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देश में चौथे स्थान पर पहुंचा मुरादाबाद के प्रदूषण का स्तर
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मुरादाबाद। धुंध और ठंड बढ़ने के साथ शहर की हवाओं में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगा है। पिछले तीन दिन से वातावरण में भारी कणों की मात्रा उच्चतम स्तर पांच सौ माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर पर है। इसकी वजह से देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शुमार हो रहा है। गुरुवार शाम आठ बजे मुरादाबाद देश के चौथे प्रदूषित शहर के स्तर पर पहुंच गया। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि मौसम के असर की वजह से प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी हो रही है।
शहर की गलियों में धधकने वाली अवैध पीतल भट्ठियां, ई-कचरा आदि की वजह से मुरादाबाद के वायु प्रदूषण लाल और मैरून रंग पर चल रहा है। यही वजह से गुरुवार शाम चार बजे से ही आसमान में धुंध की परत छाने लगी थी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर पांच सौ, औसत 382 और न्यूनतम 239, पीएम 10 का अधिकतम स्तर पांच सौ, औसत 363 और न्यूनतम 167 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का अधिकतम स्तर 147, औसत 82 और न्यूनतम 28 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विकास मिश्र ने बताया कि शहर में यातायात और औद्योगिक क्षेत्र भी है, लेकिन यह मौसम का प्रभाव ज्यादा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। हवा की गति धीमी होने की वजह से वातावरण से भारी कण जमे हुए हैं। जब हवा की गति बढ़ेगी तो प्रदूषण का स्तर कम हो जाएगा। शहर में पानी का छिड़काव नियमित रूप से करवाया जा रहा है।
शहर एक्यूआई
मुजफ्फर नगर 434
कानपुर 433
लखनऊ 424
मुरादाबाद 382
गाजियाबाद 379
पटना 378
बुलंदशहर 376
बागपत 363
ग्रेटर नोएडा 363
फतेहाबाद 363
यमुनानगर 362
नोएडा 360
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शहर की गलियों में धधकने वाली अवैध पीतल भट्ठियां, ई-कचरा आदि की वजह से मुरादाबाद के वायु प्रदूषण लाल और मैरून रंग पर चल रहा है। यही वजह से गुरुवार शाम चार बजे से ही आसमान में धुंध की परत छाने लगी थी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर पांच सौ, औसत 382 और न्यूनतम 239, पीएम 10 का अधिकतम स्तर पांच सौ, औसत 363 और न्यूनतम 167 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का अधिकतम स्तर 147, औसत 82 और न्यूनतम 28 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विकास मिश्र ने बताया कि शहर में यातायात और औद्योगिक क्षेत्र भी है, लेकिन यह मौसम का प्रभाव ज्यादा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। हवा की गति धीमी होने की वजह से वातावरण से भारी कण जमे हुए हैं। जब हवा की गति बढ़ेगी तो प्रदूषण का स्तर कम हो जाएगा। शहर में पानी का छिड़काव नियमित रूप से करवाया जा रहा है।
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शहर एक्यूआई
मुजफ्फर नगर 434
कानपुर 433
लखनऊ 424
मुरादाबाद 382
गाजियाबाद 379
पटना 378
बुलंदशहर 376
बागपत 363
ग्रेटर नोएडा 363
फतेहाबाद 363
यमुनानगर 362
नोएडा 360