फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Minors drowning in crime

Moradabad News: अपराध के दलदल में धंस रहे नाबालिग

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2024 06:51 AM IST
विज्ञापन
Minors drowning in crime
मुरादाबाद। हिंसात्मक और आपराधिक पृष्ठभूमि वाली फिल्मों और वेबसीरीज देखकर दबंग दिखने और वर्चस्व स्थापित करने के लिए नाबालिग अपराध की दुनिया में कदम रख रहे हैं। पढ़ने-लिखने की उम्र में हथियार उठा रहे हैं। पुलिस के लिए नई चुनौती बन रहे नाबालिगों की गैंग में वर्दीधारियों के बेटे भी शामिल हैं।
विज्ञापन

उम्र में भले ही इस गैंग के सदस्य छोटे हैं, लेकिन देसी बम बनाने में माहिर हैं। इनके बीच वर्चस्व की जंग में एक किशोर की जान तक जा चुकी है। एसएसपी आवास के पास हुई फायरिंग और बमबाजी में एक युवक का हाथ उड़ गया था। हैरान करने वाली बात है कि नाबालिग केवल लड़ाई-झगड़े तक ही सीमित नहीं हैं। हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध करने में भी इनके कदम पीछे नहीं हट रहे हैं। इन घटनाओं ने समाज को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।
विज्ञापन

--------

हिमगिरी कॉलोनी में घर पर देसी बम से हमला और फायरिंग

सिविल लाइसं थाना क्षेत्र की हिमगिरी कॉलोनी में 14 दिसंबर 2023 की रात किशोर और युवकों ने एक घर पर देसी बम से हमला किया था। इस दौरान फायरिंग भी की थी। पुलिस ने इस मामले में दरोगा के बेटे और उसके साथियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से तमंचा, देसी बम और अन्य सामान बरामद किया था। बाइक टकराने के विवाद में आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


---

एसएसपी आवास के पास ही भिड़े गए थे दो गुट

शहर में पनप रहे नए गैंग के सदस्यों ने 15 सितंबर 2023 की रात एसएसपी आवास के पास बमबाजी और फायरिंग की थी। इस वारदात में भी नाबालिग शामिल थे। कुछ दिन पहले ही दो पक्षों में हुए विवाद के दौरान एक युवक की वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने में यह वारदात हुई थी। इसमें पुलिसकर्मियों के बच्चे भी शामिल थे।

----

सोशल मीडिया पर टिप्पणी के विवाद में ली थी किशोर की जान

मझोला के लाइनपार मंडी समिति के पास पांच जून 2021 को युवाओं के दो गुट भिड़ गए थे। इस दौरान देसी बम और फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था। इस घटना में कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले देव कश्यप नाम के किशोर की जान चली गई थी। घटना के समय देव अपने साथियों के साथ लाइनपार में घूमने गया था। वहां दूसरे गुट के किशोरों ने उसे घेर लिया था। पुलिस की जांच में सामने आया था कि सोशल मीडिया पर एक फोटो पर टिप्पणी करने को लेकर विवाद हुआ था। आरोपी किशोर पर माफी मांगने का दबाव बना रहे थे।

--

वर्चस्व की जंग में बुद्धि विहार में 11वीं के छात्र को मारी थी गोली

मझोला के बुद्धि विहार में मंगलवार की रात 11वीं के छात्र वैभव को गोली मार दी गई थी। घटना के समय वैभव अपने साथी आयुष के साथ घूमने के लिए घर से निकला था। इसी दौरान आरोपी अंकित और उसके साथी आ गए थे। उन्होंने वैभव और उसके साथी को घेर लिया था। दोनों पक्षों में पिछले 15 दिन से विवाद चल रहा था। इस मामले में पुलिस ने अंकित यदुवंशी और सुमित को गिरफ्तार किया था। अंकित और वैभव के बीच विवाद हुआ था। जिसमें वैभव और उसके साथियों ने अंकित के भाई की पिटाई कर दी थी।

-----------

अपने बच्चों से नियमित करें बातचीत

मनो चिकित्सक डॉ. नीरज गुप्ता का कहना है कि नाबालिग और युवाओं का अपराध में शामिल होना समाज के लिए चिंता का विषय है। लोगों को ये समझाना बहुत जरूरी है कि नाबालिग किन कारणों से ऐसा कर रहे हैं। सभी माता-पिता अपने बच्चों की हर गतिविधि पर ध्यान रखें।कहीं आपका बच्चा किसी अपराधी या गलत व्यक्ति के संपर्क में तो नहीं हैं। उसके बारे में जानकारी होना जरूरी है। बच्चों से नियमित बातचीत करनी चाहिए। उन्हें अच्छाई-बुराई के बारे में समझाएं। जब मां-बाप और बच्चों के बीच संवाद नहीं होता है तो बच्चे दूसरे लोगों के संपर्क में आ जाते हैं। पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए वह छोटे-मोटे अपराध कर देते हैं। इसके बाद जघन्य अपराधों में लिप्त हो जाते हैं।

000

नाबालिगों के अपराध में शामिल होने के कई कारण हैं, लेकिन वर्तमान दौर में सोशल मीडिया का दुरुपयोग बड़ा कारण है। इसके लिए युवा गैंगस्टर और अपराधियों को अपना रोल मॉडल मान रहे हैं। इसके लिए अभिभावकों को देखना चाहिए ही उनके बच्चे किससे प्रभावित हो रहे हैं। बच्चों को सफल टीचर, वैज्ञानिक, अफसरों की कहानियां सुनाएं और पढ़ाएं। अभिभावकों को अपने बच्चों के दोस्तों के बारे में भी जानना चाहिए। - सतपाल अंतिल, एसएसपी


--

राजकीय संप्रेक्षण गृह में बंद हैं 115 किशोर

सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह में 115 किशोर बंद हैं। डीपीओ अनुराग श्याम रस्तोगी ने बताया कि संप्रेक्षण गृह में मुरादाबाद के अलावा अमरोहा, संभल, बिजनौर और रामपुर के किशोर हैं। ये किशोर लूट, हत्या, दुष्कर्म, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाओं में लिप्त पाए गए हैं। किशोरों की लगातार पढ़ाई और काउंसिलिंग भी कराई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed