फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Moradabad: Friend murdered for marrying sister-in-law, life imprisonment to father and son

Moradabad: साली से शादी करने के लिए दोस्त की हत्या, रिश्तेदार को फंसाने की साजिश, पिता-पुत्र को आजीवन कारावास

Fri, 09 Feb 2024 04:05 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Fri, 09 Feb 2024 04:05 PM IST
सार

मुरादाबाद की एक अदालत ने युवक की हत्या करने के मामले में पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला संभल के बिलारी थानाक्षेत्र से जुड़ा हुआ है। 

विज्ञापन
Moradabad: Friend murdered for marrying sister-in-law, life imprisonment to father and son
अदालत। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मुरादाबाद की अदालत ने संभल के छह साल पुराने टेलर हत्याकांड में फैसला सुनाया। अदालत में पिता-पुत्र समेत तीन मुलजिमों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में संभल के बिलारी थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर खास निवासी मेहरबान पुत्र राम भरोसे ने 9 फरवरी 2018 को हजरत नगर गढ़ी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।

विज्ञापन


जिसमें उसने बताया था कि उसका छोटा भाई राजू टेलर था। आठ फरवरी की सुबह वह बाइक से सहसपुर में अपनी दुकान पर गया था। देर रात तक वापस नहीं आया। अगले दिन नौ फरवरी की सुबह उसकी तलाश की गई। तब हजरत नगर गढ़ी क्षेत्र के सोनकपुर के जंगल में राजू का शव मिला था। गला घोंटकर राजू की हत्या की गई थी।
विज्ञापन


मृतक की जेब से एक पर्ची मिली थी। जिसमें जबर सिंह, बलराम और गजेंद्र के नाम लिखे थे। पर्ची में लिखे नामों के आधार पर पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। तब तीनों ने पुलिस को बताया कि इस हत्या के पीछे संभल के हयातनगर के सौंधन निवासी विजय का हाथ हो सकता है। विजय जबर सिंह का दामाद है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विवेचना के दौरान इसके अलावा मृतक राजू के गांव में रहने वाले रूप सिंह ने भी पुलिस को बताया था कि उसने 8 फरवरी की देर शाम राजू को विजय पुत्र विवेकानंद, हजरत नगर गढ़ी के उमरारा निवासी मनोज और मनोज के पिता श्याम सिंह के साथ देखा था। विजय और मनोज आपस में रिश्तेदार हैं।

रूप सिंह के बयानों के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने बताया कि विजय और राजू की दोस्ती थी। दोनों ही कपड़ा सिलाई का काम करते थे। विजय सिंह के अपनी साली से संबंध थे और वह नहीं चाहता था कि उसकी शादी किसी दूसरे के साथ हो। विजय साली से शादी करना चाहता था लेकिन विजय के ससुर जबर सिंह उसकी शादी कहीं और करना चाहते थे।

इस कारण से विजय अपने ससुर जबर सिंह, गजेंद्र सिंह, बलराम को हत्या के झूठे मुकदमे में फंसा कर अपनी साली से शादी करना चाहता था। जिसके लिए उसने अपने दोस्त मनोज और उसके पिता श्याम सिंह के साथ मिलकर राजू की हत्या की थी।

इस मामले की सुनवाई एडीजे ग्यारह रंजीत कुमार की अदालत में की गई सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मधु रानी चौहान ने बताया कि इस मामले में अदालत ने तीनों आरोपी विजय, मनोज और श्याम सिंह को हत्या के आरोप में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा के साथ प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

 

 

अभियोजन पक्ष ने पेश किए 12 गवाह

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मधु रानी चौहान ने बताया कि इस मामले में हत्या की गुत्थी को सुलझाने के लिए 12 गवाह अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए थे। जिसमें मौके के गवाह रूम सिंह की गवाही के बाद ही हत्या के सारे राज खुलते गए। रूम सिंह ही एक मात्र ऐसा गवाह था, जिसने अंतिम बार मृतक राजू को दोषियों के साथ घटना वाली रात देखा था। जिसके बाद राजू की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी।

 

तीनों के खिलाफ दाखिल किया गया था आरोप पत्र

इस मुकदमे की विवेचना सब इंस्पेक्टर कुशलवीर सिंह ने की थी। जिन्होंने मुकदमे की कड़ी से कड़ी जोड़कर असली आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। अन्यथा आरोपियों ने बड़ी चालाकी से निर्दोष लोगों को इस जुर्म में फंसाने की योजना बना दी थी। सब इंस्पेक्टर कुशलवीर सिंह ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए 4 अप्रैल 2018 को महज दो माह बाद ही अदालत में तीनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।

 

मृतक की पत्नी ने की थी मुकदमे की पैरवी

इस मामले में आरोपियों द्वारा कई बार राजू के परिजनों को रुपये का लालच देकर फैसले की बात करनी चाही लेकिन राजू की पत्नी दानवती ने किसी भी प्रकार से दोषियों से कोई समझौता नहीं किया और मुकदमे की पैरवी कर उन्हें उनके अंजाम तक पहुंचाया।

 

अच्छे दोस्त थे राजू और विजय

राजू और विजय दोनों ही कपड़े सिलाई का काम करते थे और दोनों काफी समय पहले दिल्ली में भी एक साथ काम करने के लिए गए थे। इस कारण से दोनों के बीच में काफी अच्छी दोस्ती भी हो गई थी। दिल्ली से अपने घर वापस आ गए और अपनी अपनी टेलर की दुकान खोल ली थी। दोस्ती के कारण ही राजू को विजय पर विश्वास था लेकिन विजय ने अपनी लालसा पूरी करने के उद्देश्य से विश्वासघात कर राजू को मौत के घाट उतार दिया।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed