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प्रमोटेड विद्यार्थियों का हिंदू और केजीके कालेज में प्रवेश मुश्किल
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मुरादाबाद। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों में नए शैक्षिक सत्र की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विश्वविद्यालयों में मेरिट के आधार पर प्रवेश होते हैं, लेकिन मुरादाबाद में यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट के 656 विद्यार्थी ऐसे हैं, जिनकी अंकतालिका पर अंकों के बजाय प्रमोट लिखा हुआ है। इसकी वजह से यह विद्यार्थी मेरिट में शामिल नहीं हो पाएंगे और शहर के प्रमुख कालेजों में प्रवेश पर भी संशय बन गया है।
मुरादाबाद में हिंदू कालेज और केजीके कालेज में मेरिट के आधार पर प्रवेश होते हैं और दोनों ही कालेजों में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण करना होता है। इसमें इंटरमीडिएट में प्राप्त अंकों को दर्ज करना होता है। इसके बाद ही विद्यार्थी का आवेदन पूरा होता है। प्रवेश समन्वयक हिंदू कालेज डॉ. जेके पाठक ने बताया कि उनके यहां 14 अगस्त तक पंजीकरण प्रक्रिया चलेगी। उसके बाद मेरिट सूची बनाई जाएगी। ऐसे में बिना अंकों के विद्यार्थियों को प्रक्रिया में शामिल करना मुश्किल होगा। केजीके कालेज के प्रवेश प्रभारी डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि पंजीकरण की आखिरी तारीख 12 अगस्त है। यदि पंजीकरण कम होते हैं तो इसे बढ़ाकर 15 अगस्त भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वेबसाइट पर आवेदन के समय प्राप्त अंकों का प्रतिशत लिखना अनिवार्य है। प्रतिशत दर्ज किए बिना आवेदन आगे नहीं होगा। इसलिए बिना अंकों वाले विद्यार्थी पंजीकरण नहीं करा पाएंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय के लिए परामर्श लेंगे।
विवि को करना चाहिए समाधान
क्षेत्रीय कार्यालय माध्यमिक शिक्षा परिषद बरेली के प्रशासनिक अधिकारी विपिन जोशी ने बताया कि विद्यार्थियों के प्रमोट होने का मतलब है कि कालेजों ने अंक उपलब्ध नहीं कराए हैं या फिर अंकों को जोड़ने के बाद उत्तीर्ण होने के लिए जितने अंक चाहिए, उससे कम अंक इन विद्यार्थियों के हैं। कोरोना संक्रमण काल की वजह से इस वर्ष विद्यार्थियों को फेल नहीं किया जा सकता था। इसलिए उन्हें प्रमोट कर दिया गया है। इन विद्यार्थियों के पास वर्ष 2022 में वार्षिक परीक्षा में बैठने का विकल्प है। इसमें विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क नहीं देना होगा और अंकतालिका में उत्तीर्ण होने का वर्ष 2021 ही रहेगा। हाईस्कूल में प्रमोट विद्यार्थियों का उसी स्कूल में प्रवेश मिल जाएगा, लेकिन इंटरमीडिएट वाले विद्यार्थियों का प्रवेश विश्वविद्यालय की पॉलिसी पर निर्भर करता है। कोरोना संक्रमण काल की असामान्य स्थिति है, इसलिए विश्वविद्यालय को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
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वर्जन...
अभी हमारे पास प्रमोटिड विद्यार्थियों की शिकायत नहीं आई है। यदि आती है तो प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव पर विचार किया जाएगा। ताकि सभी विद्यार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित हो सके।
- डॉ. अमित सिंह, मीडिया प्रभारी, एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय
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मुरादाबाद में हिंदू कालेज और केजीके कालेज में मेरिट के आधार पर प्रवेश होते हैं और दोनों ही कालेजों में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण करना होता है। इसमें इंटरमीडिएट में प्राप्त अंकों को दर्ज करना होता है। इसके बाद ही विद्यार्थी का आवेदन पूरा होता है। प्रवेश समन्वयक हिंदू कालेज डॉ. जेके पाठक ने बताया कि उनके यहां 14 अगस्त तक पंजीकरण प्रक्रिया चलेगी। उसके बाद मेरिट सूची बनाई जाएगी। ऐसे में बिना अंकों के विद्यार्थियों को प्रक्रिया में शामिल करना मुश्किल होगा। केजीके कालेज के प्रवेश प्रभारी डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि पंजीकरण की आखिरी तारीख 12 अगस्त है। यदि पंजीकरण कम होते हैं तो इसे बढ़ाकर 15 अगस्त भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वेबसाइट पर आवेदन के समय प्राप्त अंकों का प्रतिशत लिखना अनिवार्य है। प्रतिशत दर्ज किए बिना आवेदन आगे नहीं होगा। इसलिए बिना अंकों वाले विद्यार्थी पंजीकरण नहीं करा पाएंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय के लिए परामर्श लेंगे।
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विवि को करना चाहिए समाधान
क्षेत्रीय कार्यालय माध्यमिक शिक्षा परिषद बरेली के प्रशासनिक अधिकारी विपिन जोशी ने बताया कि विद्यार्थियों के प्रमोट होने का मतलब है कि कालेजों ने अंक उपलब्ध नहीं कराए हैं या फिर अंकों को जोड़ने के बाद उत्तीर्ण होने के लिए जितने अंक चाहिए, उससे कम अंक इन विद्यार्थियों के हैं। कोरोना संक्रमण काल की वजह से इस वर्ष विद्यार्थियों को फेल नहीं किया जा सकता था। इसलिए उन्हें प्रमोट कर दिया गया है। इन विद्यार्थियों के पास वर्ष 2022 में वार्षिक परीक्षा में बैठने का विकल्प है। इसमें विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क नहीं देना होगा और अंकतालिका में उत्तीर्ण होने का वर्ष 2021 ही रहेगा। हाईस्कूल में प्रमोट विद्यार्थियों का उसी स्कूल में प्रवेश मिल जाएगा, लेकिन इंटरमीडिएट वाले विद्यार्थियों का प्रवेश विश्वविद्यालय की पॉलिसी पर निर्भर करता है। कोरोना संक्रमण काल की असामान्य स्थिति है, इसलिए विश्वविद्यालय को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
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अभी हमारे पास प्रमोटिड विद्यार्थियों की शिकायत नहीं आई है। यदि आती है तो प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव पर विचार किया जाएगा। ताकि सभी विद्यार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित हो सके।
- डॉ. अमित सिंह, मीडिया प्रभारी, एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय