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महानगर में 1.30 लाख घर, बस 28 हजार से बसूला जा रहा कर

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2020 02:54 AM IST
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municipality house tax collection only 28 thousand houses
मुरादाबाद। नगर निगम को टैक्स से मिलने वाली रकम महानगर के विकास में लगती है। शहर की कायापलट होती है, लेकिन महानगर में 1.30 लाख मकान होने के बावजूद केवल 28 हजार मकानों से ही टैक्स मिल रहा है। बीते साल निगम को गृह, जल से 25 करोड़ का टैक्स मिला था, लेकिन यदि सभी घर टैक्स के दायरे में आएं तो ये रकम एक अरब तक हो सकती है जो शहर की सूरत बदल सकती है ।
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सरकार द्वारा 15 वें वित्त आयोग से नगर निगम की धनराशि दी जाती है। इस धनराशि से विकास के अलावा स्टाफ का वेतन आदि मदों पर भी खर्च होता है। इसके अलावा निगम की टैक्स से वसूली गई रकम भी उसकी आय होती है और सबसे खास बात है कि यह पैसा पूरी तरह शहर के विकास पर ही खर्च होता है । निगम द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं पर लोगों से टैक्स वसूली होती है। नगर निगम के टैक्स विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार महानगर में लगभग 1.30 लाख मकान है, लेकिन इनमें से करीब 28 हजार मकानों से ही निगम टैक्स वसूल पा रहा है। बीते सत्र में निगम को गृहकर ,जलकर और सीवरेज टैक्स के रुप में करीब 25 करोड़ की धनराशि मिली थी ,लेकिन इस साल टैक्स वसूली की हालत ओर भी खराब है।
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टैक्स विभाग के अनुसार चालू साल में अप्रैल से अब तक करीब करीब 5.50 करोड़ टैक्स वसूली हुई है। पिछले साल की तुलना में करीब साढे चार महीने में यह रकम बेहद कम है। यदि टैक्स वसूली की यही औसत रफ्तार रही तो इस साल में ये रकम 20 करोड़ पहुंचनी भी मुश्किल है। यहां ये भी गौर करने वाली बात है कि 1.30 लाख घरों में से केवल 28 घरों से ही टैक्स मिल रहा है। यदि एक लाख मकानों से भी टैक्स मिले तो यह धनराशि एक अरब के आसपास बैठती है जो वर्तमान में कुल टैक्स का चार गुना है। इतनी बड़ी रकम यदि शहर के विकास में लगे तो शहर की सूरत बदल सकती है।
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महानगर में मकान - 1.30 लाख
टैक्स मिल रहा - लगभग 28 हजार घरों से
2019-20 में टैक्स मिला 25 करोड़ लगभग
2018-20 में मिला 19 करोड़
इस साल अब तक 5.5 करोड़
कोट
सरकार ने स्वकर निर्धारण व्यवस्था लागू की है। इसके अंतर्गत लोग अपने टैक्स का खुद निर्धारण कर नगर निगम में भुगतान करते हैं। टैक्स विभाग में 22 कर्मचारी हैं । इनके ऊपर ही पूरे महानगर की टैक्स वसूली का जिम्मा है। पूरा प्रयास है कि अधिक से अधिक भवन स्वामी टैक्स दें । मुरादाबाद के अलावा अन्य शहरों में मकानों की संख्या बहुत अधिक होती है लेकिन टैक्स के दायरे में एक चौथाई ही हैं । शासन स्तर से भी 35 करोड़ का लक्ष्य दिया है।

राकेश कुमार सोनकर, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
कोट
सभी मकानों से टैक्स संभव नहीं होता। सभी महानगरों में यही स्थिति है। महानगर की कुल आबादी में आधे निर्धन लोग होते हैं । कुछ साल पहले 19 गांव निगम क्षेत्र में शामिल हुए थे, वहां पर विकास का कार्य अभी तक चल रहा है। वहां पर पूरी सुविधाएं पहुंचने के बाद ही वहां के लोगों से टैक्स लिया जाएगा।
विनोद अग्रवाल, महापौर
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