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पीतल नगरी के वायु मंडल में कार्बनडॉई ऑक्साइड शून्य
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मुरादाबाद। पीतल नगरी के वायु मंडल में सोमवार को कार्बन डाई ऑक्साइड का स्तर शून्य दर्ज किया गया। लॉकडाउन के बाद बारिश का ऐसा असर हुआ कि सोमवार रात 11 बजे वायु गुणवता सूचकांक ही सिर्फ पांच माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी 50 एक्यूआई को एतिहासिक बता रहे थे, जबकि सिर्फ पांच पर एक्यूआई का पहुंचना अपने आप में रिकॉर्ड स्तर है।
मुरादाबाद का स्थान दुनिया के 30 सबसे प्रदूषित शहरों में दर्ज हुआ था। इसको लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एनजीटी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कवायद शुरू हो गई थी। स्थानीय स्तर पर भी प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही थी। इसी बीच हुए लॉकडाउन की वजह से पर्यावरण पर सकारात्मक असर हुआ और मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर के आस-पास पहुंच गया था। वायु गुणवत्ता के हिसाब से यह अच्छी गुणवता की वायु में आता है। वहीं रविवार और सोमवार को हुई बारिश ने और सहारा दिया और वायु गुणवता सूचकांक सिर्फ पांच माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट के अनुसार वायु मंडल में सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा तीन माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड की मात्रा 11 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर और कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा शून्य माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। नेशनल एयर मॉनीटरिंग प्रोग्राम की समन्वयक डॉ. अनामिका त्रिपाठी ने बताया कि यह स्तर अपने आप में रिकॉर्ड है। वायु मंडल में इतने सकारात्मक परिणाम कभी नहीं आए हैं। कार्बन मोनो ऑक्साइड किसी चीज के जलने पर ही होती है और अब सभी गतिविधियां बंद हैं। इसकी वजह से इतना अच्छा एयर क्वालिटी इंडेक्स कभी नहीं हो सकता है। यदि हम अपनी सभी गतिविधियों को जारी कर इसके अन्य उपाय तलाश कर वायु गुणवत्ता सूचकांक को हरे या पीले रंग में रखेंगे तब भी हम अच्छे से रह सकते हैं।
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मुरादाबाद का स्थान दुनिया के 30 सबसे प्रदूषित शहरों में दर्ज हुआ था। इसको लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एनजीटी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कवायद शुरू हो गई थी। स्थानीय स्तर पर भी प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही थी। इसी बीच हुए लॉकडाउन की वजह से पर्यावरण पर सकारात्मक असर हुआ और मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर के आस-पास पहुंच गया था। वायु गुणवत्ता के हिसाब से यह अच्छी गुणवता की वायु में आता है। वहीं रविवार और सोमवार को हुई बारिश ने और सहारा दिया और वायु गुणवता सूचकांक सिर्फ पांच माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट के अनुसार वायु मंडल में सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा तीन माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड की मात्रा 11 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर और कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा शून्य माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। नेशनल एयर मॉनीटरिंग प्रोग्राम की समन्वयक डॉ. अनामिका त्रिपाठी ने बताया कि यह स्तर अपने आप में रिकॉर्ड है। वायु मंडल में इतने सकारात्मक परिणाम कभी नहीं आए हैं। कार्बन मोनो ऑक्साइड किसी चीज के जलने पर ही होती है और अब सभी गतिविधियां बंद हैं। इसकी वजह से इतना अच्छा एयर क्वालिटी इंडेक्स कभी नहीं हो सकता है। यदि हम अपनी सभी गतिविधियों को जारी कर इसके अन्य उपाय तलाश कर वायु गुणवत्ता सूचकांक को हरे या पीले रंग में रखेंगे तब भी हम अच्छे से रह सकते हैं।
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