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ओवरहेड टैंक की लाइन में मिले तीन मरे हुए बंदरों के शव
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मुरादाबाद। नगर निगम परिसीमन के गांव धीमरी में जलापूर्ति की लाइन में तीन बंदर के शव फंसे हुए मिलने के बाद हड़कंप मच गया। यहां घरों में तीन दिन से बदबूदार जलापूर्ति में भूरे बाल आने की शिकायत लोग कर रहे थे। शुक्रवार को जलकल विभाग के कर्मचारियों ने पानी की लाइन की खोदाई की तो चौंकाने वाला दृश्य सामने था। एक-एक करके तीन बंदरों के गल चुके शव निकाले गए। इसके बाद लोग इकट्ठा हो गए और हंगामा किया। लोगों को शांत कराने के बाद जलकल विभाग की टीम ने पानी की लाइन में जाली लगाई है, ताकि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
बीस हजार की आबादी वाले धीमरी गांव में मैनाठेर के ओवरहेड टैंक से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। गांव में तीन दिन से पानी में बदबू आ रही थी। भूरे रंग के बाल मिल रहे थे। इसकी शिकायत मेयर विनोद अग्रवाल और जलकल विभाग से की गई। शुक्रवार को विभाग की टीम धीमरी में अंबेडकर पार्क के पास पहुंची। विभाग के सुपरवाइजर राजू और महताब ने मजदूरों से गड्ढा खोदवाया गया। पाइप सामने आया तो आठ इंच की पाइप में कुछ फं सा हुआ सा महसूस किया गया। पाइप को काटा गया तो उसमें बंदरों के शव मिले। एक साथ तीन बंदर देखकर जलकल विभाग के कर्मचारी और स्थानीय लोग भी हैरान रह गए। नई पानी की लाइन डालने के बाद बंदरों के इन शवों को बोरे से ढककर दफना दिया गया।
ओवरहेड टैंक में गिरकर पाइप लाइन में फंसे
जलकल विभाग की टीम ने पूरे मामले की पड़ताल की तो ओवर हेड टैंक की जाली टूटी मिली। माना जा रहा है कि बंदर ओवर हेड टैंक में गिरे और उसके बाद पानी के प्रेशर के साथ जाकर पाइप लाइन में फंस गए। इसी के मद्देनजर जलकल विभाग की टीम ने टंकी की सफ ाई करके उस पर नई जाली लगा दी है।
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क्या कहा
यह बड़ी लापरवाही है। लोगों की तबीयत बिगड़ सकती थी। हिंदु आबादी रहती है। लोगों को बंदरों के अवशेष वाला पानी ही पिलाया जा रहा था। - अजित सोनकर, नागरिक
बदबूदार पानी की आपूर्ति के बाद आज खोदाई हुई है तो हकीकत सामने आई। यह बर्दाश्त करने लायक बात नहीं है। कुछ लोगों को उल्टियां तक हुईं।
- विक्की, नागरिक
मामला बेहद गंभीर है। मैं पूरे प्रकरण जांच कराता हूं। आखिर यह चूक कैसे हुई कि बंदर टंकी के भीतर पहुंच गए। जो भी इसका दोषी होगा, कार्रवाई की जाएगी- संजय चौहान, नगरायुक्त
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बीस हजार की आबादी वाले धीमरी गांव में मैनाठेर के ओवरहेड टैंक से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। गांव में तीन दिन से पानी में बदबू आ रही थी। भूरे रंग के बाल मिल रहे थे। इसकी शिकायत मेयर विनोद अग्रवाल और जलकल विभाग से की गई। शुक्रवार को विभाग की टीम धीमरी में अंबेडकर पार्क के पास पहुंची। विभाग के सुपरवाइजर राजू और महताब ने मजदूरों से गड्ढा खोदवाया गया। पाइप सामने आया तो आठ इंच की पाइप में कुछ फं सा हुआ सा महसूस किया गया। पाइप को काटा गया तो उसमें बंदरों के शव मिले। एक साथ तीन बंदर देखकर जलकल विभाग के कर्मचारी और स्थानीय लोग भी हैरान रह गए। नई पानी की लाइन डालने के बाद बंदरों के इन शवों को बोरे से ढककर दफना दिया गया।
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ओवरहेड टैंक में गिरकर पाइप लाइन में फंसे
जलकल विभाग की टीम ने पूरे मामले की पड़ताल की तो ओवर हेड टैंक की जाली टूटी मिली। माना जा रहा है कि बंदर ओवर हेड टैंक में गिरे और उसके बाद पानी के प्रेशर के साथ जाकर पाइप लाइन में फंस गए। इसी के मद्देनजर जलकल विभाग की टीम ने टंकी की सफ ाई करके उस पर नई जाली लगा दी है।
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क्या कहा
यह बड़ी लापरवाही है। लोगों की तबीयत बिगड़ सकती थी। हिंदु आबादी रहती है। लोगों को बंदरों के अवशेष वाला पानी ही पिलाया जा रहा था। - अजित सोनकर, नागरिक
बदबूदार पानी की आपूर्ति के बाद आज खोदाई हुई है तो हकीकत सामने आई। यह बर्दाश्त करने लायक बात नहीं है। कुछ लोगों को उल्टियां तक हुईं।
- विक्की, नागरिक
मामला बेहद गंभीर है। मैं पूरे प्रकरण जांच कराता हूं। आखिर यह चूक कैसे हुई कि बंदर टंकी के भीतर पहुंच गए। जो भी इसका दोषी होगा, कार्रवाई की जाएगी- संजय चौहान, नगरायुक्त