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Moradabad News: शार्टकट नहीं नियमित अभ्यास से मिलेगी बोर्ड परीक्षा में सफलता
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मुरादाबाद। फरवरी माह बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए बहुत खास है। सभी बोर्ड की दसवीं और 12वीं की परीक्षाएं शुरु होंगी। गत वर्ष के टॉपर विद्यार्थियों को परीक्षा उत्तीर्ण करने के गुर बताए। उन्होंने कहा कि हर दिन थोड़ा-थोड़ा पढ़ना परीक्षा के आखिरी समय में की गई पढ़ाई से कहीं बेहतर है। इससे विषय पर पकड़ मजबूत होती है। नोट्स बनाने, रटने के बजाय समझकर पढ़ने, समय सारिणी का पालन करने आदि के बारे में बताया।
स्वीकार करें कि नहीं होता शॉर्टकट
इंटरमीडिएट में प्रदेश में छठवां स्थान प्राप्त करने वाले मयंक सिंह ने बताया कि सबसे पहले यह स्वीकार करना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। अब परीक्षा में लगभग एक माह का ही समय बचा है तो जो अब तक पढ़ाई की है, उसका रिवीजन करें। पिछले वर्ष के क्वेश्चन बैंक की मदद लेनी चाहिए। उससे पता चलता है कि परीक्षा के समय किस तरीके से सवाल पूछे जाते हैं। हिंदी विषय की सबसे पहले परीक्षा होती है और इसमें सबसे ज्यादा लिखना भी होता है। उसके लिए खुद ही समय निर्धारित कर प्रश्नपत्र हल करने का अभ्यास करना चाहिए। मैंने दो सप्ताह पहले से मॉक पेपर हल करना शुरु कर दिया था। यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर मॉडल पेपर अपलोड होते हैं, उनका प्रतिदिन उसी समय के हिसाब से हल जरूर करें।
विषयवार पढ़ाई करना जरूरी
हाईस्कूल में प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली रितु गर्ग ने बताया कि सबसे पहले सिलेबस को दोबारा से पढ़ने की जरूरत है। जब परीक्षा में बैठें तो घबराने के बजाय तनाव रहित परीक्षा दें। एक साथ बहुत देर तक पढ़ने के बजाय छोटे-छोटे स्टेप में पढ़ाई करें। इसमें भी विषयवार अभ्यास बहुत आवश्यक है। जो कमजोर टॉपिक हैं, उन पर ज्यादा फोकस करें। नींद को भरपूर लें, क्योंकि थकान होने पर सही से अभ्यास नहीं कर पाते हैं। दो से तीन साल के अनसॉल्व्ड पेपर को हल करना चाहिए। इसके अलावा प्री बोर्ड की परीक्षा को भी बोर्ड परीक्षा की तरह ही गंभीरता से दें।
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लिखने के पैटर्न पर दें ध्यान
हाईस्कूल में प्रदेश में दसवां स्थान प्राप्त करने वाली इरम फात्मा ने बताया कि लिखने के पैटर्न पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए। सवालों को क्रमवार हल करना चाहिए। ताकि परीक्षक को सवाल ढूंढते समय कोई परेशानी न हो और आसानी से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो सके। मुख्य-मुख्य बिंदुओं को हाईलाइट करना न भूलें। मुख्य टॉपिक को स्कैच से लिखें। समाजशास्त्र में टॉपिक बनाकर लिखें, क्योंकि सपाट जवाब लिखना बहुत ज्यादा प्रभावशाली नहीं रहता है। गणित में रफ वर्क मुख्य सवालों से अलग करना चाहिए।
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स्वीकार करें कि नहीं होता शॉर्टकट
इंटरमीडिएट में प्रदेश में छठवां स्थान प्राप्त करने वाले मयंक सिंह ने बताया कि सबसे पहले यह स्वीकार करना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। अब परीक्षा में लगभग एक माह का ही समय बचा है तो जो अब तक पढ़ाई की है, उसका रिवीजन करें। पिछले वर्ष के क्वेश्चन बैंक की मदद लेनी चाहिए। उससे पता चलता है कि परीक्षा के समय किस तरीके से सवाल पूछे जाते हैं। हिंदी विषय की सबसे पहले परीक्षा होती है और इसमें सबसे ज्यादा लिखना भी होता है। उसके लिए खुद ही समय निर्धारित कर प्रश्नपत्र हल करने का अभ्यास करना चाहिए। मैंने दो सप्ताह पहले से मॉक पेपर हल करना शुरु कर दिया था। यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर मॉडल पेपर अपलोड होते हैं, उनका प्रतिदिन उसी समय के हिसाब से हल जरूर करें।
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विषयवार पढ़ाई करना जरूरी
हाईस्कूल में प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली रितु गर्ग ने बताया कि सबसे पहले सिलेबस को दोबारा से पढ़ने की जरूरत है। जब परीक्षा में बैठें तो घबराने के बजाय तनाव रहित परीक्षा दें। एक साथ बहुत देर तक पढ़ने के बजाय छोटे-छोटे स्टेप में पढ़ाई करें। इसमें भी विषयवार अभ्यास बहुत आवश्यक है। जो कमजोर टॉपिक हैं, उन पर ज्यादा फोकस करें। नींद को भरपूर लें, क्योंकि थकान होने पर सही से अभ्यास नहीं कर पाते हैं। दो से तीन साल के अनसॉल्व्ड पेपर को हल करना चाहिए। इसके अलावा प्री बोर्ड की परीक्षा को भी बोर्ड परीक्षा की तरह ही गंभीरता से दें।
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लिखने के पैटर्न पर दें ध्यान
हाईस्कूल में प्रदेश में दसवां स्थान प्राप्त करने वाली इरम फात्मा ने बताया कि लिखने के पैटर्न पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए। सवालों को क्रमवार हल करना चाहिए। ताकि परीक्षक को सवाल ढूंढते समय कोई परेशानी न हो और आसानी से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो सके। मुख्य-मुख्य बिंदुओं को हाईलाइट करना न भूलें। मुख्य टॉपिक को स्कैच से लिखें। समाजशास्त्र में टॉपिक बनाकर लिखें, क्योंकि सपाट जवाब लिखना बहुत ज्यादा प्रभावशाली नहीं रहता है। गणित में रफ वर्क मुख्य सवालों से अलग करना चाहिए।