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बवाल करने वालों से सख्ती से निपटेंगेः कमिश्नर
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मुरादाबाद। मंडल के पांच में से तीन जिले नागरिकता संशोधन कानून पर हिंसक विरोध प्रदर्शन की आग में झुलस गए हैं। सरकार और अफसरों के लाख समझाने के बाद भी लोग यह मानने को तैयार नहीं हैं कि सीएए का देश के किसी भी नागरिक से कोई लेना देना नहीं है, बल्कि यह कानून सिर्फ शरणार्थियों पर लागू होता है। बिजनौर में हुए हिंसक प्रदर्शन में डीएम - एसपी गोली लगने से बाल - बाल बचे हैं। तीन पुलिस कर्मियों को गोली लगी है जबकि दो प्रदर्शनकारी मारे गए हैं। संभल में भी एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हुई है। अमरोहा में भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर पथराव हुआ है।
मुरादाबाद और रामपुर को छोड़ मंडल के बाकी तीनों जिलों को हिंसक प्रदर्शन ने अपनी चपेट में ले लिया है। संभल में सपा सांसद डा. शफीकुर्रमान वर्क के आह्वान पर शुरू हुआ प्रदर्शन अब हिंसक भीड़ की शक्ल अख्तियार कर चुका है। जिसे काबू करने में पुलिस - प्रशासन को पसीने छूट रहे हैं। शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने संभल में पुलिस पर जमकर पथराव किया और तोड़फोड़ की। गुरुवार को भी यहां बसों में आग लगा दी गई थी। हालांकि मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद संभल में पुलिस ने रुख सख्त करते हुए प्रदर्शनकारियों को लाठी से समझाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। लेकिन पर्दे के पीछे से प्रदर्शनकारियों को नेताओं की सरपरस्ती के चलते पुलिस की सख्ती भी इसे काबू करने में नाकाम है। मुरादाबाद में शुक्रवार को सपा सांसद डा. एसटी हसन के आह्वान पर हजारों लोग धारा 144 को धता बताकर सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन किया। अमरोहा में कोट चौराहे पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव करके अपने इरादे जाहिर कर दिए तो बिजनौर के बेकाबू हालात की गूंज भी शासन तक पहुंच चुकी है। यहां दो प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद भी पुलिस - प्रशासन स्थिति को काबू में नहीं कर सका है। रामपुर फिलहाल शांत है लेकिन यहां अफसरों की काबिलियत की का इम्तिहान शनिवार को होना है।
बिजनौर में दंगाइयों की ओर से की गई फायरिंग में डीएम - एसपी बाल - बाल बचे हैं। एक सिपाही के बीच में आने की वजह से दोनों अधिकारी बच गए। सिपाही समेत तीन पुलिस कर्मियों को दंगाइयों की गोली लगी है। दो दंगाई मारे गए हैं। बिजनौर में बड़े पैमाने पर पुलिस ने धरपकड़ अभियान शुरू किया है। संभल में पांच स्थानों पर पुलिस पर पथराव हुआ। पुलिस ने पूरी मजबूती से जवाबी कार्रवाई की है। संभल में किसी की मौत नहीं हुई है। अमरोहा में भी पत्थर फेंकने वालों को उसी भाषा में जवाब दिया गया है। मुरादाबाद और रामपुर शांत हैं। मंडल के बाकी तीनों जिलों संभल, बिजनौर और अमरोहा में भी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है। हम पब्लिक से अनुरोध करते हैं कि किसी अफवाह पर ध्यान न दें। नागरिकता संशोधन कानून देश के किसी भी नागरिक के खिलाफ नहीं है। लोग इसे पढ़ें और अपने भरोसे के लोगों से पढ़वाकर पूरी तरह समझ लें। किसी के उकसावे में आकर कानून को हाथ में न लें। हिंसा करने वालों को पुलिस उसी भाषा में जवाब देगी। - यशवंत राव, कमिश्नर।
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हालात का जायजा लेते रहे कमिश्नर - एडीजी
मुरादाबाद।
कमिश्नर यशवंत राव और अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था संदीप सालुंके मंडल में कानून व्यवस्था की स्थिति पर नजर बनाए हैं। दोनों अधिकारियों ने शुक्रवार को मुरादाबाद में अलग - अलग इलाकों में भ्रमण किया और कानून व्यवस्था की स्थिति को परखा। मंडल के बाकी जिलों से भी दोनों अधिकारी पल - पल की रिपोर्ट लेते रहे।
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मुरादाबाद और रामपुर को छोड़ मंडल के बाकी तीनों जिलों को हिंसक प्रदर्शन ने अपनी चपेट में ले लिया है। संभल में सपा सांसद डा. शफीकुर्रमान वर्क के आह्वान पर शुरू हुआ प्रदर्शन अब हिंसक भीड़ की शक्ल अख्तियार कर चुका है। जिसे काबू करने में पुलिस - प्रशासन को पसीने छूट रहे हैं। शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने संभल में पुलिस पर जमकर पथराव किया और तोड़फोड़ की। गुरुवार को भी यहां बसों में आग लगा दी गई थी। हालांकि मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद संभल में पुलिस ने रुख सख्त करते हुए प्रदर्शनकारियों को लाठी से समझाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। लेकिन पर्दे के पीछे से प्रदर्शनकारियों को नेताओं की सरपरस्ती के चलते पुलिस की सख्ती भी इसे काबू करने में नाकाम है। मुरादाबाद में शुक्रवार को सपा सांसद डा. एसटी हसन के आह्वान पर हजारों लोग धारा 144 को धता बताकर सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन किया। अमरोहा में कोट चौराहे पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव करके अपने इरादे जाहिर कर दिए तो बिजनौर के बेकाबू हालात की गूंज भी शासन तक पहुंच चुकी है। यहां दो प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद भी पुलिस - प्रशासन स्थिति को काबू में नहीं कर सका है। रामपुर फिलहाल शांत है लेकिन यहां अफसरों की काबिलियत की का इम्तिहान शनिवार को होना है।
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बिजनौर में दंगाइयों की ओर से की गई फायरिंग में डीएम - एसपी बाल - बाल बचे हैं। एक सिपाही के बीच में आने की वजह से दोनों अधिकारी बच गए। सिपाही समेत तीन पुलिस कर्मियों को दंगाइयों की गोली लगी है। दो दंगाई मारे गए हैं। बिजनौर में बड़े पैमाने पर पुलिस ने धरपकड़ अभियान शुरू किया है। संभल में पांच स्थानों पर पुलिस पर पथराव हुआ। पुलिस ने पूरी मजबूती से जवाबी कार्रवाई की है। संभल में किसी की मौत नहीं हुई है। अमरोहा में भी पत्थर फेंकने वालों को उसी भाषा में जवाब दिया गया है। मुरादाबाद और रामपुर शांत हैं। मंडल के बाकी तीनों जिलों संभल, बिजनौर और अमरोहा में भी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है। हम पब्लिक से अनुरोध करते हैं कि किसी अफवाह पर ध्यान न दें। नागरिकता संशोधन कानून देश के किसी भी नागरिक के खिलाफ नहीं है। लोग इसे पढ़ें और अपने भरोसे के लोगों से पढ़वाकर पूरी तरह समझ लें। किसी के उकसावे में आकर कानून को हाथ में न लें। हिंसा करने वालों को पुलिस उसी भाषा में जवाब देगी। - यशवंत राव, कमिश्नर।
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मुरादाबाद।
कमिश्नर यशवंत राव और अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था संदीप सालुंके मंडल में कानून व्यवस्था की स्थिति पर नजर बनाए हैं। दोनों अधिकारियों ने शुक्रवार को मुरादाबाद में अलग - अलग इलाकों में भ्रमण किया और कानून व्यवस्था की स्थिति को परखा। मंडल के बाकी जिलों से भी दोनों अधिकारी पल - पल की रिपोर्ट लेते रहे।