{"_id":"688b281619fcde84ff0f4880","slug":"moradabad-bar-election-result-anand-mohan-became-president-kapil-gupta-became-general-secretary-2025-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुरादाबाद बार चुनाव रिजल्ट: आनंद मोहन अध्यक्ष, कपिल गुप्ता बने महासचिव, 2221 अधिवक्ताओं ने किया था मतदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुरादाबाद बार चुनाव रिजल्ट: आनंद मोहन अध्यक्ष, कपिल गुप्ता बने महासचिव, 2221 अधिवक्ताओं ने किया था मतदान
Thu, 31 Jul 2025 01:54 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: विमल शर्मा
Updated Thu, 31 Jul 2025 01:54 PM IST
सार
दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी चुनाव में अध्यक्ष पद पर आनंद मोहन गुप्ता ने अमीरुल हसन जाफरी को बड़े अंतर से हराकर जीत दर्ज की। महासचिव पद पर कपिल गुप्ता ने राजेश कुमार को 41 वोटों से हराया। जीत के बाद समर्थकों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई।
विज्ञापन
मुरादाबाद बार चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी चुनाव में दूसरे दिन अध्यक्ष और महासचिव पद की मतगणना पूरी हो चुकी है। कपिल गुप्ता ने अपने निकटतम प्रत्याशी राजेश कुमार को 41 वोटों से हराकर जीत प्राप्त कर ली है। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी आनंद मोहन गुप्ता ने अमीरुल हसन जाफरी को बड़े अंतर से हरा दिया है।
विज्ञापन
अन्य पदों की मतगणना अभी चल रही है। जीत के बाद दोनों के समर्थकों ने मिठाई वितरित कर खुशी जाहिर की। बुधवार सुबह नौ बजे मतगणना का कार्य शुरू किया गया। सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक मतपत्रों की छंटाई हुई। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मतों की गणना शुरू हुई।
विज्ञापन
21 पदों के लिए आठ टेबल लगाई गईं। पहले राउंड से ही अध्यक्ष पद के उम्मीदवार आनंद मोहन गुप्ता ने अपने प्रतिद्वंद्वी अमिरुल हसन जाफरी से बढ़त बना ली थी। मतगणना के 16वें राउंड तक आनंद मोहन गुप्ता 583 मतों से बढ़त बनाकर आगे चल रहे थे, जबकि महासचिव पद पर कपिल गुप्ता और राजेश कुमार के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली।
विज्ञापन
कपिल गुप्ता 29 मतों से बढ़त बनाए हुए थे। कोषाध्यक्ष पद पर अजय बंसल और पारुल अग्रवाल के बीच जबरदस्त मुकाबला रहा। अजय बंसल 31 मतों से ही आगे हैं। शाम छह बजे एल्डर कमेटी के पदाधिकारियों ने मतगणना रोकने का फैसला किया।
इससे अधिवक्ता आक्रोशित हो गए और हंगामा करने लगे। अधिवक्ताओं की मांग थी कि अध्यक्ष और महासचिव पद की मतगणना कर ली जाए, लेकिन पदाधिकारी बृहस्पतिवार को ही मतगणना करने के फैसले पर अडिग रहे।
उनका तर्क था कि शाम छह बजे तक ही मतगणना का समय निर्धारित किया गया था। इसके अलावा गिनती हो चुके मतपत्रों और शेष मतपत्रों को सील भी करना होता है और उसमें भी समय लगता है। इसके बाद मतगणना बृहस्पतिवार सुबह को शुरू हुई।