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Moradabad: जिला अस्पताल में एक सप्ताह नहीं होंगे सीटी स्कैन, टॉमा सेंटर में आग लगने के बाद उपकरण खराब
Sun, 07 Jul 2024 11:09 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: विमल शर्मा
Updated Sun, 07 Jul 2024 11:09 AM IST
सार
मुरादाबाद जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने के बाद सीटी स्कैन बंद कर दिए गए हैं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि हादसे के बाद सभी चीजों को दुरुस्त करवाया जा रहा है। मशीन को देखने के लिए जल्द ही इंजीनियर आने वाला है। इसके बाद सभी चीजें सुचारु हो जाएंगी।
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मुरादाबाद जिला अस्पताल का सिटी स्कैन रूम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुरादाबाद जिला अस्पताल के ट्राॅमा सेंटर में आग लगने की वजह से सीटी स्कैन नहीं हो पा रहे हैं। मरीजों को अभी एक सप्ताह और परेशानी उठानी पड़ेगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बैटरी और यूपीएस की व्यवस्था होने के बाद सीटी स्कैन मशीन संचालित की जाएगी।
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वहीं ट्राॅमा सेंटर में इमरजेंसी द्वार भी बनवाया जाएगा, जिससे आपातकालीन स्थिति में मरीजों को परेशानी न हो। चार जुलाई को सुबह दस बजे ट्राॅमा सेंटर के सीटी स्कैन मशीन के सर्वर रूम में रखीं 32 बैटरियों में धमाका हुआ था। इसकी वजह से बिल्डिंग में आग लग गई थी।
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अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को आग बुझाने के लिए खिड़की-दरवाजे तोड़ने पड़े थे। हालांकि, ट्राॅमा सेंटर में भर्ती मरीजों को तुरंत निकाल लिया गया था। ट्राॅमा सेंटर में प्रतिदिन 10 से 12 मरीजों के सीटी स्कैन किए जाते हैं, लेकिन आग लगने के बाद तीन दिन से सीटी स्कैन बंद हैं।
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सीएमएस डॉ. संगीता गुप्ता ने कहा कि ट्राॅमा सेंटर के खिड़की, दरवाजों को ठीक करवा दिया गया है। आग की वजह से बिल्डिंग काली हो गई है। इसलिए रंगाई-पुताई का काम हो रहा है। सीटी स्कैन मशीन की जांच के लिए अगले सप्ताह लखनऊ से इंजीनियर आएगा।
इसलिए मशीन शुरू होने में एक सप्ताह का समय लग जाएगा। बिल्डिंग में एक इमरजेंसी द्वार भी बनवाया जाएगा। इसे एमआरआई कक्ष से जोड़ दिया जाएगा।
जिला अस्पताल के पास नहीं है अग्निशमन विभाग की एनओसी
जिला अस्पताल के पास अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है। सीएमएस डॉ. संगीता गुप्ता ने कहा कि मल्टी स्टोरी भवन में फायर स्प्रिंकलर लगाए जाने हैं। लखनऊ से दो फ्लोर पर स्प्रिंकलर लगाने की तकनीकी रूप से अनुमति मिल गई है, लेकिन अभी बजट मिलना बाकी है। अग्निशमन विभाग के सभी दिशा-निर्देशों को पूरा करने बाद एनओसी मिल जाएगी।