{"_id":"674639ba0ce162a6ba024eb7","slug":"now-the-corporation-will-become-self-reliant-will-illuminate-the-city-with-its-electricity-moradabad-news-c-15-1-mbd1042-530487-2024-11-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: अब आत्मनिर्भर बनेगा निगम, अपनी बिजली से रोशन करेगा शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: अब आत्मनिर्भर बनेगा निगम, अपनी बिजली से रोशन करेगा शहर
विज्ञापन
मुरादाबाद। बिजली व्यवस्था को लेकर नगर निगम अब आत्मनिर्भर बनने जा रहा है। निगम की ओर से जल्द ही शहर में 10 मेगावाट की क्षमता का सोलर पार्क बनाया जाएगा। पार्क में लगे सोलर प्लांट की बिजली से ही शहर की गलियां रोशन होंगी। साथ ही निगम अपने कार्यालयों में भी अपनी ही बिजली का इस्तेमाल करेगा। बची हुई बिजली बेचकर निगम कमाई भी करेगा।
नगर निगम की ओर से सोलर पार्क का एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेज दिया गया है, जिसे प्राथमिक स्तर पर स्वीकृति भी मिल चुकी है। उम्मीद है कि जनवरी तक इस प्रोजेक्ट के लिए धनराशि भी नगर निगम को मिल जाएगी। इसके बाद टेंडर जारी होगा। 61.80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह सोलर पार्क एक साल के अंदर बनकर तैयार हो जाएगा।
निगम ने 10 मेगावाट के इस प्लांट के लिए रामपुर रोड स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में लगभग छह एकड़ की जमीन को चिह्नित किया है। निगम के अधिकारियों के अनुसार बिजली बिल बचाने के उद्देश्य से सोलर पार्क का प्रस्ताव तैयार कर नगर विकास विभाग को भेजा गया है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -
हर साल 18 से 20 करोड़ की होगी बचत
शहर में नगर निगम स्ट्रीट लाइट जलाने, कार्यालय में बिजली के इस्तेमाल व अन्य स्त्रोतों पर हर महीने तकरीबन 1.50 करोड़ रुपये की बिजली का इस्तेमाल करता है। विद्युत महकमे को हर महीने 1.50 करोड़ रुपये का भुगतान कर रहा नगर निगम सोलर पार्क के जरिये हर साल खर्च होने वाले 18 से 20 करोड़ रुपये बचाने की तैयारी कर रहा है। अपने इस्तेमाल के बाद बची बिजली को बेचकर होने वाली कमाई को नगर निगम शहर के विकास पर खर्च करेगा।
-- -- -- -- -
विद्युत उपकेंद्र से जुड़ेगा नेटवर्क
नगर निगम का यह सोलर पार्क छह एकड़ की जमीन पर तैयार किया जाएगा। चारों ओर बाउंड्री भी बनाई जाएगी। साथ ही 33/11 विद्युत उपकेंद्र से सोलर प्लांट का सीधा नेटवर्क जोड़ा जाएगा। ताकि, अतिरिक्त ऊर्जा को 33 केवी ट्रांसमिशन को बेचा जा सके। सोलर प्लांट को एक साल के भीतर शुरू करने की भी तैयारी है। सोलर पार्क में ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, पानी, कम्युनिकेशन नेटवर्क जैसी सामान्य इंफ्रा फैसिलिटीज भी विकसित की जाएंगी।
-- -- -- -- -- -- -
शहर में सोलर पार्क स्थापित करने के लिए ड्राफ्ट तैयार कर शासन को भेजा गया है। इस प्लांट से पैदा होने वाली बिजली का इस्तेमाल नगर निगम करेगा। अतिरिक्त ऊर्जा को बेचकर निगम आमदनी भी कर सकेगा, जिसे विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त
विज्ञापन
नगर निगम की ओर से सोलर पार्क का एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेज दिया गया है, जिसे प्राथमिक स्तर पर स्वीकृति भी मिल चुकी है। उम्मीद है कि जनवरी तक इस प्रोजेक्ट के लिए धनराशि भी नगर निगम को मिल जाएगी। इसके बाद टेंडर जारी होगा। 61.80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह सोलर पार्क एक साल के अंदर बनकर तैयार हो जाएगा।
विज्ञापन
निगम ने 10 मेगावाट के इस प्लांट के लिए रामपुर रोड स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में लगभग छह एकड़ की जमीन को चिह्नित किया है। निगम के अधिकारियों के अनुसार बिजली बिल बचाने के उद्देश्य से सोलर पार्क का प्रस्ताव तैयार कर नगर विकास विभाग को भेजा गया है।
विज्ञापन
हर साल 18 से 20 करोड़ की होगी बचत
शहर में नगर निगम स्ट्रीट लाइट जलाने, कार्यालय में बिजली के इस्तेमाल व अन्य स्त्रोतों पर हर महीने तकरीबन 1.50 करोड़ रुपये की बिजली का इस्तेमाल करता है। विद्युत महकमे को हर महीने 1.50 करोड़ रुपये का भुगतान कर रहा नगर निगम सोलर पार्क के जरिये हर साल खर्च होने वाले 18 से 20 करोड़ रुपये बचाने की तैयारी कर रहा है। अपने इस्तेमाल के बाद बची बिजली को बेचकर होने वाली कमाई को नगर निगम शहर के विकास पर खर्च करेगा।
विद्युत उपकेंद्र से जुड़ेगा नेटवर्क
नगर निगम का यह सोलर पार्क छह एकड़ की जमीन पर तैयार किया जाएगा। चारों ओर बाउंड्री भी बनाई जाएगी। साथ ही 33/11 विद्युत उपकेंद्र से सोलर प्लांट का सीधा नेटवर्क जोड़ा जाएगा। ताकि, अतिरिक्त ऊर्जा को 33 केवी ट्रांसमिशन को बेचा जा सके। सोलर प्लांट को एक साल के भीतर शुरू करने की भी तैयारी है। सोलर पार्क में ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, पानी, कम्युनिकेशन नेटवर्क जैसी सामान्य इंफ्रा फैसिलिटीज भी विकसित की जाएंगी।
शहर में सोलर पार्क स्थापित करने के लिए ड्राफ्ट तैयार कर शासन को भेजा गया है। इस प्लांट से पैदा होने वाली बिजली का इस्तेमाल नगर निगम करेगा। अतिरिक्त ऊर्जा को बेचकर निगम आमदनी भी कर सकेगा, जिसे विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त