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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   MSME for Bharat: Policies should be tailored needs of businesses in different cities, exporters from Moradabad

MSME For Bharat: शहरों के कारोबार के मुताबिक हों नीतियां, सब्सिडी भी मिले, मुरादाबाद के निर्यातकों ने रखी मांग

Thu, 18 Sep 2025 11:45 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Thu, 18 Sep 2025 11:45 AM IST
सार

अमर उजाला कार्यालय में आयोजित एमएसएमई संवाद में हस्तशिल्प और होम डेकोर निर्यात कारोबारियों ने कहा कि एमएसएमई नीतियां स्थानीय कारोबार के अनुरूप बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि माइक्रो और स्मॉल उद्यमियों को औपचारिकताओं के कारण दिक्कत झेलनी पड़ती है। इसके अलावा छोटे कारोबारियों को शिपिंग बिल और मुद्रा लोन में ज्यादा परेशानी होती है। 

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MSME for Bharat: Policies should be tailored needs of businesses in different cities, exporters from Moradabad
मुरादाबाद में आयोजित संवाद में शहर के निर्यातक - फोटो : संवाद

विस्तार

अमर उजाला द्वारा आयोजित एमएसएमई संवाद में निर्यात कारोबारियों ने कहा कि एमएसएमई की नीतियां शहरों के कारोबार के मुताबिक बननी चाहिए। मुरादाबाद में हस्तशिल्प और होम डेकोर के कारोबारियों के लिए सुलभ ऋण, जीएसटी रिटर्न, सब्सिडी आदि की व्यवस्था होनी चाहिए।

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अमर उजाला कार्यालय में बुधवार को आयोजित संवाद में वरिष्ठ निर्यातक सुरेश गुप्ता ने कहा कि एमएसएमई का दायरा बढ़ने से छोटे कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी की नीतियों का लाभ माइक्रो और स्मॉल एंटरप्रेन्योर को कम और मीडियम वालों को ज्यादा मिलता है।
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माइक्रो और स्मॉल एंटरप्रेन्योर को योजना का लाभ लेने के लिए ज्यादा औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं। मुरादाबाद की बात करें तो नेशनल आइडेंटिफिकेशन कोड में एक्सपोर्ट की कैटेगरी में हैंडीक्राफ्ट का विकल्प ही नहीं है। जबकि, यहां हस्तशिल्प का ही काम होता है।
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यस के चेयरमैन जेपी सिंह ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। यदि कोई छोटा कारोबारी शिपिंग बिल क्लोज कराने जाता है, तो उसे बड़े कारोबारी से ज्यादा शुल्क देना पड़ता है। मुद्रा लोन लेना हो तो ज्यादा औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी, फिर छोटे कारोबारियों को लाभ कैसे मिले।

निर्यातक विशाल अग्रवाल ने कहा कि हर क्लस्टर के कारोबारियों की समस्याएं अलग-अलग हैं। सरकार को सभी को एक मंच पर बुलाकर सबके सुझाव लेने चाहिए। इसके बाद हर क्लस्टर के मुताबिक अलग-अलग नीति बनानी चाहिए।

उनकी बात को आगे बढ़ाते हुए गगन दुग्गल ने कहा कि एमएसएमई के लाभों को दो भागों में बांटा जाना चाहिए। घरेलू कारोबारियों के लिए अलग और विदेशी मुद्रा लाने वालों के लिए नियम अलग होने चाहिए। सात प्रतिशत लाइसेंस और नौ प्रतिशत ड्रॉ बैक सब्सिडी को वापस किया जाना चाहिए।

90 दिन में ग्राहक से मिलता है भुगतान 
गगन दुग्गल ने कहा कि निर्यात की नीतियों के मुताबिक ज्यादातर मामलों में विदेशी ग्राहकों से सामान पहुंचने के 90 दिन बाद भुगतान मिलता है। जबकि लोकल स्तर पर कारीगरों को और घरेलू व्यापारियों को हमें 45 दिन में पेमेंट देना होता है।

निर्यातक ऋषि पुगला ने कहा कि नए नियमों के मुताबिक 45 दिन में भुगतान न करने पर यदि छोटे कारोबारी ने निर्यातक की शिकायत कर दी, तो उसका जीएसटी रिफंड रोक दिया जाएगा। जीएसटी स्लैब में एकरूपता नहीं है। कच्चे माल पर 18 प्रतिशत देना पड़ता है और तैयार माल पर सिर्फ पांच प्रतिशत रिफंड मिलेगा।

नेशनल फ्रेट रेगुलेटरी अथॉरिटी बनाने की मांग 
निर्यातक डॉ. रजत सिंघल ने कहा कि कच्चे माल की निरंकुश कीमतों, भारत में कोरियर का काम करने वाली विदेशी कंपनियों व शिपिंग कंपनियों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए नेशनल फ्रेट रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठन होना चाहिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि भारतीय नवरत्न कंपनी कॉन्कॉर ने निर्यातकों पर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट चार्ज लगाया है, जिसका व्यापारियों से कोई लेना देना नहीं है।

निर्यातक नरेंद्र चौधरी ने कहा कि जब ऑर्डर का सीजन होता है, तो कच्चे माल के दाम बढ़ जाते हैं। कुछ दिन पहले पीतल की सिल्ली 200 रुपये की थी, अब 235 रुपये प्रति किलो है।

20 को व्हाइट हाउस में जुटेंगे शहर के एमएसएमई 
अमर उजाला और एमएसएमई मंत्रालय के साझा प्रयास एमएसएमई भारत कार्यक्रम के तहत 20 सितंबर को व्हाइट हाउस बैंक्वेट हॉल में कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में शहर के कारोबारियों के साथ उनकी समस्या का समाधान कराने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारी भी शामिल होंगे।

अमर उजाला और एमएसएमई मंत्रालय का प्रयास है कि कारोबारियों की समस्याओं व उनके सुझावों को एक बेहतर मंच मिले। निर्यात को लक्ष्य के मुताबिक बढ़ाया जा सके। शहर के निर्यात संगठनों के सहयोग से व्हाइट हाउस में यह कार्यक्रम किया जाएगा।
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