Moradabad: शिकायतों का अंबार, निस्तारण में फिसड्डी नगर निगम, आईजीआरएस समीक्षा में विभागों की ढिलाई आई सामने
मुरादाबाद में मुख्यमंत्री डैश बोर्ड की समीक्षा में कई विभागों की ढिलाई सामने आई है। सामने आया कि नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों लोगों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसके अलावा विद्युत विभाग से भी लोग असंतुष्ट हैं।
विस्तार
आईजीआरएस की शिकायतों के निस्तारण में नगर निगम काफी पीछे है। अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा लोगों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेने के कारण ऐसी स्थिति निर्मित हुई है। प्रदेश की एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) के माध्यम से नगर निगम से संबंधित 239 लोगों ने शिकायतें की थीं।
इसमें से अधिकांश लोगों को निराशा ही हाथ लगी है। शिकायतों को लेकर नगर निगम द्वारा कराई गई जांच से 106 लोग असहमत हैं। सीएम डैश बोर्ड समीक्षा में स्मार्ट सिटी को सात अंकों के साथ बी ग्रेड मिला है। इसी प्रकार आईजीआरएस में नगर निगम से 239 लोगों ने अपने अलग-अलग कार्यों के लिए शिकायतें की थीं।
नगर निगम के कर्मचारियों ने शिकायतों का ऐसे निस्तारण किया कि 106 लोगों ने असंतुष्टि जाहिर की है। इसी प्रकार नगर निगम के हेल्प लाइन पर 567 लोगों ने संपर्क कर अपना दुखड़ा रोया। इसमें काफी लोगों की शिकायतें सुनी गई लेकिन 182 लोगों ने निस्तारण पर असंतुष्टि या नाराजगी जाहिर की है।
लोगों का आरोप है कि नगर निगम के नगर अधिकारी कॉल करने पर भी सुनते नहीं हैं। इसी प्रकार विद्युत विभाग को आईजीआरएस के तहत 459 शिकायतें मिलीं। शिकायतों के निस्तारण के बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों से 94 लोगों ने असंतुष्टि जाहिर की है।
जिले की रैंकिंग में आया सुधार
जिले की रैंकिंग पिछले माह 69वें स्थान पर थी लेकिन डीएम के सख्ती बरतने पर कुछ विभागों ने सुधार किया। नवंबर माह की रैंकिंग 58 पर आ गई है। फिर भी सुधार के लिए अधिकारियों को डीएम ने टिप्स दिए हैं।
मुख्यमंत्री डैश बोर्ड की समीक्षा के दौरान पता चला कि प्रदेश की रैंकिंग में जनसुनवाई को तीन अंक मिले हैं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की रैंकिग में शून्य अंक दर्ज किया गया है। जिले के नगर विकास एवं गरीबी उन्मूलन को दस अंक के साथ ए ग्रेड मिला है। इसी प्रकार की स्थिति मंडी की आय की है। अवस्थापना औद्योगिक विकास में सात अंकों के साथ बी ग्रेड मिला है। राजस्व लक्ष्य में पीछे रहने की वजह से आबकारी विभाग को डी ग्रेड मिला है।
धान खरीद में पीछे होने के कारण सी ग्रेड की रैकिंग मिली है। चीनी एवं गन्ना विकास को बी ग्रेड मिला है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी बी ग्रेड होने के कारण उत्साहजनक नहीं माना गया है। यही स्थिति पीएम स्वनिधि योजना की है। राजस्व धारा 98 के तहत सी ग्रेड, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को भी तीन अंकों के साथ सी ग्रेड मिला है।
दशमोत्तर छात्रवृति योजना को सी ग्रेड, पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना (9-10) को डी ग्रेड मिला है। ड्राप मोर क्राप माइक्रोइरीगेशन को डी ग्रेड मिला है। आईसीडीएस पोषण अभियान को सी ग्रेड, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को डी ग्रेड मिलने पर लापरवाही प्रकाश में आई है। अनुसूचित जाति पूर्व दशम छात्रवृति योजना के लिए संतोषजनक कार्य नहीं मिलने पर डी ग्रेड मिला है।