फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Moradabad Police kept changing FIR in 34 hours A case was filed for snatching the hearing aid

शर्मनाक: 34 घंटे में तहरीर पर तहरीर बदलती रही पुलिस, अब इस धारा में केस दर्ज; बेटे की खामोशी से मां-बाप बेहाल

Thu, 02 May 2024 05:16 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 02 May 2024 05:16 PM IST
सार

यूपी के मुरादाबाद में अपनी मां के साथ ऑटो से जा रहे छह साल के बच्चे के कान से बाइक सवार बदमाशों ने हियरिंग डिवाइस (कॉक्लियर इंप्लांट डिवाइस) लूट ली। इस डिवाइस की कीमत करीब पांच लाख रुपये थी। 34 घंटे में पुलिस तहरीर पर तहरीर बदलती रही है। अब कान से मशीन छिनने में मुकदमा दर्ज किया है।

विज्ञापन
Moradabad Police kept changing FIR in 34 hours A case was filed for snatching the hearing aid
मुरादाबाद में मशीन दिखाती राघव की मां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुरादाबाद में रेलवे स्टेशन के सामने मंगलवार को मासूम के कान से सुनने वाली मशीन लूटने घटना ने शहर के लोगों को झकझोर दिया है। पुलिस के लिए इससे ज्यादा शर्मनाक और क्या हो सकता है। शहर की व्यस्तम सड़क पर दिनदहाड़े वारदात हुई। 
विज्ञापन


बाइक सवार दो लुटेरे आए और ऑटो में बैठे पांच साल के बच्चे के कान से सुनने की मशीन लूट कर भाग गए, लेकिन पुलिस को इस लाचार मासूम की मासूमियत पर कतई रहम नहीं आया। पुलिस केवल तहरीर पर तहरीर का खेल खेलती रही। 34 घंटे के अंतराल में तीन तहरीर बदल दी गई। पहले गुमशुदगी दर्ज की अब इस मामले में छिनैती में केस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन


कटघर के कमला विहार पीतलनगरी निवासी अधिवक्ता नकुल सिंह का पांच वर्षीय बेटा राघव एलकेजी में पढ़ता है। बच्चा जन्म से सुन नहीं सकता था। पिछले साल अगस्त माह में नकुल ने बेटे की कोक्लियर इंप्लांट सर्जरी कराई थी। जिसमें एक इलेक्ट्रानिक डिवाइस लगाई थी। इसके बाद से राघव सुनने लगा था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उसे एबीसीडी और क, ख, ग सिखाया जा रहा था। इसके अलावा सप्ताह में दो बार उसे स्पीच थेरेपी करानी पड़ती थी। मंगलवार दोपहर नकुल की पत्नी कुसुम लता अपने बेटे को साथ लेकर ऑटो से टीएमयू जा रही थी। रेलवे स्टेशन के सामने बाइक सवार दो लुटेरे आए और राघव के कान से डिवाइस निकाल लेकर गए थे। 

घटना की जानकारी मिलने पर नकुल सिंह भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची और मां बेटे से पूछताछ की। कुसुम लता पूरी घटना पुलिस को बताई। बच्चा कुछ बोल नहीं पा रहा था। पुलिस ने इसका फायदा उठा लिया। बच्चे और उसके मां बाप को कोतवाली ले गए। उनसे तरह तरह के सवाल किए। 

 

इसके बाद उनसे लूट की तहरीर नहीं ली। उनसे दूसरी तहरीर लिखवाई गई। उनसे कहा गया कि बच्चे की डिवाइस चोरी नहीं हुई है। वह कहीं गुम हुई है। भले ही पुलिस के लिए वो एक डिवाइस हो, लेकिन बच्चे के शरीर का हिस्सा बन चुकी थी। जिसके जरिए उसकी जिंदगी में खुशियां आने लगी थीं। लेकिन लुटेरे डिवाइस के साथ ही उसकी खुशियां भी लूट ले गए हैं। 

 

दो दिन से बच्चा खामोश है। लेकिन पुलिस को उसके इस दर्द का कोई एहसास नहीं है। पुलिस ने घटना को गुमशुदगी में दर्ज कर उसके दर्द को और बढ़ा दिया है। जबकि पिता ने घटना के तुरंत बाद ही लूट की तहरीर दी थी। बुधवार रात दस बजे पिता नकुल को फिर से कोतवाली बुलाया और छिनैती की तहरीर ली। घटना के 34 घंटे बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है। एसपी सिटी ने बताया कि छिनैती में केस दर्ज किया गया है।

स्कूल नहीं गया राघव, बेटे की खामोशी से मां बाप बेहाल
मासूम राघव की मशीन लुटी तो वो खामोश हो गया। रात भर परेशान रहा और बुधवार को स्कूल नहीं गया। बच्चे की खामोशी से उसके मां बाप और बड़ा भाई बेहाल है। बीच बीच में कान की ओर राघव इशारा करके बताता है कि अब उसे आवाज नहीं आ रही है। इससे मां बाप और भाई की आंखों से भी आंसू छलक आते हैं।

अधिवक्ता नकुल सिंह का छोटा बेटा राघव घर के पास स्थित स्कूल में एलकेजी में पढ़ता है। बच्चा जन्म नहीं सुनता था लेकिन मशीन लगने के बाद वह एबीसीडी और क ख ग बोलने लगा था। स्कूल के बाद मां उसे घर पढ़ाती थी। मंगलवार को बच्चे के कान से बदमाश मशीन छीन कर ले गए थे। इसके बाद से ही बच्चा परेशान है। मंगलवार की रात भी खामोशी में कट गई। मां कुसुमलता उसे सुलारती रही। बुधवार सुबह राघव जागा लेकिन खामोश ही रहा। लेकिन स्कूल नहीं गया। इसके बाद 10 बजे पुलिस कर्मियों ने पिता को कॉल की और कोतवाली बुला लिया। पति पत्नी राघव को लेकर कोतवाली पहुंच गए। दिन भर बच्चा भी इनके साथ ही रहा। पूछताछ और कैमरे दिखाने के बाद दंपती को घर भेज दिया गया।
 

पीतल नगरी गेट से लेकर पीलीकोठी चौराहे तक खंगाले 200 कैमरे, कहीं नहीं दिखी घटना
पांच साल के मासूम बच्चे के कान से मशीन खींचकर ले जाने वाले बदमाशों की तलाश में पुलिस और एसओजी जुट गई है। बुधवार को पुलिस ने पीतल नगरी गेट से लेकर पीलीकोठी चौराहे तक 200 कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन कहीं भी पुलिस को बदमाश नजर नहीं आई। इतना नहीं मां बेटे भी कहीं ऑटो में बैठे नहीं दिखे हैं। रेलवे स्टेशन गेट नंबर तीन के सामने केवल मां बेटे पैदल ही जाते दिख रहे हैं।
 

सीओ कोतवाली सुनीता दहिया और कोतवाली प्रभारी उषा मलिक ने पुलिस टीमें लगाकर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक कराई। इसके अलावा एसओजी दिन भर रेलवे स्टेशन पर बदमाशों के बारे में जानकारी जुटाने लगी रही। टीम सबसे पहले पीतल नगरी गेट के पास पहुंची। यहां आस पास कैमरों के बारे में जानकारी की गई लेकिन यहां कोई कैमरा नहीं मिल पाया। इसके बाद टीम हनुमान मूर्ति तिराहे पर पहुंची। स्मार्ट सिटी के तहत लगे कैमरों की फुटेज खंगाली गई लेकिन कुसुमलता और उनके बेटे जिस ऑटो से टीएमयू जा रहे थे। वह दिखाई नहीं दिया। रोडवेज बस अड्डे, इंपीरियल तिराहा के कैमरे की फुटेज भी खंगाली गई। यहां भी पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। न ऑटो दिखा और नहीं मां बेटे दिखाई दिए।
 

पुलिस ने रेलवे स्टेशन के आसपास के सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाली। इस दौरान फुट ओवरब्रिज गेट नंबर एक ही तरफ मां-बेटे जाते हुए दिखाई दिए लेकिन, आटो और बाइक सवार लुटेरे फुटेज में नजर नहीं आए हैं। 

एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया का कहना है कि अब तक 200 से ज्यादा कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है लेकिन किसी भी कैमरे में घटना दिखाई नहीं दी है, ऑटो और बाइक सवार भी नहीं दिखे हैं केवल एक कैमरे की फुटेज में मां बेटे पैदल जाते दिख रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed