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Moradabad News: अभिभावकों ने की पाठ्यक्रम में बदलाव की शिकायत
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मुरादाबाद। नए शैक्षिक सत्र के लिए निजी स्कूलों द्वारा पाठ्यक्रम में किए गए बदलाव की शिकायत अभिभावकों ने अधिकारियों से की। मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी ऑनलाइन शिकायत में अभिभावकों ने कार्रवाई की मांग की है।
जिले में करीब 72 निजी स्कूलों में लगभग 70 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। अभिभावकों का कहना है कि जिलाधिकारी ने 12 फरवरी को जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक के बाद पाठ्यक्रम में बदलाव न करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही जिन विषयों में एनसीईआरटी की किताबें हैं, उन विषयों का शिक्षण कार्य एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों से ही करवाने को कहा था। इसके बावजूद पाठ्यक्रम में बदलाव कर दिया गया है। एक अभिभावक ने कहा कि मेरा बेटा कक्षा पांच का छात्र है। पाठ्यक्रम में शामिल 17 में से 15 किताबें बदल गई हैं। मैंने शिकायत में लिखा है कि यह गलत है। अधिकारियों का स्कूलों पर कोई नियंत्रण नहीं है। स्कूल अपनी मनमानी कर रहे हैं। वहीं दूसरे अभिभावक ने बताया कि मेरी बेटी कक्षा छह की छात्रा है। पाठ्यक्रम में 16 किताबें हैं। दो को छोड़कर सभी किताबें बदल दी हैं। एनसीईआरटी की आठ किताबें हैं और शेष सभी निजी प्रकाशकों की हैं। अभी पाठ्यक्रम नहीं खरीदा है क्योंकि हमें भरोसा है कि प्रशासनिक अधिकारी कोई कार्रवाई जरूर करेंगे। मैंने मंडलायुक्त, डीएम और डीआईओएस से शिकायत की है।
यह बोले पदाधिकारी
कुछ दिनों से लगातार जानकारी प्राप्त हो रही थी कि जिला विद्यालय निरीक्षक कह रहे थे कि शिकायतें नहीं मिल रही हैं। अभिभावकों ने पिछले साल भी शिकायत की थी और अब दोबारा शिकायत कर रहे हैं। अब तक करीब 50 अभिभावक कमिश्नर, डीएम और डीओएस को ई-मेल कर शिकायत कर चुके हैं। अब देखने वाली बात है कि गत वर्ष की भांति जांच कर फाइल बंद कर दी जाएगी या फिर कार्रवाई भी होगी।
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अनुज गुप्ता, अध्यक्ष, मुरादाराद पेरेंट्स ऑफ ऑल स्कूल्स।
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जिले में करीब 72 निजी स्कूलों में लगभग 70 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। अभिभावकों का कहना है कि जिलाधिकारी ने 12 फरवरी को जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक के बाद पाठ्यक्रम में बदलाव न करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही जिन विषयों में एनसीईआरटी की किताबें हैं, उन विषयों का शिक्षण कार्य एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों से ही करवाने को कहा था। इसके बावजूद पाठ्यक्रम में बदलाव कर दिया गया है। एक अभिभावक ने कहा कि मेरा बेटा कक्षा पांच का छात्र है। पाठ्यक्रम में शामिल 17 में से 15 किताबें बदल गई हैं। मैंने शिकायत में लिखा है कि यह गलत है। अधिकारियों का स्कूलों पर कोई नियंत्रण नहीं है। स्कूल अपनी मनमानी कर रहे हैं। वहीं दूसरे अभिभावक ने बताया कि मेरी बेटी कक्षा छह की छात्रा है। पाठ्यक्रम में 16 किताबें हैं। दो को छोड़कर सभी किताबें बदल दी हैं। एनसीईआरटी की आठ किताबें हैं और शेष सभी निजी प्रकाशकों की हैं। अभी पाठ्यक्रम नहीं खरीदा है क्योंकि हमें भरोसा है कि प्रशासनिक अधिकारी कोई कार्रवाई जरूर करेंगे। मैंने मंडलायुक्त, डीएम और डीआईओएस से शिकायत की है।
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यह बोले पदाधिकारी
कुछ दिनों से लगातार जानकारी प्राप्त हो रही थी कि जिला विद्यालय निरीक्षक कह रहे थे कि शिकायतें नहीं मिल रही हैं। अभिभावकों ने पिछले साल भी शिकायत की थी और अब दोबारा शिकायत कर रहे हैं। अब तक करीब 50 अभिभावक कमिश्नर, डीएम और डीओएस को ई-मेल कर शिकायत कर चुके हैं। अब देखने वाली बात है कि गत वर्ष की भांति जांच कर फाइल बंद कर दी जाएगी या फिर कार्रवाई भी होगी।
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अनुज गुप्ता, अध्यक्ष, मुरादाराद पेरेंट्स ऑफ ऑल स्कूल्स।