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Moradabad News: नहीं मिली पानी की सुविधा, पाइप लाइन की खोदाई ने बढ़ा दी रास्तों की दुविधा
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- जल जीवन मिशन के अधूरे काम ग्रामीणों को दे रहे दोहरी चोट
संवाद न्यूज एजेंसी
मुरादाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के काम मुकाम नहीं पा सके हैं। ज्यादातर गांवों में काम अधूरे पड़े हैं। ग्रामीणों का दर्द यह है कि अधूरे कामों के कारण साफ पानी मिला नहीं। ऊपर से पाइप लाइन की खोदाई के बाद कई जगह रास्ते दुरुस्त न कराने से लोग दोहरा संकट झेल रहे हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री के जल जीवन मिशन के अधूरे काम और बदहाल रास्तों पर सख्त निर्देश देने से ग्रामीणों के बीच तस्वीर बदलने की उम्मीद जगी है लेकिन सवाल यह भी है कि काम में चुस्ती और सुधार की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी।
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पानी मिला नहीं, कई सड़कें छोड़ दीं बदहाल
ठाकुरद्वारा। गांव करनावाला खालसा में जल जीवन मिशन के कामों की दो साल की कवायद के बाद भी घरों में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी।
ग्रामीणों ने बताया कि पिलर के ऊपर स्टील का टैंक रखकर ओवरहेड टैंक की प्रक्रिया पूरी कर दी। घरों में कनेक्शन भी दे दिए। बोरिंग कर नलकूप व सोलर पैनल का काम भी कर दिया लेकिन फिर भी पानी नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि पाइप के लिए खोदी कुछ सड़कों की मरम्मत अब तक नहीं हुई है। गांव की दयावती ने बताया कि करीब छह महीने पहले कुछ कर्मचारी और अधिकारी आए थे लेकिन टैंक देखकर चले गए। इसके बाद भी पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई और न ही क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक कराया गया। इसी गांव में रहने वाले चंद्रपाल सिंह का कहना है कि उनके घर में पानी का कनेक्शन हो गया है लेकिन पानी नहीं आ रहा है। ग्राम प्रधान सूरज सिंह ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों से अपनी ग्राम पंचायत के तीनों गांवों में पानी की आपूर्ति चालू कराने की मांग कर चुके हैं। अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया। संवाद
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ओवरहेड टैंक बने तो घरों तक साफ पानी पहुंचे
बिलारी। ग्राम पंचायत नगलिया शाहपुर गांव में जल जीवन मिशन के तहत प्रस्तावित ओवरहेड टैंक का निर्माण डेढ़ साल बाद भी नहीं हो पाया है। काम के नाम पर टैंक के लिए चयनित भूमि पर गड्ढा खोदकर आगे का काम भुला दिया गया।
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इस ग्राम पंचायत में नगलिया और लक्ष्मपुर दो गांव आते हैं। दोनों गांवों के लिए ग्राम समाज की भूमि पर ओवरहेड टैंक के लिए बोरिंग कराया गया। बोरिंग के साथ नलकूप की कोठरी और ओवरहेड टैंक नहीं बनाए गए। नलकूप संचालन के लिए सोलर प्लांट लगा तो बैटरियां नहीं लगाईं। टैंक के लिए डेढ़ साल पहले जेसीबी से काफी चौड़ा और गहरा गड्ढा खोदा था और फिर काम रोक दिया गया। अब इससे खतरे का संकट बढ़ा रहा है। नगलिया शाहपुर निवासी मनोज कुमार और वीर सिंह ने कहा कि टैंक न बनने से साफ पानी अभी सपना ही है। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि बिलारी से बीडीओ दो बार मौके का निरीक्षण कर गए लेकिन फिर भी टैंक का काम शुरू नहीं हुआ। संवाद
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पानी मिला नहीं, बदहाल रास्ते बढ़ा रहे हादसे
कांठ।
विकास खंड छजलैट के शाहपुर मुबारकपुर (कुचावली), गांव मुजफ्फरपुर टांडा, गांव रुस्तमपुर में भी जल जीवन मिशन का काम पूरा नहीं हुआ है। इन गांवों के लोग घरों में साफ पानी की आपूर्ति के लिए इंतजार कर रहे हैं तो पाइप लाइन के लिए खोदे रास्ते दुरुस्त न कराने से हादसे बढ़ रहे हैं।
गांव रुस्तमपुर के लोगों ने सीधी शिकायत रखी। कहा कि जल जीवन मिशन से जल मिला नहीं और रास्ते भी बर्बाद हो गए। पाइप लाइन की खोदाई के बाद मरम्मत नहीं कराई। गांव में रहने वाले मुन्नू सिंह और बलवीर सिंह ने बताया कि बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बदहाल रास्तों पर ठोकर खाकर गिरते हैं। वहीं, पास के गांव शेरपुर में भी खोदे गए रास्तों की मरम्मत नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं।
ग्राम पंचायत शाहपुर मुबारकपुर के ग्राम प्रधान शशिवाला के पति एवं भाकियू नेता चौधरी ऋषिपाल सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत के तीनों गांवों में तीन साल पहले मिशन का कार्य शुरू हुआ था। पाइप लाइन बिछाने के साथ नलकूप और सौर ऊर्जा सिस्टम का काम हो गया। कुछ घरों में टोंटी के लिए पाइप भी लगाए लेकिन पानी आज तक नहीं पहुंचा। यहां अब तक ओवरहेड टैंक नहीं बनाया गया है। गांव के राजेंद्र सिंह ने बताया कि एक बार नलकूप से सीधे पानी छोड़ा गया तो कई जगह पाइप में लीकेज होने लगी। छह महीने से काम बंद पड़ा है। विक्की चौधरी, अमर सिंह, विदेशी लाल ने तमाम कार्य अधूरा छोड़ने पर नाराजगी जताने के साथ खोदाई के बाद से बदहाल रास्ते ठीक कराने की मांग की है।
गांव मुजफ्फरपुर टांडा में भी तीन साल से काम बंद है। ओवरहेड टैंक नहीं बनाया गया। ग्राम प्रधान ममता चौहान के पति संजय सिसौदिया ने बताया कि इस ग्राम पंचायत में मुजफ्फरपुर टांडा, मिलक और गांवड़ी आते हैं। इनमें से मुजफ्फरपुर टांडा में भूमिगत पाइप लाइन का 70 प्रतिशत कार्य ही हुआ है। खोदे गए रास्तों ऐसे ही छोड़ देने से मरम्मत भी खुद करानी पड़ी। गांव के पप्पू, सुरेश, करन सिंह, जयप्रकाश ने कहा कि घरों में पानी की सप्लाई आज तक नहीं हुई। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुरादाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के काम मुकाम नहीं पा सके हैं। ज्यादातर गांवों में काम अधूरे पड़े हैं। ग्रामीणों का दर्द यह है कि अधूरे कामों के कारण साफ पानी मिला नहीं। ऊपर से पाइप लाइन की खोदाई के बाद कई जगह रास्ते दुरुस्त न कराने से लोग दोहरा संकट झेल रहे हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री के जल जीवन मिशन के अधूरे काम और बदहाल रास्तों पर सख्त निर्देश देने से ग्रामीणों के बीच तस्वीर बदलने की उम्मीद जगी है लेकिन सवाल यह भी है कि काम में चुस्ती और सुधार की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी।
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पानी मिला नहीं, कई सड़कें छोड़ दीं बदहाल
ठाकुरद्वारा। गांव करनावाला खालसा में जल जीवन मिशन के कामों की दो साल की कवायद के बाद भी घरों में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी।
ग्रामीणों ने बताया कि पिलर के ऊपर स्टील का टैंक रखकर ओवरहेड टैंक की प्रक्रिया पूरी कर दी। घरों में कनेक्शन भी दे दिए। बोरिंग कर नलकूप व सोलर पैनल का काम भी कर दिया लेकिन फिर भी पानी नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि पाइप के लिए खोदी कुछ सड़कों की मरम्मत अब तक नहीं हुई है। गांव की दयावती ने बताया कि करीब छह महीने पहले कुछ कर्मचारी और अधिकारी आए थे लेकिन टैंक देखकर चले गए। इसके बाद भी पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई और न ही क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक कराया गया। इसी गांव में रहने वाले चंद्रपाल सिंह का कहना है कि उनके घर में पानी का कनेक्शन हो गया है लेकिन पानी नहीं आ रहा है। ग्राम प्रधान सूरज सिंह ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों से अपनी ग्राम पंचायत के तीनों गांवों में पानी की आपूर्ति चालू कराने की मांग कर चुके हैं। अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया। संवाद
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ओवरहेड टैंक बने तो घरों तक साफ पानी पहुंचे
बिलारी। ग्राम पंचायत नगलिया शाहपुर गांव में जल जीवन मिशन के तहत प्रस्तावित ओवरहेड टैंक का निर्माण डेढ़ साल बाद भी नहीं हो पाया है। काम के नाम पर टैंक के लिए चयनित भूमि पर गड्ढा खोदकर आगे का काम भुला दिया गया।
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इस ग्राम पंचायत में नगलिया और लक्ष्मपुर दो गांव आते हैं। दोनों गांवों के लिए ग्राम समाज की भूमि पर ओवरहेड टैंक के लिए बोरिंग कराया गया। बोरिंग के साथ नलकूप की कोठरी और ओवरहेड टैंक नहीं बनाए गए। नलकूप संचालन के लिए सोलर प्लांट लगा तो बैटरियां नहीं लगाईं। टैंक के लिए डेढ़ साल पहले जेसीबी से काफी चौड़ा और गहरा गड्ढा खोदा था और फिर काम रोक दिया गया। अब इससे खतरे का संकट बढ़ा रहा है। नगलिया शाहपुर निवासी मनोज कुमार और वीर सिंह ने कहा कि टैंक न बनने से साफ पानी अभी सपना ही है। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि बिलारी से बीडीओ दो बार मौके का निरीक्षण कर गए लेकिन फिर भी टैंक का काम शुरू नहीं हुआ। संवाद
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पानी मिला नहीं, बदहाल रास्ते बढ़ा रहे हादसे
कांठ।
विकास खंड छजलैट के शाहपुर मुबारकपुर (कुचावली), गांव मुजफ्फरपुर टांडा, गांव रुस्तमपुर में भी जल जीवन मिशन का काम पूरा नहीं हुआ है। इन गांवों के लोग घरों में साफ पानी की आपूर्ति के लिए इंतजार कर रहे हैं तो पाइप लाइन के लिए खोदे रास्ते दुरुस्त न कराने से हादसे बढ़ रहे हैं।
गांव रुस्तमपुर के लोगों ने सीधी शिकायत रखी। कहा कि जल जीवन मिशन से जल मिला नहीं और रास्ते भी बर्बाद हो गए। पाइप लाइन की खोदाई के बाद मरम्मत नहीं कराई। गांव में रहने वाले मुन्नू सिंह और बलवीर सिंह ने बताया कि बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बदहाल रास्तों पर ठोकर खाकर गिरते हैं। वहीं, पास के गांव शेरपुर में भी खोदे गए रास्तों की मरम्मत नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं।
ग्राम पंचायत शाहपुर मुबारकपुर के ग्राम प्रधान शशिवाला के पति एवं भाकियू नेता चौधरी ऋषिपाल सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत के तीनों गांवों में तीन साल पहले मिशन का कार्य शुरू हुआ था। पाइप लाइन बिछाने के साथ नलकूप और सौर ऊर्जा सिस्टम का काम हो गया। कुछ घरों में टोंटी के लिए पाइप भी लगाए लेकिन पानी आज तक नहीं पहुंचा। यहां अब तक ओवरहेड टैंक नहीं बनाया गया है। गांव के राजेंद्र सिंह ने बताया कि एक बार नलकूप से सीधे पानी छोड़ा गया तो कई जगह पाइप में लीकेज होने लगी। छह महीने से काम बंद पड़ा है। विक्की चौधरी, अमर सिंह, विदेशी लाल ने तमाम कार्य अधूरा छोड़ने पर नाराजगी जताने के साथ खोदाई के बाद से बदहाल रास्ते ठीक कराने की मांग की है।
गांव मुजफ्फरपुर टांडा में भी तीन साल से काम बंद है। ओवरहेड टैंक नहीं बनाया गया। ग्राम प्रधान ममता चौहान के पति संजय सिसौदिया ने बताया कि इस ग्राम पंचायत में मुजफ्फरपुर टांडा, मिलक और गांवड़ी आते हैं। इनमें से मुजफ्फरपुर टांडा में भूमिगत पाइप लाइन का 70 प्रतिशत कार्य ही हुआ है। खोदे गए रास्तों ऐसे ही छोड़ देने से मरम्मत भी खुद करानी पड़ी। गांव के पप्पू, सुरेश, करन सिंह, जयप्रकाश ने कहा कि घरों में पानी की सप्लाई आज तक नहीं हुई। संवाद