{"_id":"65ea2af14d57ea87450eb30f","slug":"principal-of-gokuldas-refused-to-recognize-the-chief-guest-dr-shafali-guests-left-the-program-midway-moradabad-news-c-15-1-mbd1002-359166-2024-03-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: गोकुलदास की प्राचार्य ने मुख्य अतिथि डॉ. शैफाली को पहचानने से किया इन्कार, अतिथियों ने बीच में छोड़ा कार्यक्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: गोकुलदास की प्राचार्य ने मुख्य अतिथि डॉ. शैफाली को पहचानने से किया इन्कार, अतिथियों ने बीच में छोड़ा कार्यक्रम
विज्ञापन
मुरादाबाद। गोकुलदास गर्ल्स डिग्री कॉलेज के रासेयो शिविर के समापन कार्यक्रम में उस वक्त गहमागहमी की स्थिति पैदा हो गई, जब प्राचार्य डॉ. चारू मेहरोत्रा ने मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह को पहचानने से इन्कार कर दिया। इसकी वजह से डॉ. शैफाली व कुछ अन्य अतिथि कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर चली गईं। हालांकि प्राचार्य का कहना कि मुख्य अतिथि को दूसरे कार्यक्रम में जाना था। यही बात डॉ. शैफाली सिंह ने भी कही है।
कॉलेज में बृहस्पतिवार को सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का समापन कार्यक्रम था। इसकी मुख्य अतिथि डॉ. शैफाली सिंह, अतिथि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की संयोजिका अल्पना रितेश गुप्ता, भाजपा नेता मदालसा शर्मा थीं। कार्यक्रम शुरू होते समय प्राचार्य प्रो. डॉ. चारू मेहरोत्रा कॉलेज में मौजूद नहीं थीं। वह बीच कार्यक्रम में कॉलेज पहुंचीं। बताया जाता है कि उन्होंने डॉ. शैफाली सिंह से कहा कि मैं आपको नहीं जानतीं। बैठने को लेकर भी कुछ कहा तो डॉ. शैफाली सिंह, अल्पना रितेश गुप्ता और मदालसा शर्मा कार्यक्रम छोड़कर चलीं गईं। इस दौरान शिक्षिकाओं ने डॉ. शैफाली सिंह को रोकने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह कॉलेज से चली गईं। इसकी वजह से कार्यक्रम कुछ देर के लिए रोक दिया गया। हालांकि बाद में छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। छात्राओं को प्राचार्य द्वारा ही सम्मानित किया गया।
वर्जन...
मैं मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुई थी। मेरी प्राचार्य से पहली मुलाकात थी। प्राचार्य मुझे पहचानती नहीं थीं तो उन्होंने कहा कि आप कौन हैं तो मैंने अपना परिचय दे दिया था। क्योंकि मुझे कार्यक्रम में 40 मिनट हो गए थे और मुझे एनआईसी के कार्यक्रम में भी जाना था। इसलिए मैं वहां से चली गई। प्राचार्य बीच कार्यक्रम में किसी गमी से आई थीं, इस वजह से शायद उन्हें असमंजस था। इस तरह की छोटी-छोटी चीजों पर मैं ध्यान नहीं देती।
विज्ञापन
डॉ. शैफाली सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष
हमारे यहां सेमिनार है तो मैं उसकी तैयारियों में थी। इसकी वजह से मैं कॉलेज देरी से पहुंची थी। मेरे आने से पहले कार्यक्रम शुरू हो चुका था और मुख्य अतिथियों को दूसरे कार्यक्रम में जाना था तो वह जल्दी में थीं। उन्हें रोका जा रहा था, लेकिन वह रुकी नहीं। मैं दूसरे शहर से हूं तो मैं परिचय लेती हूं। उन्होंने अपना परिचय दिया। मेरे बराबर में ही बैठी थीं। मैंने प्रोटोकॉल के हिसाब से ही बैठाया था।
प्रो. डॉ. चारू मेहरोत्रा, प्राचार्य, गोकुलदास हिंदू गर्ल्स कॉलेज
विज्ञापन
कॉलेज में बृहस्पतिवार को सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का समापन कार्यक्रम था। इसकी मुख्य अतिथि डॉ. शैफाली सिंह, अतिथि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की संयोजिका अल्पना रितेश गुप्ता, भाजपा नेता मदालसा शर्मा थीं। कार्यक्रम शुरू होते समय प्राचार्य प्रो. डॉ. चारू मेहरोत्रा कॉलेज में मौजूद नहीं थीं। वह बीच कार्यक्रम में कॉलेज पहुंचीं। बताया जाता है कि उन्होंने डॉ. शैफाली सिंह से कहा कि मैं आपको नहीं जानतीं। बैठने को लेकर भी कुछ कहा तो डॉ. शैफाली सिंह, अल्पना रितेश गुप्ता और मदालसा शर्मा कार्यक्रम छोड़कर चलीं गईं। इस दौरान शिक्षिकाओं ने डॉ. शैफाली सिंह को रोकने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह कॉलेज से चली गईं। इसकी वजह से कार्यक्रम कुछ देर के लिए रोक दिया गया। हालांकि बाद में छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। छात्राओं को प्राचार्य द्वारा ही सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
वर्जन...
मैं मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुई थी। मेरी प्राचार्य से पहली मुलाकात थी। प्राचार्य मुझे पहचानती नहीं थीं तो उन्होंने कहा कि आप कौन हैं तो मैंने अपना परिचय दे दिया था। क्योंकि मुझे कार्यक्रम में 40 मिनट हो गए थे और मुझे एनआईसी के कार्यक्रम में भी जाना था। इसलिए मैं वहां से चली गई। प्राचार्य बीच कार्यक्रम में किसी गमी से आई थीं, इस वजह से शायद उन्हें असमंजस था। इस तरह की छोटी-छोटी चीजों पर मैं ध्यान नहीं देती।
विज्ञापन
डॉ. शैफाली सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष
हमारे यहां सेमिनार है तो मैं उसकी तैयारियों में थी। इसकी वजह से मैं कॉलेज देरी से पहुंची थी। मेरे आने से पहले कार्यक्रम शुरू हो चुका था और मुख्य अतिथियों को दूसरे कार्यक्रम में जाना था तो वह जल्दी में थीं। उन्हें रोका जा रहा था, लेकिन वह रुकी नहीं। मैं दूसरे शहर से हूं तो मैं परिचय लेती हूं। उन्होंने अपना परिचय दिया। मेरे बराबर में ही बैठी थीं। मैंने प्रोटोकॉल के हिसाब से ही बैठाया था।
प्रो. डॉ. चारू मेहरोत्रा, प्राचार्य, गोकुलदास हिंदू गर्ल्स कॉलेज