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world health day : ऑनलाइन सिस्टम कर रहा छात्रों का बेड़ा पार पर लापरवाही बना रही बीमार
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मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण काल को एक साल हो गया है। बच्चों ने घरों में रहकर ऑनलाइन पढ़ाई की। शारीरिक श्रम न के बराबर रहा है। शिक्षा में ये ऑनलाइन सिस्टम बच्चों का बेड़ा पार कर रहा है, लेकिन लापरवाही उन्हें बीमार भी बना रही है।
बच्चे पहले ही टीवी और मोबाइल के करीब थे, ऑनलाइन पढ़ाई ने उन्हें वर्चुअल स्क्रीन के और ज्यादा करीब कर दिया है। लॉकडाउन के दौरान मोबाइल पर गेम, टीवी पर कार्टून देखना पहले जैसा ही जारी रहा। पढ़ाई और मनोरंजन के फेर में मोबाइल, लैपटॉप के साथ टीवी पर बच्चों का अधिक समय गुजरा। इसका असर बच्चों की सेहत पर पड़ा। बच्चों में सर्वाइकल, कंप्यूटर विजन सिंड्रोम और मोटापे की शिकायत बढ़ गई। सरकारी और निजी अस्पतालों में ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में चिकित्सकों की सलाह है कि वह बच्चों में शारीरिक श्रम और व्यायाम को बढ़ावा दें। अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वह खुद भी इस ओर ध्यान दें ताकि वह खुद स्वस्थ रहते हुए बच्चों पर भी पूरा ध्यान रख सकें। ऑनलाइन क्लास के दौरान जरूरी एहतियात भी बरतें।
बच्चों में ये हो रही शिकायत
- सिर में दर्द
- गर्दन में दर्द और चक्कर
- कोहनी में दर्द
- कमर में दर्द
- आंखों में कंप्यूटर विजन सिंड्रोम की शिकायत
- पलक झपकना बढ़ गया है
- आंसु में चिकनाई कम हो रही
- आंखों में थकान महसूस हो रही है
- मोटापा बढ़ रहा है
- व्यवहार में परिवर्तन आ रहा है
- चिड़चिड़ापन
डाक्टरों की सलाह
- बच्चों में फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाएं
- सुबह शाम पार्कों में ले जाएं
- खानपान में बदलाव लाएं
- फल और सब्जी खिलाएं
- गर्दन को बीच-बीच में मूव करें
- हर चार पांच घंटे पर एक्सरसाइज कराएं
- लैपटॉप या मोबाइल को ऊंची पर रखें, ताकि गर्दन अधिक झुकाना न पड़े
- मोबाइल-लैपटॉप पर काटूर्न और गेम खेलना बंद कराएं
- 40 मिनट के क्लास के बाद पांच से दस मिनट आराम फायदेमंद
बच्चों के खानपान में लाएं बदलाव
जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. बीर सिंह का कहना है कि बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी में कमी आई है। इससे बच्चे मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से प्रभावित हुए हैं। बच्चों का वजन बढ़ा है। उनके व्यवहार में भी परिवर्तन आया है। बच्चे चिड़चिड़े होने लगे हैं। ओपीडी में रोजाना ऐसे तीन-चार बच्चे आते हैं। ऐसे में बच्चों के खानपान में बदलाव लाएं। उन्हें फल और हरी सब्जी खिलाएं।
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हर चार से पांच घंटे पर कराएं एक्सरसाइज
वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. विनय गुप्ता का कहना है कि ओपीडी में रोजाना दो से तीन बच्चे ऐसे आते हैं, जिन्हें सिर में दर्द, चक्कर आने की शिकायत होती है। इसके अलावा कमर और हाथों में कोहनी तक दर्द की भी शिकायत होती है। अभिभावक को चाहिए कि ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले बच्चों को हर चार से पांच घंटे में गर्दन की एक्सरसाइज जरूर कराएं।
हर क्लास के बाद दस मिनट का आराम फायदेमंद
नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. पल्लव अग्रवाल का कहना है कि कोरोना काल में बच्चों में कंप्यूटर विजन सिंड्रोम की शिकायतें बढ़ी है। ऐसे बच्चों की संख्या ओपीडी में दोगुनी हो गई है। इसकी वजह पढ़ाई के साथ मोबाइल पर कार्टून और गेम खेलना है। बच्चों को चाहिए के मोबाइल पर जरूरतभर की पढ़ाई करें। कार्टून देखने और गेम खेलने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल न करें। 40 से 45 मिनट के क्लास के बाद दस मिनट का आराम बच्चों के लिए फायदेमंद होगा।
कक्षा के बीच में भी करते रहें व्यायाम
न्यूरोसर्जन और फीजिशियन डा. अभय सिंह का कहना है कि ऑफलाइन क्लास में हमारी नजर दूर ब्लैकबोर्ड पर होती है इससे आंखों और दिमाग पर ज्यादा जोर नहीं पड़ता। ऑनलाइन प्रयोग से मानसिक दबाव और तनाव बढ़ा है। शारीरिक श्रम कम होने से हमारी गर्दन और रीढ़ पर असर पड़ता है। ऑनलाइन क्लास में ज्यादा समय स्क्रीन पर नजर रखनी पड़ती है। लगातार एक ही मुद्रा में बैठने से गर्दन और कंधों की हड्डियों और मसल्स पर असर पड़ता है। इसलिए ऑनलाइन क्लास के बीच में अपनी बैठने की मुद्रा बदलते रहें। बच्चों को व्यायाम कराएं। क्लास के बीच-बीच में गर्दन और आंखों को घुमाने संबंधी व्यायाम करते रहें।
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बच्चे पहले ही टीवी और मोबाइल के करीब थे, ऑनलाइन पढ़ाई ने उन्हें वर्चुअल स्क्रीन के और ज्यादा करीब कर दिया है। लॉकडाउन के दौरान मोबाइल पर गेम, टीवी पर कार्टून देखना पहले जैसा ही जारी रहा। पढ़ाई और मनोरंजन के फेर में मोबाइल, लैपटॉप के साथ टीवी पर बच्चों का अधिक समय गुजरा। इसका असर बच्चों की सेहत पर पड़ा। बच्चों में सर्वाइकल, कंप्यूटर विजन सिंड्रोम और मोटापे की शिकायत बढ़ गई। सरकारी और निजी अस्पतालों में ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में चिकित्सकों की सलाह है कि वह बच्चों में शारीरिक श्रम और व्यायाम को बढ़ावा दें। अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वह खुद भी इस ओर ध्यान दें ताकि वह खुद स्वस्थ रहते हुए बच्चों पर भी पूरा ध्यान रख सकें। ऑनलाइन क्लास के दौरान जरूरी एहतियात भी बरतें।
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बच्चों में ये हो रही शिकायत
- सिर में दर्द
- गर्दन में दर्द और चक्कर
- कोहनी में दर्द
- कमर में दर्द
- आंखों में कंप्यूटर विजन सिंड्रोम की शिकायत
- पलक झपकना बढ़ गया है
- आंसु में चिकनाई कम हो रही
- आंखों में थकान महसूस हो रही है
- मोटापा बढ़ रहा है
- व्यवहार में परिवर्तन आ रहा है
- चिड़चिड़ापन
डाक्टरों की सलाह
- बच्चों में फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाएं
- सुबह शाम पार्कों में ले जाएं
- खानपान में बदलाव लाएं
- फल और सब्जी खिलाएं
- गर्दन को बीच-बीच में मूव करें
- हर चार पांच घंटे पर एक्सरसाइज कराएं
- लैपटॉप या मोबाइल को ऊंची पर रखें, ताकि गर्दन अधिक झुकाना न पड़े
- मोबाइल-लैपटॉप पर काटूर्न और गेम खेलना बंद कराएं
- 40 मिनट के क्लास के बाद पांच से दस मिनट आराम फायदेमंद
बच्चों के खानपान में लाएं बदलाव
जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. बीर सिंह का कहना है कि बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी में कमी आई है। इससे बच्चे मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से प्रभावित हुए हैं। बच्चों का वजन बढ़ा है। उनके व्यवहार में भी परिवर्तन आया है। बच्चे चिड़चिड़े होने लगे हैं। ओपीडी में रोजाना ऐसे तीन-चार बच्चे आते हैं। ऐसे में बच्चों के खानपान में बदलाव लाएं। उन्हें फल और हरी सब्जी खिलाएं।
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हर चार से पांच घंटे पर कराएं एक्सरसाइज
वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. विनय गुप्ता का कहना है कि ओपीडी में रोजाना दो से तीन बच्चे ऐसे आते हैं, जिन्हें सिर में दर्द, चक्कर आने की शिकायत होती है। इसके अलावा कमर और हाथों में कोहनी तक दर्द की भी शिकायत होती है। अभिभावक को चाहिए कि ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले बच्चों को हर चार से पांच घंटे में गर्दन की एक्सरसाइज जरूर कराएं।
हर क्लास के बाद दस मिनट का आराम फायदेमंद
नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. पल्लव अग्रवाल का कहना है कि कोरोना काल में बच्चों में कंप्यूटर विजन सिंड्रोम की शिकायतें बढ़ी है। ऐसे बच्चों की संख्या ओपीडी में दोगुनी हो गई है। इसकी वजह पढ़ाई के साथ मोबाइल पर कार्टून और गेम खेलना है। बच्चों को चाहिए के मोबाइल पर जरूरतभर की पढ़ाई करें। कार्टून देखने और गेम खेलने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल न करें। 40 से 45 मिनट के क्लास के बाद दस मिनट का आराम बच्चों के लिए फायदेमंद होगा।
कक्षा के बीच में भी करते रहें व्यायाम
न्यूरोसर्जन और फीजिशियन डा. अभय सिंह का कहना है कि ऑफलाइन क्लास में हमारी नजर दूर ब्लैकबोर्ड पर होती है इससे आंखों और दिमाग पर ज्यादा जोर नहीं पड़ता। ऑनलाइन प्रयोग से मानसिक दबाव और तनाव बढ़ा है। शारीरिक श्रम कम होने से हमारी गर्दन और रीढ़ पर असर पड़ता है। ऑनलाइन क्लास में ज्यादा समय स्क्रीन पर नजर रखनी पड़ती है। लगातार एक ही मुद्रा में बैठने से गर्दन और कंधों की हड्डियों और मसल्स पर असर पड़ता है। इसलिए ऑनलाइन क्लास के बीच में अपनी बैठने की मुद्रा बदलते रहें। बच्चों को व्यायाम कराएं। क्लास के बीच-बीच में गर्दन और आंखों को घुमाने संबंधी व्यायाम करते रहें।