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Moradabad: बच्चे हिंदी नहीं पढ़ पाए तो डीएम रह गए हैरान, शिक्षक झांकने लगे अगल-बगल, सभी का वेतन रोका

Sat, 21 Oct 2023 05:21 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 21 Oct 2023 05:21 PM IST
सार

जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को सरकारी स्कूलों के निरीक्षण में कई खामियां मिली। प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर मुंडा में तीसरी के बच्चे ठीक से हिंदी नहीं पढ़ सके। जब उन्होंने शिक्षकों के बारे में पता किया तो स्कूल में मानक से अधिक शिक्षक तैनात मिले। इसके बाद उन्होंने सभी का वेतन रोकने का निर्देश दिया।

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Moradabad: Government school children could not study Hindi, DM stopped salaries teachers
मुरादाबाद के जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह स्कूल का निरीक्षण करते हुए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुरादाबाद में एक बार फिर डीएम मानवेंद्र सिंह के निरीक्षण में प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा के स्तर की पोल खुल गई। प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर मुंडा में सवालों के जवाब छोड़िए कक्षा दो और तीन के बच्चे हिंदी नहीं पढ़ सके। इस स्कूल में 61 बच्चों पर मानक से अधिक सात शिक्षकों की तैनाती है।

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पढ़ाई का स्तर ठीक नहीं मिलने पर डीएम ने प्रधानाध्यापक सहित सात शिक्षकों के वेतन रोकने के आदेश दिए। डीएम मानवेंद्र सिंह अचानक प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर मुंडा में पहुंच गए। जहां प्रधानाध्यापक अपने कार्यालय की जगह अन्य कक्ष में कुर्सी लगाकर बैठे मिले। पूछने पर पता चला कि स्कूल में 61 बच्चे मौजूद हैं।
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बच्चों को पढ़ाने के लिए सात शिक्षकों की तैनाती है, जो मानक से अधिक हैं। डीएम ने पढ़ाई की जांच करने के लिए कक्षा दो और तीन के बच्चों को किताब पढ़ने के लिए कहा, लेकिन बच्चे हिंदी भी नहीं पढ़ सके। डीएम ने इस मामले में शिक्षकों से कहा कि इस विद्यालय के पढ़ाई का स्तर ठीक नहीं है।
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प्रधानाध्यापक अपने कार्यालय के लिए एक की जगह दो कमरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने बीएसए को बताया कि विद्यालय में पढ़ाई का स्तर ठीक नहीं है। इस मामले में प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षकों का वेतन रोकने के निर्देश दिए।

साथ ही पढ़ाई के स्तर की जांच के लिए एक समिति गठित करने के निर्देश दिए। कार्यालय के मामले में प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। बच्चों की शिक्षा में सुधार करने के लिए ही अध्यापक सीमा से अधिक संख्या में रखे गए हैं। यदि बच्चों के शिक्षा में सुधार होता है तो शिक्षकों को वेतन दिए जाएंगे।

ढकिया विद्यालय में सबकुछ ठीक मिला

डीएम ने डिलारी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय ढकिया पीरु का औचक निरीक्षण किया। यहां बच्चों की पढ़ाई और व्यवस्था दुरुस्त पाई गई। डीएम की पूछताछ से पता चला कि प्राथमिक स्कूल में 152 बच्चों की तुलना में चार शिक्षक कार्यरत हैं। उन्होंने कक्षा तीन के बच्चों से गणित के सवाल किए। दो बच्चों ने सवालों के सही उत्तर दिए। पढ़ाई का स्तर ठीक पाया गया। स्कूल का रखरखाव ठीक मिला। कायाकल्प का कार्य भी गुणवत्ता पूर्ण पाया गया।

दो विद्यालय के कर्मियों का वेतन बीएसए ने रोका

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजित कुमार ने शुक्रवार को परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण किया। अनियमितताएं मिलने पर बीएसए ने दो विद्यालय के कर्मियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। बीएसए ने सबसे पहले उच्च प्राथमिक विद्यालय सुलतानपुर दोस्त द्वितीय, प्राथमिक विद्यालय सुलतानपुर दोस्त प्रथम एवं द्वितीय, कंपोजिट विद्यालय जटपुरा का निरीक्षण किया।

सभी विद्यालयों में बीएसए ने शिक्षकों से बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, डीबीटी का कार्य शत प्रतिशत पूरा कराने, यू डायस का कार्य समय से पूरा करने, परिवार सर्वेक्षण का कार्य करने और विद्यालय परिसर की सफाई व्यवस्था उत्तम करने, विद्यालयों को निपुण बनाने की हिदायत दी। कुछ स्कूलों की व्यवस्था दुरुस्त पाई गई।



जांच के दौरान कंपोजिट विद्यालय लोधीपुर पट्टी, उत्त प्राथमिक विद्यालय सुलतानपुर प्रथम में छात्र कम मिले। साथ ही बच्चों की पढ़ाई की स्थिति ठीक नहीं पाई गई। दो अन्य विद्यालयों में विभागीय कर्मियों के नहीं मिलने और सफाई सही नहीं मिलने के कारण वेतन रोकने के निर्देश दिए।

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