डिलारी के राजपुर केसरिया गांव निवासी शराब तस्कर राजेंद्र सिंह की पत्नी, तीन बेटे और दो बहुओं की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस इस काले धंधे की कड़ियां जोड़ने में जुट गई है। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि वह शराब तस्करी में राजेंद्र का पूरा सहयोग करते थे। पुलिस ने मेडिकल कराने के बाद सभी को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। आरोपियों से पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर पुलिस इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है।
मुरादाबाद से शराब तस्करी : काले धंधे की कड़ियां जोड़ने में जुटी है पुलिस
शराब की तस्करी के धंधे में कई कड़ियां हैं जिन्हें जोड़कर पुलिस इस मामले का खुलास करने में जुटी है। पता चला है कि इसकाले धंधे में महिलाएं भी शामिल रही हैं।
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परचून के सामान के नीचे छिपाकर हरियाणा-राजस्थान से लाते थे शराब
अवैध शराब की तस्करी करने वालों का नेटवर्क बड़ा है। हरियाणा और राजस्थान से अवैध शराब मुरादाबाद तक पहुंचाने में कई लोगों की टीम लगाई जाती थी। शराब की पेटियां परचून के सामान के नीचे छिपाई जाती थीं। इतना ही नहीं इस गिरोह में शामिल कुछ लोग वाहन के आगे-आगे कार से चलते थे। रास्ते में कहीं पुलिस चेकिंग या दूसरी गतिविधियां होने की जानकारियां ट्रक चालक को दे देते थे। राजेंद्र सिंह के बेटों ने पुलिस पूछताछ में ऐसे कई चौंकाने वाले राज उगले हैं।
सूत्रों का दावा है कि आरोपियों ने पूछताछ में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी पुलिस को बता दिए हैं। जिनके जरिए इस पूरे नेटवर्क को पकड़ने के लिए टीमें लगा दी गई हैं। इसके अलावा पुलिस को इसकी भी जानकारी मिली है कि राजेेंद्र और अन्य तस्करों के घरों तक हरियाणा, राजस्थान से शराब की पेटियां परचून के सामान के नीचे छिपाकर वाहन से ठिकानों तक पहुंचाई जाती थीं। बची हुई पेटियों को तहखाने में छिपाकर रख दिया जाता था। यहां से पेटियों को राजेंद्र और रमेश सब्जी के नीचे छिपाकर दूसरे ठिकानों तक पहुंचाते थे।
बिखर गया शराब तस्कर राजेंद्र का पूरा परिवार
लालच और मोटी कमाई के चक्कर में शराब तस्कर राजेंद्र का परिवार तबाह हो गया। राजेंद्र और उसके दो बेटों की मौत हो चुकी है। तीन बेटे और दो बहुएं और राजेंद्र की पत्नी जेल भेज दिए गए हैं। अब घर में पंद्रह बच्चे, तीन महिलाएं और एक बूढ़ी दादी बची हैं। अपनों को खोने और जेल जाने के बाद से बच्चे सुबक रहे हैं। शराब तस्कर राजेंद्र सिंह के परिवार में 28 सदस्य थे। राजेंद्र और उसके दो बेटे हरकेश व प्रीतम की मृत्यु हो चुकी है। तीन बेटे ब्रह्मपाल, निर्मल और दलवीर, राजेंद्र की पत्नी सुदेश, दलवीर की पत्नी अंजली और प्रीतम की पत्नी सरिता उर्फ कुसुम को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
अब घर में हरकेश की पत्नी, निर्मल की पत्नी और ब्रह्मपाल की पत्नी घर में बची हैं। इसके अलावा पांचों भाइयों के 15 बच्चे और राजेंद्र की मां बची है। प्रीतम और दलवीर की पत्नी व बच्चे उसी मकान में रहते थे, जहां तहखाना बनाया गया था, जबकि हरकेश, निर्मल, ब्रह्मपाल की पत्नी और बच्चे पुराने घर में रह रहे थे। इस घटना के बाद से परिवार के सभी सदस्य अब पुराने वाले मकान में ही पहुंच गए हैं। तहखाने वाले मकान में बस बूढ़ी दादी (राजेंद्र की मां) है।
दो आरोपियों की खोली गई हिस्ट्रीशीट
डिलारी के राजपुर केसरिया गांव में तहखाने में चार लोगों के शव और अवैध शराबमिलने के बाद से मचे हड़कंप के बीच पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें छापेमारी कर रही हैं। पुलिस रिकार्ड की बात की जाए तो जनपद में 33 और ‘राजेंद्र’ हैं। जो अवैध शराब की तस्करी में लिप्त हैं। ये वो आरोपी हैं जो आबकारी और पुलिस के हत्थे चढ़े थे। पुलिस और आबकारी विभाग के लिए चुनौती ये है कि इन लोगों के संपर्क में रहने वाले और नए तस्करों को कैसे खोजा जाए।
इन थाना क्षेत्रों के हैं आरोपी
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के बंटी सैनी, संजय सिंह, मनवीर सिंह, प्रेम सिंह, गुरुदेव सिंह, मनजीत, रमेश सैनी, मझोला थानाक्षेत्र के अनिल सैनी, अज्जू, अनिल कसाना, कांठ थानाक्षेत्र के सवर्ण सिंह, सुखविंद, सोनी, अर्जुन, मूंढापांडे थानाक्षेत्र के अनुज, मोनू उर्फ संजीव, कुंवर पाल, चंद्रपाल, भगवत, मलखन, जितेंद्र, भगतपुर थानाक्षेत्र के जगदीश, संजय, राम सिंह, राधा और पिंकी, ठाकुरद्वारा थानाक्षेत्र के संजीव , रविंद्र, शेर सिंह, अंशुल कुमार, राजवीर शामिल हैं।
.. तो क्या राजेंद्र के साथियों ने भी बना रखे हैं तहखाने
पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी निर्मल, ब्रह्मपाल, दलवीर ने पुलिस पूछताछ में अपने पिता राजेंद्र के कई साथियों के नाम बताए हैं। ये वो साथी हैं जो पहले भी शराब तस्करी के आरोप में जेल जा चुके हैं। सवाल उठ रहा है कि इन तस्करों ने भी कहीं राजेंद्र की तरह ही अपने घरों में तहखाने तो नहीं बना रखे हैं। पुलिस की टीमों ने संदिग्ध लोगों की घेराबंदी शुरू कर दी है। इसके अलावा अफसरों ने खुफिया विभाग की टीमों को भी अलर्ट किया है।
अवैध शराब की तस्करी में महिलाएं भी शामिल हैं। भगतपुर पुलिस ने राधा और पिंकी के खिलाफ कार्रवाई की थी। पुलिस ने दावा किया था कि दोनों महिलाएं अपने घर से शराब बेचती थीं। आरोपी जिन वाहनों से शराब की तस्करी करते थे। उन वाहनों में ये महिलाएं सवार हो जाती थी। ताकि पुलिस तस्करों को पकड़ न सके।