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Moradabad News: कच्चे माल की कीमतों में राहत नहीं, पीतल की मूर्तियों के कारोबार पर संकट

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jan 2026 02:18 AM IST
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No relief in raw material prices, brass idol business facing crisis.
मुरादाबाद। पीतल की बढ़ी कीमतों ने शहर के मूर्ति उद्योग को बड़ा झटका दिया है। कच्चे माल की लगातार बढ़ती कीमतों से पीतलनगरी का मूर्ति कारोबार हिचकोले खा रहा है। शहर के कई मूर्ति कारोबारियों का कहना है कि पिछले छह महीने में पीतल की मूर्तियों की बिक्री आधी हो गई है। मूर्तियां बनाने की लागत बढ़ गई है। कारीगर के पास काम सीमित है और मुनाफा भी कम हो गया है।
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शहर में पीतल की मूर्ति के 15 बड़े कारोबारी हैं। छह महीने पहले प्रति माह करीब 10 करोड़ रुपये की मूर्तियों का कारोबार होता था लेकिन पीतल की कीमतों में आई तेजी से व्यापार घटकर आधा हो गया। पीतल की मूर्तियों से जुड़े शहर के कई कारोबारियों ने बताया कि छह महीने के भीतर कच्चे माल की कीमतों में 200 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। इसकी वजह से मूर्तियां तैयार करने में अधिक लागत आ रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है इसके चलते मूर्तियों के दाम स्थिर नहीं है। संयुक्त व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल जॉनी का कहना है कि छह महीने से मूर्ति कारोबारी महंगाई समेत तमाम उलझन और चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। बाजार में डीलर्स आर्डर नहीं दे रहे हैं। कच्चे माल की कीमतें हर रोज बढ़ रही है। इसकी वजह से मूर्तियों के साथ बर्तन भी महंगे हुए हैं। अगर कच्चे माल की कीमतें स्थिर नहीं हुई तो आने वाले दिनों में मूर्तियों का कारोबार और कम हो जाएगा।
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छह महीने में ब्रास का दाम 200 रुपये प्रतिकिलो बढ़ा
-संयुक्त व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने बताया कि छह महीने पहले ब्रास की सिल्ली की कीमत 470 रुपये से 500 रुपये प्रतिकिलो थी। अब इसकी कीमत 680 रुपये से 700 रुपये प्रति किलो हो गई है। पिछले छह महीने में ब्रास की सिल्ली की कीमत 200 रुपये से अधिक बढ़ी है।
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कारोबारी बोले
-सरकार को कच्चे माल के दाम पर अंकुश लगाने की जरूरत है। कच्चे माल बढ़ती कीमतों से कारोबार पर बहुत असर पड़ा है। मूर्तियों की कीमतें बढ़ने से खरीदार कम हैं। इसकी वजह से मूर्ति कारोबारियों को परेशानी हो रही है।-अरविंद अग्रवाल जॉनी, प्रदेश अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश
-पीतल की कीमत में आई तेजी से मूर्ति का कारोबार मंदी में है। इस समय गिने-चुने आर्डर मिल रहे हैं। जो भी आर्डर हैं वह 20 से 50 हजार के बीच हैं। कच्चे माल की कीमत बढ़ने से बिक्री आधी हो गई है।-विपुल अग्रवाल, संचालक, आरके सरन एंड संस, बर्तन बाजार

-पिछले छह महीने के भीतर मूर्तियों का कारोबार 50 प्रतिशत कारोबार घटा है। बाजार में प्रतिस्पर्धा के कारण मूर्ति कारोबारी दाम नहीं बढ़ा सकते हैं। आर्डर कम आ रहे हैं। कई लोगों के रोजगार भी छिन चुका है। -मुकुल अग्रवाल, संचालक, एएम एक्सपो अमरोहा गेट
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