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कीटनाशक पदार्थ खाने से एमबीए के छात्र की मौत
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बिलारी के कनोबी गांव निवासी मृतक छात्र विंटेश का फाइल फोटो
- फोटो : BILARI
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बिलारी। कोतवाली के कनोबी गांव निवासी एमबीए के छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में कीटनाशक पदार्थ खाने से मौत हो गई। बेहोश हालत में छात्र को सीएचसी में लाते ही डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर मृतक का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कनोबी गांव निवासी किसान रामरतन का बेटा विंटेश कुमार 24 वर्ष आईएफटीएम मुरादाबाद में एमबीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह घर रहने के दौरान अपने पिता के साथ खेती-बाड़ी में भी हाथ बंटाता था। शनिवार सुबह वह खेत पर काम करने चला गया और दोपहर बाद लगभग तीन बजे वापस घर लौटा। रामरतन पांच दिन पहले से एक रिश्तेदारी में गए हुए थे और उनका बड़ा बेटा सुखवीर चीनी मिल में सीजनल मजदूर के तौर पर काम करने गया था। घर पर विटेश कुमार की माता शीला और अविवाहित बहन नीरज मौजूद थी।
विंटेश के भाई सुखवीर ने बताया कि शनिवार शाम पांच बजे विंटेश ने उसके मोबाइल पर फोन करके बताया कि उसने कीटनाशक पदार्थ खा लिया है और वह गंभीर हालत में सुजानपुर गांव के पास पड़ा है। सुखवीर और अन्य परिजन जब मौके पर पहुंचे तब बिलारी जरगांव रोड पर थाना सोनकपुर क्षेत्र में सुजानपुर गांव के निकट सड़क किनारे विंटेश बेहोशी की हालत में पड़ा मिला।
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विंटेश को पहले तो परिजन रेलवे ओवरब्रिज ढकिया नरू के निकट स्थित एक निजी चिकित्सक के यहां इलाज के लिए ले गए। हालत गंभीर देख जब निजी चिकित्सक ने इलाज करने में असमर्थता दिखाई तब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलारी ले गए।
सीएचसी में चिकित्सक ने देखते ही विंटेश को मृत घोषित कर दिया और कोतवाली बिलारी को मीमो के जरिए सूचना भेज दी। पुलिस ने तत्काल सीएचसी पहुंचकर मृतक का शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाली प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि कनोबी निवासी एक युवक की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो जाने की सूचना मिली थी। मृतक के शव को उसकी मौत का सही कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है। हालांकि मृतक विंटेश के पिता रामरतन और माता शीला ने घर में किसी प्रकार की कोई कलह होने से स्पष्ट इंकार किया है। विंटेश ने कीटनाशक पदार्थ क्यों खाया इसकी वजह स्पष्ट नही हो पाई है।
विंटेश अभी अविवाहित था और किसी कंपनी में नौकरी पाने के बाद अपनी शादी करने को कहता था। परिवार में माता पिता और बड़े भाई के अलावा अविवाहित बहन नीरज भी है। विंटेश की सरकारी अस्पताल बिलारी में मौत हो जाने की खबर मिलने पर अनेक ग्रामीण यहां आ गए। छात्र के शव के पास उसके वृद्घ माता पिता और भाई बहन रो रोकर बेहाल थे।
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कनोबी गांव निवासी किसान रामरतन का बेटा विंटेश कुमार 24 वर्ष आईएफटीएम मुरादाबाद में एमबीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह घर रहने के दौरान अपने पिता के साथ खेती-बाड़ी में भी हाथ बंटाता था। शनिवार सुबह वह खेत पर काम करने चला गया और दोपहर बाद लगभग तीन बजे वापस घर लौटा। रामरतन पांच दिन पहले से एक रिश्तेदारी में गए हुए थे और उनका बड़ा बेटा सुखवीर चीनी मिल में सीजनल मजदूर के तौर पर काम करने गया था। घर पर विटेश कुमार की माता शीला और अविवाहित बहन नीरज मौजूद थी।
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विंटेश के भाई सुखवीर ने बताया कि शनिवार शाम पांच बजे विंटेश ने उसके मोबाइल पर फोन करके बताया कि उसने कीटनाशक पदार्थ खा लिया है और वह गंभीर हालत में सुजानपुर गांव के पास पड़ा है। सुखवीर और अन्य परिजन जब मौके पर पहुंचे तब बिलारी जरगांव रोड पर थाना सोनकपुर क्षेत्र में सुजानपुर गांव के निकट सड़क किनारे विंटेश बेहोशी की हालत में पड़ा मिला।
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विंटेश को पहले तो परिजन रेलवे ओवरब्रिज ढकिया नरू के निकट स्थित एक निजी चिकित्सक के यहां इलाज के लिए ले गए। हालत गंभीर देख जब निजी चिकित्सक ने इलाज करने में असमर्थता दिखाई तब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलारी ले गए।
सीएचसी में चिकित्सक ने देखते ही विंटेश को मृत घोषित कर दिया और कोतवाली बिलारी को मीमो के जरिए सूचना भेज दी। पुलिस ने तत्काल सीएचसी पहुंचकर मृतक का शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाली प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि कनोबी निवासी एक युवक की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो जाने की सूचना मिली थी। मृतक के शव को उसकी मौत का सही कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है। हालांकि मृतक विंटेश के पिता रामरतन और माता शीला ने घर में किसी प्रकार की कोई कलह होने से स्पष्ट इंकार किया है। विंटेश ने कीटनाशक पदार्थ क्यों खाया इसकी वजह स्पष्ट नही हो पाई है।
विंटेश अभी अविवाहित था और किसी कंपनी में नौकरी पाने के बाद अपनी शादी करने को कहता था। परिवार में माता पिता और बड़े भाई के अलावा अविवाहित बहन नीरज भी है। विंटेश की सरकारी अस्पताल बिलारी में मौत हो जाने की खबर मिलने पर अनेक ग्रामीण यहां आ गए। छात्र के शव के पास उसके वृद्घ माता पिता और भाई बहन रो रोकर बेहाल थे।