहीं देखा और अपनी जान बचाने के लिए सब नीचे गिरे लोगों को कुचलकर भागने लगे।
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भगदड़ के कारण लोगों के मोबाइल को और पर्स भी चोरी हो हए। नीचे गिरने से बचने के लिए किसी ने तिरपाल पकड़ा तो किसी के हाथ में बिजली का तार आ गया। जमीन पर पड़े तार के कारण ही अनुज को करंट लगा और वह अब तक ठीक महसूस नहीं कर रहा है। जबकि संदीप के जांघ पर चोट लगी है। उन्हें चलने में काफी परेशानी हो रही है।
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ऋषिकेश एम्स में हुआ सीटी स्कैन, नहीं दी गई रिपोर्ट
घायल अनुज व संदीप का एक्स-रे और सीटी स्कैन ऋषिकेश एम्स में किया गया। परिजनों का कहना है कि वहां से रिपोर्ट नहीं मिली लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि सब ठीक है। आप मरीज को ले जा सकते हैं। इसके बाद प्रशासन से अपील कर किसी तरह वह हर की पौड़ी पर अपने पिकअप वाहन तक पहुंचे। रास्ते में अनुज की तबीयत खराब होने लगी। उसे घबराहट होने लगी और बीपी बढ़ गया। परिजनों ने जिला अस्पताल आने का फैसला किया। इस बीच उत्तराखंड प्रशासन से फोन पर बातचीत हुई तो उन्होंने मुरादाबाद में सीएमओ से समन्वय कर चिकित्सा सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
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एक साल की बच्ची को बचाने में लगा करंट
अनुज के चाचा मोहित ने बताया कि भगदड़ में एक छोटी से बच्ची गिर गई। बच्ची भीड़ में दब न जाए इसके लिए अनुज ने बच्ची को उठाने की कोशिश की। इसी कोशिश में बिजली के तार पर उनका पैर पड़ा और जोरदार करंट लगा। वहां मौजूद साथी संदीप ने बच्ची और अनुज दोनों को बचाया। भीड़ से निकलकर किसी तरह बाहर पहुंचे और बच्ची को खोया-पाया केंद्र पर सौंपा। वहीं पर एक दंपती अपनी बच्ची को ढूंढ रहे थे, मुरादाबाद के लोगों ने उन्हें फोटो दिखाया तो बच्ची को पहचान लिया। उन्होंने बताया कि बच्ची को करंट लग जाता लेकिन उसे सुरक्षित पुलिस को सौंप दिया है।