फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   private companies buying 4.50 lakh liter

Moradabad News: 9 लाख लीटर दुग्ध उत्पादन, 4.50 लाख लीटर खरीद रहीं प्राइवेट कंपनियां

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 26 Nov 2023 01:56 AM IST
विज्ञापन
private companies buying 4.50 lakh liter
मुरादाबाद।
विज्ञापन

जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ पशु पालकों को उनके दुग्ध का उचित दाम देने के उद्देश्य से पीसीडीएफ के पराग डेयरी के अधिकारियों की लापरवाही के कारण जिले में उत्पादित करीब 9 लाख लीटर दुग्ध के सापेक्ष कुल 50 हजार लीटर दुग्ध ही दुग्ध संघ खरीद पा रहा है।
करीब चार लाख लीटर दुग्ध का उपयोग किसान अपने लिए करते हैं। शेष करीब 4.50 लाख लीटर दुग्ध विभिन्न निजी कंपनियां मदर डेयरी, अमूल, मधुसूदन, पारस, सहज, आनंदा समेत करीब 10 निजी कंपनियां खरीद रही हैं। वहीं दुग्ध संघ लगातार घाटे में चलता जा रहा है। इसके कारण अधिकांश पशु पालकों को भी दुग्ध का वाजिब मूल्य नहीं मिल पा रहा है। यही वजह है कि लगातार घाटे में जा रहे इस दुग्ध संघ को निजी हाथों में पिछले दिनों सौंपने का निर्णय भी हो चुका है। किसानों का मानना है कि अगर ऐसा हुआ तो निजी कंपनियां के माध्यम से उनका शोषण और बढ़ेगा।
विज्ञापन

फैक्ट फाइल
- सन 1967 में दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की यहां स्थापना हुई थी।
- मुरादाबाद जिले में गोवंशीय पशुओं की संख्या 176934, महिषवंशीय पुशओं की संख्या 408720 है। (20 वीं पशु गणना के अनुसार)
- मुरादाबाद जिले में कुल दुग्ध उत्पादन प्रतिदिन नौ लाख लीटर। मुरादाबाद जिले में 325 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां निबंधित हैं।

- मंडल में 1200 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां निबंधित (रजिस्टर्ड) हैं।
- मंड़ल के 1200 गांव के 48000 दुग्ध उत्पादक (पशु पालक) इससे जुड़े हैं।

पराग बूथ पर अन्य प्रोडक्ट की बिक्री से भी पड़ रहा प्रभाव
पराग दुग्ध के अलावा दही, धी, मठ्ठा, खीर समेत कई उत्पाद भी बनाए जाते हैं। जिन्हें बेचने के लिए दुग्ध संघ की ओर से कलक्ट्रेट, अस्पताल गेट, मंडलायुक्त कार्यालय के निकट तथा विकास भवन समेत कई सरकारी स्थानों पर दुकानें खोली गई हैं। नियमानुसार इन पर सिर्फ पराग के ही प्रोडक्ट बेचे जाने चाहिए, लेकिन इन पराग बूथों पर चिप्स, कुरकुरे, बिस्किट, चाकलेट से लेकर कोल्डड्रिंक बिकती है। जिसका सीधा प्रभाव पराग डेयरी के उत्पादन की बिक्री पर पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कई उत्पादकों को मिल चुका नंदबाबा, गोकुल पुरस्कार
दुग्ध संघ के जीएम पंकज सिंह ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में छजलैट विकास खंड की खलीलपुर भीकनपुर दुग्ध समिति की सदस्य बबीता रानी, डिलारी बलॉक की सरकड़ा करीम दुग्ध समिति के पंकज शर्मा, भगतपुर टांडा के भदगवां दुग्ध संघ के अजयपाल सिंह को क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार मिल चुका है। यह पुरस्कार समूह सदस्य द्रारा सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन पर दिया जाता है।
दुग्ध बढ़ावे को चल रही यह योजनाएं
नंदबाबा दुग्ध मिशन योजना के तहत प्रदेश में मुख्यमंत्री गोसंवर्धन और मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। देशी नश्ल की गायों साहिवाल, गिर, थारपार्कर, हरियाना, गंगातेरी प्रजाति की गायों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना के तहत कोई भी पशुपालक देशी गायों की खरीद कर सकता है। इस पर दो लाख रुपये तक सरकार देगी। मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत 8-12 लीटर दुग्ध देने वाली देशी नश्ल की गायों को पालने वाले किसान को प्रोत्साहन स्वरूप 15 हजार रुपये दिए जाएंगे। दोनों योजनाओं में लक्ष्य से अधिक आवेदन आए हैं।

- बेहतर दुग्ध उत्पादन करने वाले समिति के किसान को गोकुल पुरस्कार के रूप में 51 हजार रुपये जबकि नंदबाबा पुरस्कार के रूप में 5100 रुपये मिलते हैं। डेयरी के प्रोडक्टों की बिक्री बढ़ाने के लिए शहर में कई और पराग बूथ खोलने की तैयारी है। प्रयास होगा कि पशुपालक से दुग्ध संघ अधिक से अधिक दुग्ध खरीदे। जिससे पशु पालकों का निजी कंपनी शोषण न कर सकें। -पंकज सिंह, जीएम दुग्ध संघ
--
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed