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मौसम की बेरुखी से लेट हुई धान की कटाई , सूने पड़े धान खरीद केंद्र
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मुरादाबाद। फसल पकने के बाद कई बार हुई बारिश ने धान की कटाई करीब 10 दिन लेट करा दी है। इस कारण सरकारी धान खरीद केंद्रों पर अभी तक धान नहीं आया है। केंद्र सूने पड़े हैं। अब तक नौ दिनों में सिर्फ 39.60 क्विंटल खरीद हुई है जबकि पिछले साल यह आंकड़ा करीब 250 मीट्रिक टन था।
जिले में धान का करीब एक लाख हैक्टेयर रकबा है। यहां अक्सर अक्तूबर के पहले सप्ताह में फसल पकने के बाद उसकी कटाई शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार सितंबर के आखिरी सप्ताह और अक्तूबर के पहले सप्ताह में ही चार दिन बारिश हुई। इस कारण पकी हुई फसल भीग गई और किसानों ने कटाई देर से शुरू की। इस कारण जिले के धान क्रय केंद्र सूने हैं। पूरे जिले में अभी तक केवल मंडी परिसर स्थित खाद्य विभाग के सेंटर संख्या दो पर केवल 39.60 क्विंटल की धान खरीद हुई है। जबकि, पिछले साल एक से नौ अक्तूबर तक जिले में करीब 250 मीट्रिक टन धान खरीदा गया था।
किसानों ने ये बताई वजह
मंडी परिसर स्थित खाद्य विभाग के केंद्र संख्या एक पर धान बेचने के लिए जानकारी करने आए शाहआलमपुर के किसान ओमपाल, लालपुर के इसरार हुसैन, भुवनेेश कुमार आदि किसानों ने बताया कि उनकी फसल सितंबर के आखिरी सप्ताह में तैयार हो गई थी, लेकिन कटाई से पहले ही दो बार बारिश हो गई। फसल भीगने की वजह से कटाई नहीं की। दस दिन बाद अब कटाई चल रही है।
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लक्ष्य पूरा करना भी चुनौती
इस साल शासन ने जिले में खरीद का लक्ष्य 1.18 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। जबकि, पिछले साल ये 80 एमटी था। लक्ष्य बढ़ाने के बावजूद इस बार पांच एजेंसियों को खरीद की अनुमति नहीं दी है। इन एजेंसियों के पिछले साल 31 केंद्र चले थे। पिछले साल 64 केंद्र खुले थे, जबकि इस बार 58 खोलने को कहा गया है। इनमें भी केवल 31 ही अभी तक चालू हुए हैं। जाहिर है कि इस साल धान खरीद का लक्ष्य पूरा करना भी चुनौती से कम नहीं होगा।
उन्होंने खुद गांवों में जाकर किसानों से बात की है। पता चला है कि इस बार बारिश होने की वजह से फसल की कटाई कुछ देरी से होगी। इस कारण सेंटरों पर अगले सप्ताह से धान आने की संभावना है। जिले में धान खरीद के सेंटर बढ़ाने का भी प्रास चल रहा है एजेंसियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। खरीद लक्ष्य हर हाल में पूरा करने का प्रयास होगा।
-राजेश्वर प्रताप सिंह, डिप्टी आरएमओ खाद्य विभाग
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जिले में धान का करीब एक लाख हैक्टेयर रकबा है। यहां अक्सर अक्तूबर के पहले सप्ताह में फसल पकने के बाद उसकी कटाई शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार सितंबर के आखिरी सप्ताह और अक्तूबर के पहले सप्ताह में ही चार दिन बारिश हुई। इस कारण पकी हुई फसल भीग गई और किसानों ने कटाई देर से शुरू की। इस कारण जिले के धान क्रय केंद्र सूने हैं। पूरे जिले में अभी तक केवल मंडी परिसर स्थित खाद्य विभाग के सेंटर संख्या दो पर केवल 39.60 क्विंटल की धान खरीद हुई है। जबकि, पिछले साल एक से नौ अक्तूबर तक जिले में करीब 250 मीट्रिक टन धान खरीदा गया था।
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किसानों ने ये बताई वजह
मंडी परिसर स्थित खाद्य विभाग के केंद्र संख्या एक पर धान बेचने के लिए जानकारी करने आए शाहआलमपुर के किसान ओमपाल, लालपुर के इसरार हुसैन, भुवनेेश कुमार आदि किसानों ने बताया कि उनकी फसल सितंबर के आखिरी सप्ताह में तैयार हो गई थी, लेकिन कटाई से पहले ही दो बार बारिश हो गई। फसल भीगने की वजह से कटाई नहीं की। दस दिन बाद अब कटाई चल रही है।
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लक्ष्य पूरा करना भी चुनौती
इस साल शासन ने जिले में खरीद का लक्ष्य 1.18 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। जबकि, पिछले साल ये 80 एमटी था। लक्ष्य बढ़ाने के बावजूद इस बार पांच एजेंसियों को खरीद की अनुमति नहीं दी है। इन एजेंसियों के पिछले साल 31 केंद्र चले थे। पिछले साल 64 केंद्र खुले थे, जबकि इस बार 58 खोलने को कहा गया है। इनमें भी केवल 31 ही अभी तक चालू हुए हैं। जाहिर है कि इस साल धान खरीद का लक्ष्य पूरा करना भी चुनौती से कम नहीं होगा।
उन्होंने खुद गांवों में जाकर किसानों से बात की है। पता चला है कि इस बार बारिश होने की वजह से फसल की कटाई कुछ देरी से होगी। इस कारण सेंटरों पर अगले सप्ताह से धान आने की संभावना है। जिले में धान खरीद के सेंटर बढ़ाने का भी प्रास चल रहा है एजेंसियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। खरीद लक्ष्य हर हाल में पूरा करने का प्रयास होगा।
-राजेश्वर प्रताप सिंह, डिप्टी आरएमओ खाद्य विभाग