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तलाक के लिए लिखी गई थी रेप की स्क्रिप्ट
ब्यूरो/अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Thu, 07 Jan 2016 07:11 PM IST
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विजिलेंस में इंस्पेक्टर पद पर तैनात अपने ससुर पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली महिला अब आरोपों से मुकर गई है। एएसपी आफिस में आरोपी इंस्पेक्टर और बहू के बीच हुए समझौते के बाद बहू ने आरोप वापस ले लिए हैं। बहू के आरोप वापस लेने के बाद इंस्पेक्टर का कहना है कि बहू उनके बीमार बेटे से तलाक चाहती थी और इसीलिए उन पर दबाव बनाने को रेप का झूठा आरोप लगाया था।
इंस्पेक्टर के बेटे की दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं। बरेली विजिलेंस में तैनात इंस्पेक्टर भरत सिंह पर उनकी पुत्रवधू शिखा ने पिछले दिनों रेप के आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। शिखा ने पुलिस में शिकायत करने के साथ ही इस मामले में न्यायालय में भी याचिका डाली थी।
सहायक पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह इस मामले में जांच कर रही थी। बुधवार को उन्होंने दोनों पक्षों को बुलाकर बात की। जिसके बाद दोनों पक्षों में समझौते पर सहमति बनी। स्टांप पर समझौता लिख दिया गया। जिसमें शिखा ने ससुर पर लगाए आरोप वापस ले लिए। बदले में तय हुआ कि इंस्पेक्टर का बेटा रोहित कुमार निवासी कांशीराम नगर पत्नी शिखा को तलाक दे देगा।
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इस बाबत खुशहालपुर रोड मझोली गली नंबर दो निवासी शिखा के पिता डा. जेपी सागर ने बताया कि दबाव में उन्हें फैसला करना पड़ा है। क्योंकि इंस्पेक्टर की पहुंच के आगे उन्हें इंसाफ दम तोड़ता नजर आ रहा था। शिखा का कहा कि उन्हें और उनके पिता को धमकी देकर समझौते पर जबरदस्ती दस्तखत कराए गए हैं। उन्होंने आरोप वापस नहीं लिए हैं उनके ससुर ने वास्तव में उनके साथ घटना की थी।
‘मुझे और मेरे पापा को धमकाकर कराए दस्तखत’
अपने ससुर पुलिस इंस्पेक्टर भरत सिंह पर रेप के आरोप लगाने वाली शिखा अपने आरोपों पर कायम हैं। हालांकि उन्होंने समझौतानामा पर अपने दस्तखत होने की बात स्वीकार की है। लेकिन उनका कहना है कि उन्हें और उनके पापा को डरा धमकाकर जबरदस्ती समझौते पर दस्तखत कराए गए हैं।
शिखा का कहना है कि उन्हें और उनके पिता को इंस्पेक्टर भरत सिंह की ओर से धमकी दी जा रही थीं। शिखा का कहना है कि उन्होंने आरोप वापस नहीं लिए हैं उनके ससुर ने वास्तव में उनके साथ घटना की थी। खुशहालपुर रोड मझोली गली नंबर दो निवासी शिखा के पिता डा. जेपी सागर ने भी कहा कि दबाव में उन्हें फैसला करना पड़ा है।
क्योंकि इंस्पेक्टर की पहुंच के आगे उन्हें इंसाफ दम तोड़ता नजर आ रहा था। डा. सागर ने कहा कि उन्होंने बेटी को इंसाफ दिलाने की भरसक कोशिश की लेकिन आरोपी इंस्पेक्टर भरत सिंह की पहुंच हर जगह आड़े आती रही। उन्होंने कहा कि तमाम बार गुहार लगाने के बावजूद पुलिस ने उनकी बेटी का मेडिकल तक नहीं कराया।
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इंस्पेक्टर के बेटे की दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं। बरेली विजिलेंस में तैनात इंस्पेक्टर भरत सिंह पर उनकी पुत्रवधू शिखा ने पिछले दिनों रेप के आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। शिखा ने पुलिस में शिकायत करने के साथ ही इस मामले में न्यायालय में भी याचिका डाली थी।
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सहायक पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह इस मामले में जांच कर रही थी। बुधवार को उन्होंने दोनों पक्षों को बुलाकर बात की। जिसके बाद दोनों पक्षों में समझौते पर सहमति बनी। स्टांप पर समझौता लिख दिया गया। जिसमें शिखा ने ससुर पर लगाए आरोप वापस ले लिए। बदले में तय हुआ कि इंस्पेक्टर का बेटा रोहित कुमार निवासी कांशीराम नगर पत्नी शिखा को तलाक दे देगा।
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इस बाबत खुशहालपुर रोड मझोली गली नंबर दो निवासी शिखा के पिता डा. जेपी सागर ने बताया कि दबाव में उन्हें फैसला करना पड़ा है। क्योंकि इंस्पेक्टर की पहुंच के आगे उन्हें इंसाफ दम तोड़ता नजर आ रहा था। शिखा का कहा कि उन्हें और उनके पिता को धमकी देकर समझौते पर जबरदस्ती दस्तखत कराए गए हैं। उन्होंने आरोप वापस नहीं लिए हैं उनके ससुर ने वास्तव में उनके साथ घटना की थी।
‘मुझे और मेरे पापा को धमकाकर कराए दस्तखत’
अपने ससुर पुलिस इंस्पेक्टर भरत सिंह पर रेप के आरोप लगाने वाली शिखा अपने आरोपों पर कायम हैं। हालांकि उन्होंने समझौतानामा पर अपने दस्तखत होने की बात स्वीकार की है। लेकिन उनका कहना है कि उन्हें और उनके पापा को डरा धमकाकर जबरदस्ती समझौते पर दस्तखत कराए गए हैं।
शिखा का कहना है कि उन्हें और उनके पिता को इंस्पेक्टर भरत सिंह की ओर से धमकी दी जा रही थीं। शिखा का कहना है कि उन्होंने आरोप वापस नहीं लिए हैं उनके ससुर ने वास्तव में उनके साथ घटना की थी। खुशहालपुर रोड मझोली गली नंबर दो निवासी शिखा के पिता डा. जेपी सागर ने भी कहा कि दबाव में उन्हें फैसला करना पड़ा है।
क्योंकि इंस्पेक्टर की पहुंच के आगे उन्हें इंसाफ दम तोड़ता नजर आ रहा था। डा. सागर ने कहा कि उन्होंने बेटी को इंसाफ दिलाने की भरसक कोशिश की लेकिन आरोपी इंस्पेक्टर भरत सिंह की पहुंच हर जगह आड़े आती रही। उन्होंने कहा कि तमाम बार गुहार लगाने के बावजूद पुलिस ने उनकी बेटी का मेडिकल तक नहीं कराया।