{"_id":"65f211127417d382980d0a2c","slug":"mentha-farmers-can-also-get-subsidy-on-export-moradabad-news-c-15-1-mbd1026-362933-2024-03-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: मेंथा किसानों को भी निर्यात पर मिल सकेगा अनुदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: मेंथा किसानों को भी निर्यात पर मिल सकेगा अनुदान
विज्ञापन
मुरादाबाद। मेंथा निर्यातकों के लिए अच्छी खबर है। अब वह भी निर्यात पर अनुदान ले सकेंगे। शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। प्रभारी सहायक कृषि विपणन अधिकारी आशीष कुमार गुप्ता ने बताया कि जिले व इससे सटे जिलों के तमाम किसान मेंथा की खेती करते हैं। उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति-2019 के तहत अभी तक मेंथा निर्यातकों को अनुदान नहीं मिलता था।
जबकि आम, हरी सब्जियों, शहद, बासमती राइस, गुण समेत कई उत्पादों का निर्यात करने वाले किसानों को वायु एवं जल मार्ग से निर्यात पर 10 रुपये प्रति किलोग्राम अथवा वास्तविक भाड़े का 25 प्रतिशत (जो भी कम हो) मिलता था। सड़क व रेल मार्ग से निर्यात पर पांच रुपये प्रतिकिलोग्राम की दर से अनुदान मिलता है। इसके लिए कृषि विपणन विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होता है। मेंथा के एपीडा में रजिस्ट्रर्ड न होने के कारण अनुदान का लाभ अभी तक मेंथा किसानों को नहीं मिल पा रहा था लेकिन यह लाभ अब उन्हें भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि मेंथा को इसमें शामिल करते हुए शासन ने इसका आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने मेंथा उत्पादकों से इसका लाभ लेने के लिए कृषि विपण विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराने की अपील की है।
विज्ञापन
जबकि आम, हरी सब्जियों, शहद, बासमती राइस, गुण समेत कई उत्पादों का निर्यात करने वाले किसानों को वायु एवं जल मार्ग से निर्यात पर 10 रुपये प्रति किलोग्राम अथवा वास्तविक भाड़े का 25 प्रतिशत (जो भी कम हो) मिलता था। सड़क व रेल मार्ग से निर्यात पर पांच रुपये प्रतिकिलोग्राम की दर से अनुदान मिलता है। इसके लिए कृषि विपणन विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होता है। मेंथा के एपीडा में रजिस्ट्रर्ड न होने के कारण अनुदान का लाभ अभी तक मेंथा किसानों को नहीं मिल पा रहा था लेकिन यह लाभ अब उन्हें भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि मेंथा को इसमें शामिल करते हुए शासन ने इसका आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने मेंथा उत्पादकों से इसका लाभ लेने के लिए कृषि विपण विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराने की अपील की है।
विज्ञापन