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Moradabad News: मदरसा प्रबंधन से विदेशी फंडिंग से जुड़े छह बिंदुओं पर मांगा जवाब
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मुरादाबाद। कौमार्य प्रमाणपत्र मांगकर विवादों में घिरे मदरसा जामिया एहसान-उल-बनात के प्रबंधन से जांच कमेटी ने विदेशी फंडिंग से जुड़े बिंदुओं पर जवाब मांगा है। कमेटी मदरसा के बैंक खातों की भी जांच कर रही है।
डीएम अनुज सिंह ने लोधीपुर स्थित मदरसा जामिया एहसान-उल-बनात की विदेशी फंडिंग मामले में एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की है। टीम में मुख्य कोषाधिकारी रेनू बौद्ध के अलावा एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह भी शामिल हैं। जांच टीम ने इस मामले में दो दिन पहले बैठक की थी। जांच अधिकारियों ने मदरसा प्रबंधन से फंडिंग के बाबत छह बिंदुओं पर जवाब मांगा है। कमेटी मदरसे के खातों के कुछ रिकार्ड की जांच कर चुकी है। इस मामले में एडीएम प्रशासन संगीता गौतम ने मदरसा प्रबंधन से छह बिंदुओं पर जवाब मांगा है। जवाब मिलने के बाद जांच आगे बढ़ेगी।
एसडीएम और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसे के रिकार्डों की जांच की थी। पुलिस ने कौमार्य प्रमाणपत्र मांगने के मामले में एडमिशन सेल के प्रभारी एवं बिहार के पूर्णिया जिले के रानी पत्रा थानाक्षेत्र के पुरखरिया निवासी मो. शाहजहां को गिरफ्तार किया था। पुलिस प्रधानाचार्य रहनुमा और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। अभी तक पुलिस की टीम इस मामले में अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
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यह था मामला
- चंडीगढ़ के मनीमाजरा क्षेत्र में रहने वाले टेलर ने वर्ष 2024 को अपनी बेटी का दाखिला पाकबड़ा थानाक्षेत्र के लोधीपुर राजपूत स्थित मदरसा जामिया एहसान-उल-बनात में कक्षा सात में कराया था। इस साल 16 जुलाई को टेलर बेटी को चंडीगढ़ ले गया था। टेलर की पत्नी 21 अगस्त को बेटी को लेकर पाकबड़ा के मदरसे पहुंची। आठवीं कक्षा में दाखिला करने के लिए प्रधानाचार्य रहनुमा और एडमिशन सेल प्रभारी मो. शाहजहां से मिलीं। आरोप है कि दोनों ने पहले 35 हजार रुपये जमा करा लिए। इसके बाद कौमार्य प्रमाणपत्र की मांग की गई। बाद में पिता की शिकायत पर पुलिस ने प्रधानाचार्य रहनुमा, एडमिशन सेल के प्रभारी मो. शाहजहां और अन्य स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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डीएम अनुज सिंह ने लोधीपुर स्थित मदरसा जामिया एहसान-उल-बनात की विदेशी फंडिंग मामले में एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की है। टीम में मुख्य कोषाधिकारी रेनू बौद्ध के अलावा एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह भी शामिल हैं। जांच टीम ने इस मामले में दो दिन पहले बैठक की थी। जांच अधिकारियों ने मदरसा प्रबंधन से फंडिंग के बाबत छह बिंदुओं पर जवाब मांगा है। कमेटी मदरसे के खातों के कुछ रिकार्ड की जांच कर चुकी है। इस मामले में एडीएम प्रशासन संगीता गौतम ने मदरसा प्रबंधन से छह बिंदुओं पर जवाब मांगा है। जवाब मिलने के बाद जांच आगे बढ़ेगी।
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एसडीएम और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसे के रिकार्डों की जांच की थी। पुलिस ने कौमार्य प्रमाणपत्र मांगने के मामले में एडमिशन सेल के प्रभारी एवं बिहार के पूर्णिया जिले के रानी पत्रा थानाक्षेत्र के पुरखरिया निवासी मो. शाहजहां को गिरफ्तार किया था। पुलिस प्रधानाचार्य रहनुमा और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। अभी तक पुलिस की टीम इस मामले में अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
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यह था मामला
- चंडीगढ़ के मनीमाजरा क्षेत्र में रहने वाले टेलर ने वर्ष 2024 को अपनी बेटी का दाखिला पाकबड़ा थानाक्षेत्र के लोधीपुर राजपूत स्थित मदरसा जामिया एहसान-उल-बनात में कक्षा सात में कराया था। इस साल 16 जुलाई को टेलर बेटी को चंडीगढ़ ले गया था। टेलर की पत्नी 21 अगस्त को बेटी को लेकर पाकबड़ा के मदरसे पहुंची। आठवीं कक्षा में दाखिला करने के लिए प्रधानाचार्य रहनुमा और एडमिशन सेल प्रभारी मो. शाहजहां से मिलीं। आरोप है कि दोनों ने पहले 35 हजार रुपये जमा करा लिए। इसके बाद कौमार्य प्रमाणपत्र की मांग की गई। बाद में पिता की शिकायत पर पुलिस ने प्रधानाचार्य रहनुमा, एडमिशन सेल के प्रभारी मो. शाहजहां और अन्य स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।