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Moradabad News: बंदरों का आतंक... एक हफ्ते में दो दर्जन से अधिक लोग घायल
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पाकबड़ा। थानाक्षेत्र के माैढ़ा तैय्या गांव में बंदरों के आंतक से लोग दहशत में हैं। पिछले एक सप्ताह में बंदरों के हमले में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। बच्चों और बुजुर्गों का घर से अकेले निकलना मुश्किल हो गया है। बंदरों को नहीं पकड़े जाने पर लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
गांव निवासी महिला हुकुमदई चारपाई पर लेटी थीं। इसी दौरान एक बंदर घर के अंदर घुस आया और उनके हाथ में दो जगह काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उनकी चीख-पुकार सुनकर पोते दीपक मौके पर पहुंचे और बंदर को भगाया।
रिटायर्ड फौजी रामकुमार सिंह घर में घूम रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए बंदर ने उनकी कमर में काट लिया। उन्होंने किसी तरह खुद को बंदर से बचाया।
गांव की सुशीला देवी पर रास्ते में बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया और घायल कर दिया। किराना दुकानदार बंटी सिंह ने बताया कि बंदरों के झुंड रोजाना दुकान पर पहुंच जाते हैं और सामान उठाकर ले जाते हैं। कई बार बंदर छोटे बच्चों के हाथ से भी सामान छीनकर भाग जाते हैं। चौधरी सुदेश ने कहा कि बंदरों के कारण बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना बंद हो गया है।
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गांव निवासी महिला हुकुमदई चारपाई पर लेटी थीं। इसी दौरान एक बंदर घर के अंदर घुस आया और उनके हाथ में दो जगह काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उनकी चीख-पुकार सुनकर पोते दीपक मौके पर पहुंचे और बंदर को भगाया।
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रिटायर्ड फौजी रामकुमार सिंह घर में घूम रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए बंदर ने उनकी कमर में काट लिया। उन्होंने किसी तरह खुद को बंदर से बचाया।
गांव की सुशीला देवी पर रास्ते में बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया और घायल कर दिया। किराना दुकानदार बंटी सिंह ने बताया कि बंदरों के झुंड रोजाना दुकान पर पहुंच जाते हैं और सामान उठाकर ले जाते हैं। कई बार बंदर छोटे बच्चों के हाथ से भी सामान छीनकर भाग जाते हैं। चौधरी सुदेश ने कहा कि बंदरों के कारण बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना बंद हो गया है।
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