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परदेश में ‘कैद’ अशरफ जहां को सुषमा से मदद की उम्मीद, सोशल मीडिया के जरिए मांगी मदद
Fri, 21 Dec 2018 10:06 AM IST
शाहरुख खान
अभिषेक सिंह, अमर उजाला, मुरादाबाद
अभिषेक सिंह, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 21 Dec 2018 10:06 AM IST
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अशरफ जहां
- फोटो : अमर उजाला
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मुंबई के हामिद अंसारी के भारत लौटने के बाद सऊदी अरब में एक शेल्टर होम में ‘कैद’ मुगलपुरा की अशरफ जहां के परिवार वालों की आस भी जगी है। उनका कहना है कि अगर एक बार विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तक उनकी आवाज पहुंच जाए तो उसकी अपने मुल्क हिंदुस्तान वापसी हो सकती है। सोशल मीडिया के जरिए अफसर जहां ने अपने दामाद से मदद मांगी है।
मुगलपुरा में जामा मस्जिद के पास रहने वाली अशरफ जहां (45) के दामाद आसिफ नवाज ने बताया कि ढाई साल पहले अशरफ जहां नौकरी के लिए सऊदी अरब गई थी। अमरोहा के नौगावां सादात निवासी एक एजेंट ने उनका पासपोर्ट और वीजा बनवाया था। सऊदी अरब में उनको घरेलू सहायिका की नौकरी मिली।
अशरफ जहां ने अपने दामाद को बताया है कि जब वीजा की समय सीमा खत्म हो गई तो उनको वापस भारत भेजने के बजाय घर के मालिक ने कार में बैठाकर उनको एक सुनसान जगह ले जाकर सड़क पर अकेला छोड़ दिया। पासपोर्ट भी छीन लिया। मदद के लिए अशरफ जहां सऊदी अरब में पुलिस के पास गईं।
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पुलिस ने उनको एक शेल्टर होम में भेज दिया। शेल्टर होम संचालक की जिम्मेदारी थी कि वह अशरफ जहां के परिवार वालों के बारे में जानकारी कर घर वापसी में मदद करे। लेकिन ऐसा नहीं कि या। अशरफ जहां को पिछले छह माह से शेल्टर होम में बंधक बनाकर रखा गया है, उनसे वहां पर काम करवाया जाता है।
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मुगलपुरा में जामा मस्जिद के पास रहने वाली अशरफ जहां (45) के दामाद आसिफ नवाज ने बताया कि ढाई साल पहले अशरफ जहां नौकरी के लिए सऊदी अरब गई थी। अमरोहा के नौगावां सादात निवासी एक एजेंट ने उनका पासपोर्ट और वीजा बनवाया था। सऊदी अरब में उनको घरेलू सहायिका की नौकरी मिली।
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अशरफ जहां ने अपने दामाद को बताया है कि जब वीजा की समय सीमा खत्म हो गई तो उनको वापस भारत भेजने के बजाय घर के मालिक ने कार में बैठाकर उनको एक सुनसान जगह ले जाकर सड़क पर अकेला छोड़ दिया। पासपोर्ट भी छीन लिया। मदद के लिए अशरफ जहां सऊदी अरब में पुलिस के पास गईं।
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पुलिस ने उनको एक शेल्टर होम में भेज दिया। शेल्टर होम संचालक की जिम्मेदारी थी कि वह अशरफ जहां के परिवार वालों के बारे में जानकारी कर घर वापसी में मदद करे। लेकिन ऐसा नहीं कि या। अशरफ जहां को पिछले छह माह से शेल्टर होम में बंधक बनाकर रखा गया है, उनसे वहां पर काम करवाया जाता है।
अशरफ जहां ने दामाद को बताया कि उनका दूसरा पासपोर्ट भी सऊदी अरब में तैयार हो गया है लेकिन शेल्टर होम संचालक उनको वापस भारत नहीं भेज रहा है। वह परेशान हैं। आसिफ नवाज ने बताया कि अशरफ जहां के दो बेटे, तीन बेटियां हैं। पति अहमदुल्ला गुब्बारे बेचने का काम करते हैं।
आसिफ का कहना है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मदद मिलने पर हामिद की तरह अशरफ जहां की भी वतन वापसी हो सकती है। सास अशरफ जहां की मदद की मांग को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को असिफ पत्र लिखेंगे। सोशल मीडिया की भी सहायता लेंगे।
बार-बार बहाने बना देता है शेल्टर होम संचालक
आसिफ ने बताया कि अशरफ जहां को शेल्टर होम संचालक ने वापस भारत भेजने के लिए कहा था, इस वजह से शिकायत नहीं की गई थी। शेल्टर होम संचालक ने कई बार बहाना बनाया और अशरफ जहां को झांसा देता रहा कि वह उनको भारत भेजने के प्रयास कर रहा है लेकिन अब इंकार कर दिया है।
आसिफ का कहना है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मदद मिलने पर हामिद की तरह अशरफ जहां की भी वतन वापसी हो सकती है। सास अशरफ जहां की मदद की मांग को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को असिफ पत्र लिखेंगे। सोशल मीडिया की भी सहायता लेंगे।
बार-बार बहाने बना देता है शेल्टर होम संचालक
आसिफ ने बताया कि अशरफ जहां को शेल्टर होम संचालक ने वापस भारत भेजने के लिए कहा था, इस वजह से शिकायत नहीं की गई थी। शेल्टर होम संचालक ने कई बार बहाना बनाया और अशरफ जहां को झांसा देता रहा कि वह उनको भारत भेजने के प्रयास कर रहा है लेकिन अब इंकार कर दिया है।