Moradabad: सीएम योगी अंदर कर रहे थे बैठक, बाहर महिलाओं ने काटा हंगामा, छेड़खानी केस में पुलिस पर गंभीर आरोप
छेड़खानी के मामले में कार्रवाई नहीं करने से नाराज महिलाओं ने जमकर हंगामा काटा। जिस समय यह हंगामा हुआ उस दाैरान सीएम योगी सर्किट हाउस के अंदर बैठक कर रहे थे।
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मुरादाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने सर्किट हाउस पहुंची भोजपुर क्षेत्र की दो महिलाएं गश खाकर सड़क पर गिर गईं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि किशोरी से छेड़खानी और मारपीट के मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। महिलाएं एक दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर काफी देर तक हंगामा किया।
बाद में महिला पुलिसकर्मियों ने दोनों महिलाओं को मझोला थाने भेज दिया। मुख्यमंत्री के जाने के बाद पुलिस ने दोनों महिलाओं को छोड़ दिया। मुख्यमंत्री सोमवार दोपहर सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक कर रहे थे। इस बीच भोजपुर क्षेत्र की रहने वाली महिलाएं बच्चों के साथ सीएम से मिलने सर्किट हाउस के गेट पर पहुंच गईं।
पुलिसकर्मियों ने रोककर महिलाओं से पूछताछ शुरू कर दी। दोनों महिलाएं मुख्यमंत्री से मिलने की जिद पर अड़ गईं। उन्होंने बताया कि किशोरी से छेड़छाड़ और मारपीट करने के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मुख्यमंत्री से मिलना चाहती हैं। पुलिस ने उन्हें रोका तो महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया।
इस बीच किशोरी की मां गश खाकर सड़क पर गिर गई। एक महिला भी उसके बगल में ही लेट गई। सीओ के निर्देश पर सर्किट हाउस के अंदर तैनात महिला पुलिसकर्मियों ने आकर दोनों महिलाओं को उठाया और उन्हें गाड़ी से मझोला थाने ले गईं।
पुलिस के सामने एक महिला ने बताया कि 16 अक्तूबर को उसकी नाबालिग बेटी को गांव के ही पांच युवकों ने समोसा खिलाने का झांसा देकर घर से बुला लिया। युवकों ने उसके साथ छेड़खानी की। शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग निकले। किसी तरह लड़की आरोपियों के चंगुल से छूट कर अपने घर पहुंच गई।
आरोप है कि परिजनों ने कॉल कर पुलिस को बुलाया। फिर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। कुछ देर बाद आरोपियों ने पीड़िता के घर में घुसकर मारपीट की। महिला का कहना है कि इस मामले में उसने मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायत की।
इसके बाद भोजपुर पुलिस ने 27 नवंबर को 10 नामजद और कुछ अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत करने पर दरोगा ने उसे भगा दिया था। पुलिस ने थाने में पूछताछ के बाद दोनों महिलाओं को छोड़ दिया। इस बारे में एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि जांच कर इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के फूले हाथ पांव सीओ व इंस्पेक्टर में बहस
सर्किट हाउस के गेट के पास दो महिलाओं के लेट जाने से पुलिस के हाथ पांव फूल गए। सीओ वरुण सिंह ने एक इंस्पेक्टर को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस बीच इंस्पेक्टर ने कहा कि वह महिलाओं को हाथ नहीं लगा सकता है। इस कार्रवाई के लिए महिला पुलिस चाहिए। जिसे लेकर दोनों के बीच बहस हो गई। किसी तरह सर्किट हाउस के अंदर तैनात महिला पुलिसकर्मियों को बुलाकर दोनों को मझोला थाने भेजा गया।
आज पुलिस वाले भगा लें पर बाबा जी से मिलकर ही रहूंगी...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने सोमवार को सर्किट हाउस पहुंचीं दो महिलाओं को पुलिस ने रोक दिया। पुलिस ने समझा बुझाकर दोनों महिलाओं को वहां से हटा दिया। तहसील कांठ ग्राम मौढ़ा की रहने वाली सीमा पत्नी जसराम ने कहा कि आज भले ही पुलिस वालों ने भगा दिया लेकिन वह बाबा जी (मुख्यमंत्री) से मिलकर रहेगी।
सीमा ने बताया कि वह सड़क हादसे में घायल हो गई थीं। उनकी कमर में फ्रैक्चर आ गया था। इस बीच खाना बनाते समय उन्हें बंदर ने भी काट लिया था। बेटे अर्जुन बीमार रहता है। पति के गुर्दे का इलाज चल रहा है। परिवार का इलाज कराने के लिए उन्होंने जमीन भी बेच दी।
इसी वजह से वह मुख्यमंत्री से मदद मांगने आई थी। आरोप है कि इस बीच पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें भगा दिया। सीमा का कहना है कि उनका मायका गोरखपुर में हैं। वह बाबा जी (मुख्यमंत्री) से मिलकर रहेंगी। उनसे मिलने के लिए गोरखपुर और लखनऊ तक जाएगी। उन्हें मदद की दरकार है।
वहीं मझोला क्षेत्र की महिला जमीन के विवाद के मामले में मुख्यमंत्री से मिलना चाहती थीं। महिला पुलिस ने उसे समझा बुझाकर हटाया और मझोला थाना प्रभारी ने उसकी समस्या समाधान का भरोसा दिया। पुलिस का कहना है कि किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं थी। इस हालत में कैसे महिलाओं को अंदर कराया जा सकता है। इसी वजह से समझा बुझाकर हटाया गया है।
सीएम से नहीं मिल पाई बाची, लौटना पड़ा मायूस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर आरटीई के तहत सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल में दाखिला पाने वाली छात्रा बाची अपने परिजनों के साथ सोमवार को सीएम से मिलने सर्किट हाउस पहुंची। लेकिन उसे सीएम से मिलने नहीं दिया गया। छात्रा को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
बाची के पिता अमित कुमार ने बताया कि बेटी मुख्यमंत्री से मिलने की जिद में सुबह स्कूल जाने से मना कर रही थी लेकिन उसे स्कूल पढ़ने के लिए भेजा। दोपहर को बाची को स्कूल से लेकर सर्किट हाउस पहुंचा लेकिन बेटी को मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया गया। पुलिसकर्मियों ने अंदर जाने से मना कर दिया।
मुख्यमंत्री से मिलने के लिए 11 बजे से 12.30 तक इंतजार किया। मुख्यमंत्री से नहीं मिलने के कारण बेटी मायूस हो गई। उन्होंने बताया कि छोटी बेटी आची का भी आरटीई के तहत एडमिशन कराना है। आगामी सत्र 2026-2027 में आरटीई का ऑनलाइन फार्म 20 दिसंबर से भरा जाएगा। आरटीई के तहत एडमिशन कराने में काफी समस्या होती है। इसलिए छोटी बेटी के एडमिशन के लिए भी मुख्यमंत्री से कहना था।