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Moradabad News: अब पीतल के उत्पादों पर शहर में ही लगेगी अंतरराष्ट्रीय मुहर
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मुरादाबाद। शहर के पीतल कारोबारियों को अब अपने उत्पादों पर अंतरराष्ट्रीय मुहर के लिए दिल्ली-मुंबई की दाैड़ नहीं लगानी पड़ेगी। अब शहर में ही मेटल हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर (एमएचएससी) में पीतल के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय टेस्टिंग की सुविधा मिलेगी। इससे निर्यातकों को काफी सहूलियत होगी। इसके अलावा एमएचएससी में पीतल कारीगरों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
पीतल कारीगरों की सुविधा के लिए पीतलनगरी में एमएचएससी पहले से है, जहां पीतल कारीगरों को ट्रेनिंग दी जाती है। हालांकि, यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानक के प्रमाणीकरण की सुविधा अभी तक नहीं थी। इसके कारण शहर के पीतल कारोबारियों व निर्यातकों को अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय प्रमाणीकरण के लिए दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में टेस्टिंग के लिए ले जाना पड़ता था। वहां उसकी कॉपी का भी खतरा रहता था।
कई बार अंतरराष्ट्रीय स्तर का टेस्टिंग प्रमाणपत्र न होने पर उन्हें अपना उत्पाद बेचने में भी परेशानी होती थी। साथ ही निर्यातकों की लागत भी काफी बढ़ जाती थी। पीतल कारोबारियों और निर्यातकों की इस समस्या को देखते हुए पीतलनगरी स्थित एमएचएससी को स्मार्ट सिटी योजना के तहत करीब 34 करोड़ रुपये खर्च कर उच्चीकृत किया गया है। नई मशीनें लगाई गई हैं। जल्द ही इसके संचालन के लिए तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति कर टेस्टिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद शहर में ही पीतल उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की मंजूरी मिलने लगेगी, जिससे निर्यातकों को काफी लाभ मिलेगा।
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पीतल कारीगरों की सुविधा के लिए पीतलनगरी में एमएचएससी पहले से है, जहां पीतल कारीगरों को ट्रेनिंग दी जाती है। हालांकि, यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानक के प्रमाणीकरण की सुविधा अभी तक नहीं थी। इसके कारण शहर के पीतल कारोबारियों व निर्यातकों को अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय प्रमाणीकरण के लिए दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में टेस्टिंग के लिए ले जाना पड़ता था। वहां उसकी कॉपी का भी खतरा रहता था।
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कई बार अंतरराष्ट्रीय स्तर का टेस्टिंग प्रमाणपत्र न होने पर उन्हें अपना उत्पाद बेचने में भी परेशानी होती थी। साथ ही निर्यातकों की लागत भी काफी बढ़ जाती थी। पीतल कारोबारियों और निर्यातकों की इस समस्या को देखते हुए पीतलनगरी स्थित एमएचएससी को स्मार्ट सिटी योजना के तहत करीब 34 करोड़ रुपये खर्च कर उच्चीकृत किया गया है। नई मशीनें लगाई गई हैं। जल्द ही इसके संचालन के लिए तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति कर टेस्टिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद शहर में ही पीतल उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की मंजूरी मिलने लगेगी, जिससे निर्यातकों को काफी लाभ मिलेगा।
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