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Moradabad News: अपने साथ ले गईं गंगा मइया, शव भी नहीं लौटाया
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मुरादाबाद। मन में बोझिल सी उम्मीद। होठों पर भगवान से प्रार्थना और आंखें रामगंगा नदी के किनारे पर टकटकी लगाए हैं। ये वो लोग हैं, जिनके अपने रामगंगा में डूब गए और आज तक उनका कुछ पता नहीं चला। इनके परिजन रोजाना अल सुबह दसवां घाट पहुंच जाते हैं। इस उम्मीद के साथ कि शायद गंगा मइया उनके अपनों को लौटा दे। शाम तक इंतजार के बाद लड़खड़ाते कदमों से घर लौट जाना अब इनकी दिनचर्या बन चुकी है। मूलरूप से उत्तराखंड के रहने वाले गणेश 27 साल से मुरादाबाद में परिवार के साथ रह रहे हैं। परिवार में पत्नी हनसी देवी और बेटी कीर्ति व बेटे प्रदीप, नीरज हैं। 16 वर्षीय नीरज दो सितंबर की शाम घर से घूमने के लिए निकला था। वह दोस्तों के साथ दसवां घाट पर पहुंच गया था। उसने नहाने के लिए नदी में छलांग लगाई लेकिन इसके बाद उसका पता नहीं चल पाया। नीरज के पिता, मां, भाई और बहन परेशान हैं। जिस दिन से बेटा घर से निकला है, मां याद कर रो रही है। पिता गणेश तो सुबह पांच बजे ही दसवां घाट पर पहुंच जाते हैं और रामगंगा नदी में टकटकी लगाकर देखते रहते हैं कि शायद बेटा दिखाई दे जाए।
आठ माह पहले मझोला के लाइनपार निवासी सागर सैनी की शादी नागफनी के बंगला गांव निवासी मनीषा के साथ हुई थी। वह मनीषा को लेकर रक्षाबंधन पर नौ अगस्त को उसके मायके गया था। 11 अगस्त को उसने मनीषा से घर चलने को कहा तो उसने अगले दिन जाने की बात कही। इसी बात लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था। सागर सैनी मायके के पास ही दसवां घाट से रामगंगा में कूद गया। रामगंगा में समाया सागर अब तक नहीं मिल पाया है। सागर अपने पिता सुंदर लाल सैनी और मां कैलाशो देवी की इकलौती संतान था। बेटे के रामगंगा में समा जाने से मां-बाप टूट गए हैं।
ठाकुरद्वारा के लौंगी कलां निवासी रिंकू उर्फ राज कुमार 18 अगस्त को साथियों के साथ हरिद्वार गया था। 19 अगस्त की सुबह रिंकू गंगा में नहाने के लिए गया तो तेज बहाव में बह गया। इसके बाद से भाई देवेंद्र और मां मिथलेश देवी उसकी याद में सुबक रहे हैं। मिथलेश के पति की मृत्यु के समय उसके दोनों बेटे छोटे थे। बेटे बड़े हुए तो एक बिछड़ गया। भाई कई बार हरिद्वार के चक्कर लगा चुका है, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
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सात अगस्त को कटघर के लोधीपुर गांव में रामवती (65) पैर फिसलने से रामगंगा नदी में गई थीं। अब तक उनका पता नहीं चल पाया है। पति खेमपाल की पहले ही मृत्यु हो चुकी है, जबकि एक बेटा रामपाल और तीन बेटियां हैं। बेटा मां की तलाश में रामगंगा किनारे जाता है लेकिन निराश होकर घर लौट आता है।
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सागर सैनी (24)
निवासी लाइनपार मझोला
11 अगस्त को रामगंगा नदी में बहा
00
नीरज (16)
निवासी बंगला गांव थाना नागफनी
रामगंगा नदी में नहाते समय बह गया
00
रामवती (65)
चारा काटते समय पैर फिसलने से रामगंगा नदी में बह गई
00
रिंकू उर्फ राज कुमार (27)
निवासी लौंगी कलां थाना ठाकुरद्वारा
हरिद्वार में नहाते समय गंगा में बह गया
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इन लोगों की भी चली गई जान
मुरादाबाद। बाढ़ के पानी, तालाब और नदी में डूबकर जिले में कई लोगों की जान चली गई। इनमें एक सिपाही भी शामिल है। छह अगस्त को बंदे वाली मंड़ैया निवासी सौरभ (34) की जबदी नदी में डूबने से मौत हो गई थी। इसके अलावा आठ अगस्त को ढाक वाला मजरा निवासी सरोज देवी (65) की नदी में डूबने से जान चली गई थी। डिलारी के गांव बढेरा में 12 अगस्त को सिपाही मोनू (26) की रामगंगा नदी के पास बने कुंड में डूबकर मौत थी। 19 अगस्त को बालापुर निवासी किसान बाबू सिंह (50) की नदी में डूबने जान चली गई। 10 सितंबर को धींगरपुर निवासी मोहम्मद अली( 50) की रामगंगा में डूब कर मौत हो गई। तीन लोगों की मृत्यु कांठ थानाक्षेत्र में अलग-अलग जगह नदी में डूबकर मौत हो गई। तीन लड़कियां भगतपुर थाना क्षेत्र में तालाब में डूब गईं। इन सभी के शव मिल गए हैं।
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आठ माह पहले मझोला के लाइनपार निवासी सागर सैनी की शादी नागफनी के बंगला गांव निवासी मनीषा के साथ हुई थी। वह मनीषा को लेकर रक्षाबंधन पर नौ अगस्त को उसके मायके गया था। 11 अगस्त को उसने मनीषा से घर चलने को कहा तो उसने अगले दिन जाने की बात कही। इसी बात लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था। सागर सैनी मायके के पास ही दसवां घाट से रामगंगा में कूद गया। रामगंगा में समाया सागर अब तक नहीं मिल पाया है। सागर अपने पिता सुंदर लाल सैनी और मां कैलाशो देवी की इकलौती संतान था। बेटे के रामगंगा में समा जाने से मां-बाप टूट गए हैं।
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ठाकुरद्वारा के लौंगी कलां निवासी रिंकू उर्फ राज कुमार 18 अगस्त को साथियों के साथ हरिद्वार गया था। 19 अगस्त की सुबह रिंकू गंगा में नहाने के लिए गया तो तेज बहाव में बह गया। इसके बाद से भाई देवेंद्र और मां मिथलेश देवी उसकी याद में सुबक रहे हैं। मिथलेश के पति की मृत्यु के समय उसके दोनों बेटे छोटे थे। बेटे बड़े हुए तो एक बिछड़ गया। भाई कई बार हरिद्वार के चक्कर लगा चुका है, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
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सात अगस्त को कटघर के लोधीपुर गांव में रामवती (65) पैर फिसलने से रामगंगा नदी में गई थीं। अब तक उनका पता नहीं चल पाया है। पति खेमपाल की पहले ही मृत्यु हो चुकी है, जबकि एक बेटा रामपाल और तीन बेटियां हैं। बेटा मां की तलाश में रामगंगा किनारे जाता है लेकिन निराश होकर घर लौट आता है।
सागर सैनी (24)
निवासी लाइनपार मझोला
11 अगस्त को रामगंगा नदी में बहा
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नीरज (16)
निवासी बंगला गांव थाना नागफनी
रामगंगा नदी में नहाते समय बह गया
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रामवती (65)
चारा काटते समय पैर फिसलने से रामगंगा नदी में बह गई
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रिंकू उर्फ राज कुमार (27)
निवासी लौंगी कलां थाना ठाकुरद्वारा
हरिद्वार में नहाते समय गंगा में बह गया
इन लोगों की भी चली गई जान
मुरादाबाद। बाढ़ के पानी, तालाब और नदी में डूबकर जिले में कई लोगों की जान चली गई। इनमें एक सिपाही भी शामिल है। छह अगस्त को बंदे वाली मंड़ैया निवासी सौरभ (34) की जबदी नदी में डूबने से मौत हो गई थी। इसके अलावा आठ अगस्त को ढाक वाला मजरा निवासी सरोज देवी (65) की नदी में डूबने से जान चली गई थी। डिलारी के गांव बढेरा में 12 अगस्त को सिपाही मोनू (26) की रामगंगा नदी के पास बने कुंड में डूबकर मौत थी। 19 अगस्त को बालापुर निवासी किसान बाबू सिंह (50) की नदी में डूबने जान चली गई। 10 सितंबर को धींगरपुर निवासी मोहम्मद अली( 50) की रामगंगा में डूब कर मौत हो गई। तीन लोगों की मृत्यु कांठ थानाक्षेत्र में अलग-अलग जगह नदी में डूबकर मौत हो गई। तीन लड़कियां भगतपुर थाना क्षेत्र में तालाब में डूब गईं। इन सभी के शव मिल गए हैं।