मुरादाबाद: आजम खां के खिलाफ कोर्ट की अवमानना मामले की सुनवाई टली, चार सितंबर को अगली तारीख
अदालत में हाजिर नहीं होने पर आजम खां के खिलाफ 2020 में थाना छजलैट थाने में केस दर्ज किया गया था। मंगलवार को आजम खां को साक्ष्य के लिए गवाह प्रस्तुत करने थे। गवाह के हाजिर नहीं होने के कारण सुनवाई टाल दी गई।
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समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां के खिलाफ दर्ज अदालत की अवमानना के मामले में मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई टल गई। गवाह के नहीं आने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले अगली सुनवाई 4 सितंबर को होगी।
15 साल पहले आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम समेत अन्य सपाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। आजम खां अपने परिवार के साथ मुजफ्फरनगर में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। छजलैट थाने के सामने पुलिस ने उनकी गाड़ी रुकवाकर चेक की थी।
इसके विरोध में आजम खां और अन्य सपाइयों ने कांठ रोड पर जाम लगा कर हंगामा किया था। इस मामले में आजम खां और अब्दुल्ला आजम को सजा हो चुकी है। इसी मुकदमे में अदालत में हाजिर नहीं होने पर आजम खां के खिलाफ 2020 में थाना छजलैट थाने में केस दर्ज किया गया था।
मंगलवार को इस मामले में पत्रावली मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनिंदर सिंह की अदालत में पेश की गई। विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि मंगलवार को आजम खां को अपना पक्ष में सफाई साक्ष्य के लिए गवाह प्रस्तुत करने थे।
लेकिन गवाह के हाजिर नहीं होने के कारण मुकदमे की सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने अवमानना के मामले में सुनवाई के 4 सितंबर नियत करते हुए बचाव पक्ष के गवाह को तलब किया है।
आजम की अपील पर नहीं हो सकी सुनवाई
नफरती भाषण केस में सेशन कोर्ट में दायर सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां की अपील पर मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की सुनवाई 14 सितंबर को होगी। बताते चले कि सपा नेता आजम खां पर आरोप है कि आठ अप्रैल 2019 को धमौरा गांव में जनसभा के दौरान आजम खां ने संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके बाद एडीओ सहकारिता अनिल चौहान ने शहजादनगर थाने में आजम खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
सुनवाई के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल ने आजम खां को 15 जुलाई को नफरती भाषण देने के मामले में दोषी मानते हुए दो साल की सजा व ढाई हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
निचली अदालत के फैसले के खिलाफ आजम खां ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की है, जिस पर सेशन कोर्ट में सुनवाई हो रही है। मंगलवार को इस मामले में सुनवाई होनी थी,लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। सुनवाई के लिए 14 सितंबर की तारीख मुकर्रर की गई है।