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622 जोड़ों ने जीवन भर के लिए थामा एक-दूसरे का हाथ
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पंचायत भवन में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह कार्यक्रम में निकाह नामा पर साइन करती दुल्हन।
मुरादाबाद। पंचायत भवन में गुरुवार को माहौल पूरा बदला हुआ था। वैदिक मंत्रों के उच्चारण की गूंज के अलावा काजी निकाह पढ़वा रहे थे। फूलों और व्यंजनों की खुशबू से परिसर महक रहा था। बैंड-बाजों पर धुनें बज रही थीं। अवसर था जिला पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह का, जिसमें 622 जोड़ों ने जीवनभर के लिए एक-दूसरे का हाथ थाम लिया। हिंदू समुदाय के 444 जोड़ों ने सात फेरे लिए तो मुस्लिम समुदाय के 178 जोड़ों ने एक-दूसरे का साथ कुबूल किया। समारोह में आठ विकास खंडों से 559 और छह नगर पंचायतों से 63 जोड़ों ने हिस्सा लिया।
शादियां हिंदू और मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार कराई गईं। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री पंचायतीराज चौधरी भूपेंद्र सिंह तथा जिला पंचायत अध्यक्ष मिथलेश रानी, जिलाधिकारी राकेश कुमार ने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने सभी को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, जल संरक्षण और स्वच्छता अभियान के तहत अपने आस-पास के क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने का संकल्प दिलाया। चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि योजना के अंतर्गत विभिन्न समुदाय और धर्मों के रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न कराए जाते हैं। जीवन में खुशहाली और गृहस्थी की स्थापना के लिए एक जोड़े के विवाह पर कुल 51 हजार रुपये खर्च करने की व्यवस्था है। मिथलेश रानी ने कहा कि प्रदेश सरकार का सराहनीय और ऐतिहासिक कार्य है। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह का कहना है कि सभी पंजीकृत जोड़ों को प्रमाण पत्र दे दिया गया है, लेकिन कुछ जोड़े विवाह समारोह में सीधे पहुंच गए थे। इनका सत्यापन हो चुका है। उनके फार्म पर सचिव की रिपोर्ट लगी हुई। इसलिए उनकी शादी करवाई गई, लेकिन प्रमाण पत्र और सामान नहीं दिया गया। इन जोड़ों का पुन: सत्यापन कराकर प्रमाण पत्र और सामान ब्लाक से दे दिया जाएगा। सुनील कुमार ने कहा कि हो सकता है कि इतने बड़े समारोह में एक-दो जोड़ों को कुछ सामान नहीं मिला हो, लेकिन सभी को सामान पहुंचाने का प्रयास किया है। ।
21 पुरोहितों ने कराई शादी
विवाह संस्कार गायत्री परिवार की ओर से पंडित कल्पेश उनियाल के नेतृत्व में 21 पुरोहितों ने मंत्रोच्चारण के साथ कराया, जबकि निकाह पढ़वाने के लिए दस काजी आए थे
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अधिकारियों ने खुद संभाली व्यवस्था
622 जोड़ों की शादी होने की वजह से परिसर खचाखच भरा था। नवविवाहितों के साथ उनके परिजनों और रिश्तेदारों के लिए खाने की व्यवस्था की गई थी। भोजन के समय कोई अव्यवस्था न हो, इसका अधिकारियों ने खास ख्याल रखा। सभी जोड़ों के पास पर्चियां पहुंचा दी गईं। पहले परिजनों को खाने के लिए आमंत्रित किया गया और फिर नवविवाहितों ने भोजन ग्रहण किया। खाना खाते समय आपाधापी न मचे, इसके लिए वह माइक से बराबर निर्देश देते रहे।
कई को नहीं मिला सेहरा, कोई माला से महरूम, सामान भी मिला कम
विवाह समारोह में पंजीकृत जोड़ों से अधिक के पहुंच जाने की वजह से वरमाला और सेहरे कम पड़ गए। उधर गांव मोहनपुर की शांति ने बताया कि बिलारी में उसकी बेटी राजबाला की रवि के साथ हुई शादी का पंजीकरण फार्म जमा किया था। यहां पर गांव की आशा लेकर आई थी। यहां बेटी की शादी तो हो गई, लेकिन रसीद नहीं होने की वजह से सामान नहीं दिया गया। फरवरी में परिजनों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में बेटी की शादी करनी है, ऐसे में सरकारी मदद मिल पाएगी, इसकी चिंता हो रही है।
सरकारी मदद से 1491 की शादी
जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मुरादाबाद में पहली बार इतना बड़ा समारोह हुआ है। 35 हजार रुपये नकद, दस हजार रुपये का सामान मिलने की वजह से जनता में सामूहिक समारोह में शादी कराने का रुझान बढ़ा है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 1491 शादियां हुई हैं। ब्लाक स्तर पर छोटे-छोटे समारोह में 549 जोड़ों की, नगर निगम की ओर से 320 जोड़ों की और गुरुवार को 622 जोड़ों की शादियां हुई हैं।
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शादियां हिंदू और मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार कराई गईं। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री पंचायतीराज चौधरी भूपेंद्र सिंह तथा जिला पंचायत अध्यक्ष मिथलेश रानी, जिलाधिकारी राकेश कुमार ने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने सभी को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, जल संरक्षण और स्वच्छता अभियान के तहत अपने आस-पास के क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने का संकल्प दिलाया। चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि योजना के अंतर्गत विभिन्न समुदाय और धर्मों के रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न कराए जाते हैं। जीवन में खुशहाली और गृहस्थी की स्थापना के लिए एक जोड़े के विवाह पर कुल 51 हजार रुपये खर्च करने की व्यवस्था है। मिथलेश रानी ने कहा कि प्रदेश सरकार का सराहनीय और ऐतिहासिक कार्य है। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह का कहना है कि सभी पंजीकृत जोड़ों को प्रमाण पत्र दे दिया गया है, लेकिन कुछ जोड़े विवाह समारोह में सीधे पहुंच गए थे। इनका सत्यापन हो चुका है। उनके फार्म पर सचिव की रिपोर्ट लगी हुई। इसलिए उनकी शादी करवाई गई, लेकिन प्रमाण पत्र और सामान नहीं दिया गया। इन जोड़ों का पुन: सत्यापन कराकर प्रमाण पत्र और सामान ब्लाक से दे दिया जाएगा। सुनील कुमार ने कहा कि हो सकता है कि इतने बड़े समारोह में एक-दो जोड़ों को कुछ सामान नहीं मिला हो, लेकिन सभी को सामान पहुंचाने का प्रयास किया है। ।
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21 पुरोहितों ने कराई शादी
विवाह संस्कार गायत्री परिवार की ओर से पंडित कल्पेश उनियाल के नेतृत्व में 21 पुरोहितों ने मंत्रोच्चारण के साथ कराया, जबकि निकाह पढ़वाने के लिए दस काजी आए थे
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अधिकारियों ने खुद संभाली व्यवस्था
622 जोड़ों की शादी होने की वजह से परिसर खचाखच भरा था। नवविवाहितों के साथ उनके परिजनों और रिश्तेदारों के लिए खाने की व्यवस्था की गई थी। भोजन के समय कोई अव्यवस्था न हो, इसका अधिकारियों ने खास ख्याल रखा। सभी जोड़ों के पास पर्चियां पहुंचा दी गईं। पहले परिजनों को खाने के लिए आमंत्रित किया गया और फिर नवविवाहितों ने भोजन ग्रहण किया। खाना खाते समय आपाधापी न मचे, इसके लिए वह माइक से बराबर निर्देश देते रहे।
कई को नहीं मिला सेहरा, कोई माला से महरूम, सामान भी मिला कम
विवाह समारोह में पंजीकृत जोड़ों से अधिक के पहुंच जाने की वजह से वरमाला और सेहरे कम पड़ गए। उधर गांव मोहनपुर की शांति ने बताया कि बिलारी में उसकी बेटी राजबाला की रवि के साथ हुई शादी का पंजीकरण फार्म जमा किया था। यहां पर गांव की आशा लेकर आई थी। यहां बेटी की शादी तो हो गई, लेकिन रसीद नहीं होने की वजह से सामान नहीं दिया गया। फरवरी में परिजनों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में बेटी की शादी करनी है, ऐसे में सरकारी मदद मिल पाएगी, इसकी चिंता हो रही है।
सरकारी मदद से 1491 की शादी
जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मुरादाबाद में पहली बार इतना बड़ा समारोह हुआ है। 35 हजार रुपये नकद, दस हजार रुपये का सामान मिलने की वजह से जनता में सामूहिक समारोह में शादी कराने का रुझान बढ़ा है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 1491 शादियां हुई हैं। ब्लाक स्तर पर छोटे-छोटे समारोह में 549 जोड़ों की, नगर निगम की ओर से 320 जोड़ों की और गुरुवार को 622 जोड़ों की शादियां हुई हैं।