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कुदरत का चमत्कार: दाईं तरफ धड़क रहा नवजात का दिल, जांच के बाद डॉक्टर भी रह गए हैरान.. बोले- डेक्सट्रोकार्डिया

Mon, 23 Sep 2024 11:43 AM IST
विमल शर्मा अफजाल हुसैन, संवाद न्यूज एजेंसी (कुंदरकी) मुरादाबाद
अफजाल हुसैन, संवाद न्यूज एजेंसी (कुंदरकी) मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Mon, 23 Sep 2024 11:43 AM IST
सार

मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में जन्मी नवजात का दिल बाईं की जगह दाईं तरफ धड़क रहा है। बच्ची को अब तक कोई गंभीर समस्या नहीं हुई है। इस लिहाज से यह दुर्लभ मामला है। डॉक्टरों का कहना है कि हजारों में एक या दो मामले सामने आते हैं। 
 

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Moradabad: Newborn heart is beating on right side, doctors are surprised.. they said - dextrocardia
मासूम जायजा की धड़कन से परेशान परिजन - फोटो : संवाद

विस्तार

कुंदरकी क्षेत्र के हरियाना गांव में ह्रदय संबंधी एक विचित्र मामला सामने आया है। एक माह पहले मुरादाबाद शहर के एक निजी अस्पताल में जन्मी नवजात का दिल बाईं नहीं दाईं तरफ धड़क रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे केस दुर्लभ हैं, हजारों में एक या दो सामने आते हैं। 

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स्वास्थ्य जगत के लिहाज से यह मामला इसलिए भी दुर्लभ है क्योंकि बच्ची को अब तक कोई गंभीर समस्या नहीं हुई है। हालांकि परिजन स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। वह लगातार डॉक्टरों के संपर्क में हैं और बच्ची के स्वास्थ्य पर बात कर रहे हैं।

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हरियाना गांव निवासी कारपेंटर महबूब सैफी की पत्नी मेराज ने एक माह पहले मुरादाबाद के निजी अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी से पहली बेटी को जन्म दिया। 

फूल सी बेटी के घर लाने के बाद मां को आभास हुआ कि बेटी का दिल दाईं ओर धड़क रहा है। इसको लेकर परिजन चिंतित हो गए। स्थानीय डॉक्टर ने जब जांच कराईं तो स्पष्ट हुआ कि बच्ची का दिल दाईं और है। कार्डियोलॉजिस्ट इस दुर्लभ स्थिति को डेक्स्ट्रोकार्डिया नाम दे रहे हैं। 
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उनका कहना है कि यह जन्मजात विकृति के रूप में देखा जाता है लेकिन जरूरी नहीं है कि ऐसे बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी होगी। वह अपना पूरा जीवन सामान्य रूप से जी सकते हैं। ऐसे मामले में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर उनके परिजनों को ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

एक साल तक बच्चे का रखें विशेष ध्यान

शहर के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने बताया कि डेक्स्ट्रोकार्डिया 10-12 हजार बच्चों में से एक को हो सकता है। ऐसी स्थिति में गर्भ के दौरान शिशु का ह्रदय दाईं ओर चला जाता है। दिल के अलावा लिवर भी बाईं ओर जा सकता है। आंतें भी अपने स्थान से दूसरी तरफ शिफ्ट हो सकती हैं।

यदि पूरी स्थिति ही उल्टी हो तो इसे साइटस इनवर्टस कहते हैं। इसमें भी बच्चों को जीवन भर परेशानी आने की संभावना कम ही रहती है। केवल दिल में मामले में परिजनों को शुरुआती एक साल में ध्यान रखना होगा।

माता-पिता ने नाम रखा है आयजा  

एक माह पहले जन्म लेने वाली बच्ची विचित्र परिस्थितियों को लेकर सबका ध्यान आकर्षित कर रही है। परिजन उसकी विशेष देखभाल कर रहे हैं। उन्होंने अपनी लाडली का नाम आयजा रखा है। आयजा अपने माता-पिता की पहली संतान है। आसपास के लोग व रिश्तेदार भी लगातार बच्ची को लेकर परिवार से बातचीत कर रहे हैं।

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