{"_id":"57d160fb4f1c1b647431867d","slug":"now-died-driver-come-in-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"तो मुर्दा चालक कोर्ट में आकर बोलेगा... हाजिर हूं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तो मुर्दा चालक कोर्ट में आकर बोलेगा... हाजिर हूं
मोहम्मद सलाम खां/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Thu, 08 Sep 2016 06:30 PM IST
विज्ञापन
up roadways
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिवहन निगम की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। करीब छह साल से पहले हादसे में मर चुके रोडवेज चालक को दिल्ली के कोर्ट में गवाही देनी होगी। आरएम आफिस से बाकायदा इसका पत्र जारी किया गया है। पिछले पंद्रह दिनों में किसी मुर्दे को पत्र जारी करने का ये दूसरा मामला है।
जिसे लेकर रोडवेज कर्मियों में खूब चर्चा चल रही है। करीब छह साल पहले दिल्ली से आ रही पीतलनगरी डिपो की बस उझारी के पास सड़क पर खड़ी ट्राली में घुस गई। हादसे में चालक प्रेम पाल सिंह सहित छह यात्रियों की मौत हो गई।
इस मामले में दिल्ली कोर्ट से गवाही के लिए आरएम आफिस में चालक के नाम सम्मन आया। जिसे आरएम आफिस से बिना जांचे परखे उसे एआरएम पीतलनगरी के दफ्तर भेज दिया गया। जहां से चालक के नाम पत्र जारी कर दिया गया।
विज्ञापन
जबकि चालक की मौत हो चुकी है। ये बात निगम को भी पता है। वहीं परिचालक चंद्रपाल शर्मा सेवानिवृत्त हो चुके हैं। आरएम अतुल जैन ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। हो सकता है एआरएम पी ने पत्र जारी किया हो। मामले की जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
जिसे लेकर रोडवेज कर्मियों में खूब चर्चा चल रही है। करीब छह साल पहले दिल्ली से आ रही पीतलनगरी डिपो की बस उझारी के पास सड़क पर खड़ी ट्राली में घुस गई। हादसे में चालक प्रेम पाल सिंह सहित छह यात्रियों की मौत हो गई।
विज्ञापन
इस मामले में दिल्ली कोर्ट से गवाही के लिए आरएम आफिस में चालक के नाम सम्मन आया। जिसे आरएम आफिस से बिना जांचे परखे उसे एआरएम पीतलनगरी के दफ्तर भेज दिया गया। जहां से चालक के नाम पत्र जारी कर दिया गया।
विज्ञापन
जबकि चालक की मौत हो चुकी है। ये बात निगम को भी पता है। वहीं परिचालक चंद्रपाल शर्मा सेवानिवृत्त हो चुके हैं। आरएम अतुल जैन ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। हो सकता है एआरएम पी ने पत्र जारी किया हो। मामले की जांच कराई जाएगी।