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Moradabad News: हर मोहल्ले में बैठे झोलाछाप, नोटिस सिर्फ 157 को

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 15 Oct 2025 01:46 AM IST
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Quacks are present in every locality, notices were given to only 157
मुरादाबाद। जिले में लगभग 500 अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक व पैथलैब पंजीकृत हैं। इनसे ज्यादा संख्या लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले झोलाछापों की है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिर्फ 157 झोलाछापों को चिह्नित कर नोटिस दिए गए। यह कार्रवाई भी आईजीआरएस पर की गई एक शिकायत के बाद की गई।
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मंगलवार को अमर उजाला ने शहर के कई मोहल्लों में जाकर देखा तो झोलाछापों की दुकानों की कतार नजर आई। पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग ने करुला में झोलाछाप सलमा नासिर के अस्पताल पर सील लगाई। इसके बावजूद अब भी अस्पताल का बोर्ड दूर से ही दिख जाता है। यहां कोई मरीज भर्ती नहीं मिला लेकिन आसपास के लोगों ने बताया कि अब भी कुछ मरीज दवा लेने आते हैं। दवा कौन देता है यह नहीं पता। जयंतीपुर रोड पर दो किलोमीटर के दायरे में पांच झोलाछाप हैं। पीर का बाजार के पास एक झोलाछाप तो लकवा और पैरालाइसिस का इलाज करने का दावा कर रहा है। आज तक यहां कोई चेकिंग नहीं नहीं गई। इसी तरह मंडी समिति के पास एकता कॉलोनी में गली-गली में झोलाछापों की दुकाने हैं। मंडी के द्वितीय गेट से झोलाछापों की दुकानें शुरू होती हैं और आगे बढ़ने पर संख्या बढ़ती जाती है। इसी तरह अगवानपुर में सिर्फ दो अस्पताल सीएमओ कार्यालय में पंजीकृत हैं लेकिन यहां 20 से ज्यादा झोलाछाप नर्सिंग होम चला रहे हैं। गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी की जा रही है।
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इलाज के दौरान नवजात की मौत, परिजनों में रोष
कांठ। निजी अस्पताल में नवजात की मौत पर परिजनों ने हंगामा कर रोष जताया। कांठ के एक गांव की महिला ने रविवार की शाम एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से बेटे को जन्म दिया था। नवजात का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने पर परिजनों ने नगर में ही दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसे मशीन में रखकर इलाज चल रहा था। परिजनों के अनुसार वह स्वस्थ था और मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी भी मिलने वाली थी लेकिन देखते ही देखते नवजात की अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। कुछ लोगों के हस्तक्षेप पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
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झोलाछापों पर कार्रवाई का सिलसिला थमा नहीं है। लगातार चिह्नित कर नोटिस जारी किए जाएंगे और निरीक्षण कर सील भी लगाई जाएगी। जिले में यह अभियान जारी रहेगा।
- डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ
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