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सिपाही को भू माफिया घोषित करने के लिए कलक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठी वृद्धा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jul 2021 01:09 AM IST
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Old lady sitting on dharna at collectorate gate to declare soldier as land mafia
मुरादाबाद। करोड़ों की जमीन को हड़प लिए जाने के बाद न्याय के लिए धरना देते पति की मौत हो गई, फिर भी इंसाफ नहीं मिला। आरोपी सिपाही को भू-माफिया तक घोषित नहीं किया गया। अब बुजुर्ग लीलावती सिपाही को भू-माफिया घोषित करने की मांग को लेकर बुधवार से कलक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठ गईं हैं। उनका कहना है कि भूमाफिया घोषित होने के बाद ही धरना खत्म किया जाएगा। उन्होंने अवैध तरीके से जुटाई गई सिपाही की संपत्ति को जब्त करने की मांग भी उठाई हैै।
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थाना मझोला के गांव धीमरी निवासी महिला लीलावती की वर्ष 2011 में करोड़ों रुपये की जमीन सिपाही महेंद्र सिंह ने धोखाधड़ी कर हड़प ली थी। लीलावती का कहना है कि सिपाही ने एग्रीमेंट के बहाने कचहरी बुलाकर बिना रुपये दिए अपनी पत्नी उर्मिला देवी के नाम बैनामा करा लिया।
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वर्ष 2014 में बैनामा कराई गई जमीन के एक ही दिन में 13 बैनामे कर सारी जमीन बेच दी। पति ने सिपाही के खिलाफ मुकदमा लिखाया। पुलिस ने चार्जशीट तो लगा दी, लेकिन सिपाही को गिरफ्तार नहीं किया गया। सिपाही ने बाद में स्टे ले लिया। सिपाही के खिलाफ कार्रवाई को लेकर लीलावती के पति शेर सिंह घर पर ही आमरण अनशन कर रहे थे। अनशन पर ही पति शेर सिंह की 08 जनवरी 2021 को मौत हो गई थी।
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इस मामले में सिपाही महेंद्र सिंह और उसके बेटे के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। शेर सिंह की मौत के समय तत्कालीन अधिकारियों ने सिपाही को भू माफिया घोषित करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद ही परिवार वाले शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए थे। समय के साथ अधिकारी बदल गए। लंबा समय बीतने के बाद भी सिपाही भूमाफिया घोषित नहीं किया गया।

धरने पर बैठीं लीलावती का कहना है कि सिपाही महेंद्र सिंह का आपराधिक इतिहास है और उसने अनेक लोगों की जमीनें हड़पी हैं। विभाग में चार बार निलंबित हो चुका है। उस पर सात मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन उसे आज तक गिरफ्तार कर जेल भी नहीं भेजा गया। अब वह न्याय के लिए कलक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठ गई हैं। अंतिम सांस तक इंसाफ के लिए वह धरने पर बैठी रहेंगी। उनकी मांग है कि सिपाही महेंद्र पाल सिंह को भू माफिया घोषित किया जाए। उसे नौकरी से बर्खास्त करने के साथ ही उसकी बेनामी संपत्ति को जब्त किया जाए।
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