{"_id":"6a3c3d5646247b83a4025568","slug":"ration-cards-issued-to-11-differently-abled-persons-and-certificates-to-14-at-a-mobile-court-moradabad-news-c-15-1-mbd1002-933102-2026-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: मोबाइल कोर्ट में 11 दिव्यांगों के बने राशन कार्ड, 14 के प्रमाणपत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: मोबाइल कोर्ट में 11 दिव्यांगों के बने राशन कार्ड, 14 के प्रमाणपत्र
विज्ञापन
मुरादाबाद। सर्किट हाउस में बुधवार को दिव्यांगजन राज्य आयुक्त प्रो. हिमांशु शेखर झा की अध्यक्षता में मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया। जिसमें 81 दिव्यांगों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई। इस दाैरान 11 दिव्यांगों के राशन कार्ड और 14 दिव्यांगों के प्रमाणपत्र मौके पर ही बनाए गए।
सुनवाई के दौरान राज्य आयुक्त ने सीएमओ को निर्देशित किया कि यूडीआईडी कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सप्ताह में दो दिन निर्धारित किए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मेडिकल बोर्ड में तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत डाॅक्टरों को शामिल न किया जाए। साथ ही पात्र दिव्यांगों के आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनवा जाएं।
राशन कार्ड संबंधी समस्याओं पर राज्य आयुक्त ने डीएसओ को निर्देश दिए कि राशन कार्ड बनाने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। पात्र दिव्यांगों के आवेदन प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किए जाएं। आवास संबंधी लंबित आवेदनों का शीघ्र सत्यापन कर सूची तैयार की जाए। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाए।
विज्ञापन
इस दाैरान पीडी ग्राम्य विकास विभाग, सीएमओ, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, सहायक श्रमायुक्त, डीएसओ, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता, एलडीएम आदि माैजूद रहे।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान राज्य आयुक्त ने सीएमओ को निर्देशित किया कि यूडीआईडी कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सप्ताह में दो दिन निर्धारित किए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मेडिकल बोर्ड में तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत डाॅक्टरों को शामिल न किया जाए। साथ ही पात्र दिव्यांगों के आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनवा जाएं।
विज्ञापन
राशन कार्ड संबंधी समस्याओं पर राज्य आयुक्त ने डीएसओ को निर्देश दिए कि राशन कार्ड बनाने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। पात्र दिव्यांगों के आवेदन प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किए जाएं। आवास संबंधी लंबित आवेदनों का शीघ्र सत्यापन कर सूची तैयार की जाए। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाए।
विज्ञापन
इस दाैरान पीडी ग्राम्य विकास विभाग, सीएमओ, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, सहायक श्रमायुक्त, डीएसओ, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता, एलडीएम आदि माैजूद रहे।